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वन विभाग की एनओसी में पारिजात के कायाकल्प का प्रोजेक्ट फंसा
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:48 PM IST
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वन विभाग की एनओसी में फंसा पारिजात के कायाकल्प का प्रोजेक्ट
बाराबंकी। वन विभाग द्वारा एनओसी (नो आबजेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं देने से ऐतिहासिक पारिजात धाम को संवारने का प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। ऐसे में इस धार्मिक स्थल का कायाकल्प होना संभव नजर नहीं आ रहा है। जिले के 11 धार्मिक स्थलों में पारिजात को छोड़कर अन्य 10 स्थलों पर तेजी के साथ कार्य शुरू हो गए हैं।
केंद्र सरकार ने जिले के 11 धार्मिक स्थलों का कायाकल्प कर उन्हें संवारने के लिए पर्यटन विभाग को साढ़े आठ करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। इन धार्मिक स्थलों में जिले का ऐतिहासिक व महाभारत कालीन पारिजात धाम भी नाम शामिल है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के बरौलिया गांव स्थित ऐतिहासिक पारिजात धाम के चारों ओर कार्यदायी संस्था टीसीआईएल को सोलर लाइटों के साथ रिफलेक्टर लाइटें लगवानी थीं। मगर वन विभाग ने इन लाइटों के लगने से वृक्ष पर गलत प्रभाव पड़ने की बात कहते हुए एनओसी देने से इंकार कर दिया है।
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टीसीआईएल के इंजीनियर मुकेश कुमार पाठक ने बताया कि, पर्यटन विभाग के माध्यम से कई बार वन विभाग को पत्र भेजकर एनओसी मांगी गई है। जवाब में विभाग की ओर से एनओसी देने से लिखित रूप से इंकार कर दिया गया है। ऐसे में पारिजात धाम पर कार्य शुरू होना संभव नहीं है।
वहीं, डीएफओ जावेद अख्तर का कहना है कि, पारिजात पुराना एतिहासिक वृक्ष है। जब तक टेक्निकल व प्रशासनिक अनुमति शासन द्वारा नहीं मिलती है। तब तक ऐसा कार्य नहीं होने दिया जाएगा। जिससे वृक्ष को नुकसान पहुंचे।
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बाराबंकी। वन विभाग द्वारा एनओसी (नो आबजेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं देने से ऐतिहासिक पारिजात धाम को संवारने का प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। ऐसे में इस धार्मिक स्थल का कायाकल्प होना संभव नजर नहीं आ रहा है। जिले के 11 धार्मिक स्थलों में पारिजात को छोड़कर अन्य 10 स्थलों पर तेजी के साथ कार्य शुरू हो गए हैं।
केंद्र सरकार ने जिले के 11 धार्मिक स्थलों का कायाकल्प कर उन्हें संवारने के लिए पर्यटन विभाग को साढ़े आठ करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। इन धार्मिक स्थलों में जिले का ऐतिहासिक व महाभारत कालीन पारिजात धाम भी नाम शामिल है।
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सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के बरौलिया गांव स्थित ऐतिहासिक पारिजात धाम के चारों ओर कार्यदायी संस्था टीसीआईएल को सोलर लाइटों के साथ रिफलेक्टर लाइटें लगवानी थीं। मगर वन विभाग ने इन लाइटों के लगने से वृक्ष पर गलत प्रभाव पड़ने की बात कहते हुए एनओसी देने से इंकार कर दिया है।
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टीसीआईएल के इंजीनियर मुकेश कुमार पाठक ने बताया कि, पर्यटन विभाग के माध्यम से कई बार वन विभाग को पत्र भेजकर एनओसी मांगी गई है। जवाब में विभाग की ओर से एनओसी देने से लिखित रूप से इंकार कर दिया गया है। ऐसे में पारिजात धाम पर कार्य शुरू होना संभव नहीं है।
वहीं, डीएफओ जावेद अख्तर का कहना है कि, पारिजात पुराना एतिहासिक वृक्ष है। जब तक टेक्निकल व प्रशासनिक अनुमति शासन द्वारा नहीं मिलती है। तब तक ऐसा कार्य नहीं होने दिया जाएगा। जिससे वृक्ष को नुकसान पहुंचे।