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मकान बेच की राजनीति और जीत गईं चुनाव
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:01 AM IST
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अब अपने ही मकान में किराए पर रहीं जरवल नपं चेयरमैन
बहराइच/जरवल। जरवल नगर पंचायत की चेयरमैन बनीं तस्लीमा बानो ने मकान को पहले गिरवी रखा फिर बेंच कर राजनीति की। मकान से मिलेे पैसों से गरीबों के सुखदुख में सहयोग किया और चेयरमैन बन गईं। अब वह अपने ही मकान में किराए पर रह रही हैं। हालांकि सपनों के आशियाने को पुन: हासिल करने के लिए चेयरमैन और उनके पति हाड़तोड़ मेहनत करने का संकल्प संजोये हुए हैं।
हाल ही में हुए निकाय चुनाव में जरवल नगर पंचायत की चेयरमैन के पद पर तस्लीमा बानो कांग्रेस की टिकट से विजयी हुई हैं। बीते निकाय चुनाव में भी वह मैदान में उतरी थीं। लेकिन लगभग 200 मतों से चुनाव हार गई थीं।
इसके बाद पति इंतिजार अहमद ने अपना सबकुछ दांव पर लगाते हुए पत्नी को चेयरमैन बनाने का संकल्प लिया। इंतिजार ने बताया कि छह माह पूर्व ईद के मौके पर जब यह तय हो गया कि महिला सीट होगी। उस समय उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।
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क्षेत्र के गरीबों की मदद के लिए फूटी कौड़ी नहीं थी। इस पर पत्नी तस्लीमा बानो से राय मशविरा के बाद आवास को पांच लाख रुपये में कटरा उत्तरी निवासी चुन्नू कुरैशी के हाथों गिरवी पर रख दिया। जो पैसा मिला, उससे जरवल के गरीबों को ईदी दी।
हरसंभव सबकी मदद की। फिर पैसा कम पड़ा तो और डेढ़ लाख लेकर मकान बेचकर राजनीति को चमकाया। उसी पैसे से ईद के बाद भी इंतिजार अहमद और पत्नी तस्लीमा लोगों के सुख-दुख में शरीक होकर मदद करते रहे।
चेयरमैन तस्लीमा ने बताया कि वह अपने ही मकान में 600 रुपये महीने किराये पर रह रही हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है अब अल्लाह सुन ले, चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालते हुए पति और हम व्यवसाय को फैलाएंगे, मेहनत करेंगे शायद मकान वापस मिल जाए। इसके लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी।
12 ठेले के किराए से चलता है घर का खर्च
चेयरमैन तस्लीमा बानो ने बताया कि लखनऊ के हजरतगंज, अमीनाबाद और गोल मार्केट के निकट पति ने 12 ठेले गरीबों को किराए पर दे रखे हैं। उसी का किराया मिलता है। जिससे घर का खर्च चलता है।
हैं निरक्षर, फिर भी सभी की हो गई जमानत जब्त
जरवल की कांग्रेस प्रत्याशी तस्लीमा बानो अंगूठा टेक हैं। फिर भी उन्हें सर्वाधिक 49.56 प्रतिशत मत मिले। अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। 4282 मत पाकर तस्लीमा चेयरमैन निर्वाचित हुई हैं।
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बहराइच/जरवल। जरवल नगर पंचायत की चेयरमैन बनीं तस्लीमा बानो ने मकान को पहले गिरवी रखा फिर बेंच कर राजनीति की। मकान से मिलेे पैसों से गरीबों के सुखदुख में सहयोग किया और चेयरमैन बन गईं। अब वह अपने ही मकान में किराए पर रह रही हैं। हालांकि सपनों के आशियाने को पुन: हासिल करने के लिए चेयरमैन और उनके पति हाड़तोड़ मेहनत करने का संकल्प संजोये हुए हैं।
हाल ही में हुए निकाय चुनाव में जरवल नगर पंचायत की चेयरमैन के पद पर तस्लीमा बानो कांग्रेस की टिकट से विजयी हुई हैं। बीते निकाय चुनाव में भी वह मैदान में उतरी थीं। लेकिन लगभग 200 मतों से चुनाव हार गई थीं।
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इसके बाद पति इंतिजार अहमद ने अपना सबकुछ दांव पर लगाते हुए पत्नी को चेयरमैन बनाने का संकल्प लिया। इंतिजार ने बताया कि छह माह पूर्व ईद के मौके पर जब यह तय हो गया कि महिला सीट होगी। उस समय उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।
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क्षेत्र के गरीबों की मदद के लिए फूटी कौड़ी नहीं थी। इस पर पत्नी तस्लीमा बानो से राय मशविरा के बाद आवास को पांच लाख रुपये में कटरा उत्तरी निवासी चुन्नू कुरैशी के हाथों गिरवी पर रख दिया। जो पैसा मिला, उससे जरवल के गरीबों को ईदी दी।
हरसंभव सबकी मदद की। फिर पैसा कम पड़ा तो और डेढ़ लाख लेकर मकान बेचकर राजनीति को चमकाया। उसी पैसे से ईद के बाद भी इंतिजार अहमद और पत्नी तस्लीमा लोगों के सुख-दुख में शरीक होकर मदद करते रहे।
चेयरमैन तस्लीमा ने बताया कि वह अपने ही मकान में 600 रुपये महीने किराये पर रह रही हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है अब अल्लाह सुन ले, चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालते हुए पति और हम व्यवसाय को फैलाएंगे, मेहनत करेंगे शायद मकान वापस मिल जाए। इसके लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी।
12 ठेले के किराए से चलता है घर का खर्च
चेयरमैन तस्लीमा बानो ने बताया कि लखनऊ के हजरतगंज, अमीनाबाद और गोल मार्केट के निकट पति ने 12 ठेले गरीबों को किराए पर दे रखे हैं। उसी का किराया मिलता है। जिससे घर का खर्च चलता है।
हैं निरक्षर, फिर भी सभी की हो गई जमानत जब्त
जरवल की कांग्रेस प्रत्याशी तस्लीमा बानो अंगूठा टेक हैं। फिर भी उन्हें सर्वाधिक 49.56 प्रतिशत मत मिले। अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। 4282 मत पाकर तस्लीमा चेयरमैन निर्वाचित हुई हैं।