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30 हजार आबादी को मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
Updated Tue, 20 Feb 2018 11:04 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले की लगभग 30 हजार आबादी को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि 13 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों को किराए के भवन से निजात दिलाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट कर दिया गया है। छह अन्य राजकीय होम्योपैथिक अस्पतालों को भी दस दिन के भीतर संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के भवन में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। सभी 19 अस्पतालों के पीएचसी में शिफ्ट होने से लगभग 30 हजार आबादी को अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलना तय माना जा रहा है। पीएचसी में इन होम्योपैथिक अस्पतालों के जाने से एक तरफ जहां दवाओं का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित हो सकेगा, वहीं मरीजों व तीमारदारों को कई तरह की बेहतर सुविधाएं मुहैया हाेंगी।
जिले में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय ज्यादातर जगहों पर किराए के भवनों में ही संचालित होते आ रहे हैं। इनमें से कई भवन तो अत्यंत जर्जर हो चुके हैं। मरीजों व तीमारदारों को बैठने की समस्या का सामना किराए के इन भवनों में करना पड़ रहा था। कई बार तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती थी कि तीमारदारों की बात तो दूर मरीजों को ही खडे़ रहने को विवश होना पड़ता था। इसके अलावा होम्योपैथिक अस्पतालों के जर्जर भवनों के चलते दवाओं के रखरखाव में भी कठिनाइयां उत्पन्न हो रही थीं। बारिश आदि के समय दवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ने की भी कई बार शिकायत सामने आ चुकी थीं। इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए ही बीते दिनों तय हुआ कि ऐसे सभी अस्पतालों को नजदीकी पीएचसी व सीएचसी में शिफ्ट कर दिया जाए।
इसी निर्णय के तहत बीते दिन एक-एक कर 13 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों को नजदीकी पीएचसी या सीएचसी में शिफ्ट कर दिया गया है। अकबरपुर नगर के गांधीनगर में चल रहे होम्योपैथिक अस्पताल को अकबरपुर पीचएसी में ठौर मिली है तो वहीं शहजादपुर पंडाटोला में चल रहे होम्योपैथिक अस्पताल को पुराने सीएमओ कार्यालय परिसर में शिफ्ट किया गया है। इस बीच सिकंदरपुर अस्पताल को रामनगर, जहांगीरगंज अस्पताल को जहांगीरगंज, रफीगंज को भियांव, मिझौड़ा को कटेहरी, अढ़नपुर को भीटी तथा मुबारकपुर दियरा को मुबारकपुर दियरा स्वास्थ्य केंद्र भवन में अगले दस दिन के भीतर शिफ्ट कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि सभी 19 होम्योपैथिक अस्पतालों के पीएचसी व सीएचसी में शिफ्ट हो जाने से लगभग 30 हजार आबादी को अब स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। कारण यह कि एक होम्योपैथिक अस्पताल पर मोटे तौर पर 1200 से लेकर 1500 तक की आबादी निर्भर रहती है।
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प्रतिमाह बचेंगे 70 हजार रुपये
एक तरफ जहां होम्योपैथिक अस्पतालों के सीएचसी व पीएचसी में शिफ्ट होने से मरीजों व तीमारदारों को बेहतर सुविधा मिलेगी, वहीं विभाग को भी प्रतिमाह 70 हजार रुपये की बचत होगी। दरअसल किराए पर अस्पताल संचालित करने के चलते लगभग 70 हजार रुपये प्रतिमाह का किराया अदा करना पड़ रहा था। स्थानाभाव का संकट अलग से था। इसे देखते हुए ही यह निर्णय लाया गया है।
लाभकारी होगा यह फैसला
पीएचसी व सीएचसी में होम्योपैथिक अस्पतालों के शिफ्ट करने का फैसला अत्यंत ही लाभकारी होगा। मरीजों व तीमारदारों को और अधिक सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी। दवाओं का रखरखाव बेहतर होगा तथा इलाज का माहौल भी और अधिक सुविधाजनक रहेगा।
- डॉ. महेंद्र प्रजापति, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी
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जिले में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय ज्यादातर जगहों पर किराए के भवनों में ही संचालित होते आ रहे हैं। इनमें से कई भवन तो अत्यंत जर्जर हो चुके हैं। मरीजों व तीमारदारों को बैठने की समस्या का सामना किराए के इन भवनों में करना पड़ रहा था। कई बार तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती थी कि तीमारदारों की बात तो दूर मरीजों को ही खडे़ रहने को विवश होना पड़ता था। इसके अलावा होम्योपैथिक अस्पतालों के जर्जर भवनों के चलते दवाओं के रखरखाव में भी कठिनाइयां उत्पन्न हो रही थीं। बारिश आदि के समय दवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ने की भी कई बार शिकायत सामने आ चुकी थीं। इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए ही बीते दिनों तय हुआ कि ऐसे सभी अस्पतालों को नजदीकी पीएचसी व सीएचसी में शिफ्ट कर दिया जाए।
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इसी निर्णय के तहत बीते दिन एक-एक कर 13 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों को नजदीकी पीएचसी या सीएचसी में शिफ्ट कर दिया गया है। अकबरपुर नगर के गांधीनगर में चल रहे होम्योपैथिक अस्पताल को अकबरपुर पीचएसी में ठौर मिली है तो वहीं शहजादपुर पंडाटोला में चल रहे होम्योपैथिक अस्पताल को पुराने सीएमओ कार्यालय परिसर में शिफ्ट किया गया है। इस बीच सिकंदरपुर अस्पताल को रामनगर, जहांगीरगंज अस्पताल को जहांगीरगंज, रफीगंज को भियांव, मिझौड़ा को कटेहरी, अढ़नपुर को भीटी तथा मुबारकपुर दियरा को मुबारकपुर दियरा स्वास्थ्य केंद्र भवन में अगले दस दिन के भीतर शिफ्ट कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि सभी 19 होम्योपैथिक अस्पतालों के पीएचसी व सीएचसी में शिफ्ट हो जाने से लगभग 30 हजार आबादी को अब स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। कारण यह कि एक होम्योपैथिक अस्पताल पर मोटे तौर पर 1200 से लेकर 1500 तक की आबादी निर्भर रहती है।
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प्रतिमाह बचेंगे 70 हजार रुपये
एक तरफ जहां होम्योपैथिक अस्पतालों के सीएचसी व पीएचसी में शिफ्ट होने से मरीजों व तीमारदारों को बेहतर सुविधा मिलेगी, वहीं विभाग को भी प्रतिमाह 70 हजार रुपये की बचत होगी। दरअसल किराए पर अस्पताल संचालित करने के चलते लगभग 70 हजार रुपये प्रतिमाह का किराया अदा करना पड़ रहा था। स्थानाभाव का संकट अलग से था। इसे देखते हुए ही यह निर्णय लाया गया है।
लाभकारी होगा यह फैसला
पीएचसी व सीएचसी में होम्योपैथिक अस्पतालों के शिफ्ट करने का फैसला अत्यंत ही लाभकारी होगा। मरीजों व तीमारदारों को और अधिक सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी। दवाओं का रखरखाव बेहतर होगा तथा इलाज का माहौल भी और अधिक सुविधाजनक रहेगा।
- डॉ. महेंद्र प्रजापति, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी