अखिलेश सरकार ने खोला खजाना, अब 300 महिला ग्राम प्रधानों को देंगे अवार्ड
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हाल ही में प्रदेश के सर्वोच्च सम्मान ‘यश भारती’ बांटने के दौरान दरियादिली दिखाने वाली प्रदेश सरकार की मेहरबानी ‘रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार’ में भी नजर आएगी।
विधानसभा चुनाव से पहले पुरस्कारों के लिए खजाना खोलने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश इस बार 100 के बजाय 300 महिला ग्राम प्रधानों को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार देंगे।
मेहरबानी कुछ ऐसी है कि चुनाव को देखते हुए इस साल 19 दिसंबर को दूसरी बार यह पुरस्कार दिया जाएगा। इसके तहत सभी महिला ग्राम प्रधानों को एक-एक लाख रुपये नकद दिए जाएंगे। यही नहीं, इसके अलावा सामान्य श्रेणी के पुरस्कारों की भी संख्या बढ़ सकती है।
दरअसल, प्रदेश सरकार अपने-अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करने वाली महिला ग्राम प्रधानों को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार देती है। इसके लिए रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष भी बनाया गया है। यह सम्मान हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 8 मार्च को दिया जाता है। इस बार 19 दिसंबर को भी दिया जाएगा।
इस तरह बढ़ाए गए ये नंबर
शुरुआत में सूबे की 40 महिलाओं को यह पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया था। इनमें 20 महिला ग्राम प्रधान शामिल थीं। जबकि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित सामान्य श्रेणी की 20 अन्य महिलाओं को भी शामिल किया गया था।
वर्ष 2016 के मार्च में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 20 के बजाय 40 महिला ग्राम प्रधानों को यह पुरस्कार दिया। कुल 97 महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई महिला पुरस्कार बांटे गए।
अब 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार एक बार फिर यह पुरस्कार बांटने जा रही है। मुख्यमंत्री अखिलेश ने गत अक्तूबर में 40 महिला ग्राम प्रधानों के बजाय 100 महिला प्रधानों को यह पुरस्कार देने का निर्णय किया था।
इसके लिए महिला कल्याण विभाग ने जरूरी संशोधन भी कर लिए थे। विभाग ने पुरस्कार के लिए 100 महिला ग्राम प्रधानों को चुनने के लिए 300 के नाम मंगाए। इनमें से 100 नामों का चयन किया जाना था, लेकिन सरकार ने सभी महिला ग्राम प्रधानों को यह पुरस्कार देने का निर्णय ले लिया।
किसी को नाराज नहीं करना चाहती सरकार
चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार किसी को नाराज नहीं करना चाहती है। सरकार को लग रहा है कि 300 ग्राम प्रधानों में से यदि 100 को चुना गया तो 200 महिला ग्राम प्रधान नाराज हो सकती हैं। इसलिए सभी को यह पुरस्कार देने का फैसला किया है।
सरकार को यह भी लग रहा है कि इस पुरस्कार के बहाने ही महिला ग्राम प्रधानों को एक-एक लाख रुपये की मदद दी जा सकती है।
तीसरी बार करना होगा संशोधन
महिला कल्याण विभाग ने सबसे पहले फरवरी में 20 के बजाय 40 ग्राम प्रधानों को पुरस्कार देने के लिए रानी लक्ष्मीबाई वीरता सम्मान की नियमावली में संशोधन किया था।
अक्तूबर में दूसरी बार संशोधन कर 40 के बजाय 100 महिला ग्राम प्रधानों को पुरस्कार देने का नियम बनाया गया। अब 300 महिला प्रधानों को यह पुरस्कार देना है, इसलिए नियमावली में फिर संशोधन करना होगा।