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3.60 लाख कर्मियों को चार महीने से नहीं मिला वेतन, लोगों में जबर्दस्त आक्रोश
Sun, 21 Mar 2021 04:25 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 21 Mar 2021 04:25 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के करीब 3.60 लाख अधिकारियों व कर्मचारियों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। होली में चंद दिन बचे होने के बावजूद वेतन भुगतान की कोई कार्रवाई न होने से कार्मिकों में जबर्दस्त नाराजगी है। सीडीपीओ संघ व राज्य कर्मचारी संघ ने एक सप्ताह में वेतन व मानदेय का भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में करीब 1.89 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 1.66 लाख सहायिकाएं तैनात हैं। इन्हें पीएफएमएस से मानदेय का भुगतान होता है। चार महीने से इन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है। इसी तरह सीडीपीओ, डीपीओ, मुख्य सेविकाओं और सहायक सांख्यिकी कर्मचारी संवर्ग को मिलाकर करीब 5000 कर्मी हैं। इन्हें भी चार महीने से वेतन नहीं मिल रहा है।
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सीडीपीओ संघ के प्रदेश अध्यक्ष एके पांडेय का कहना है कि महंगाई के दौर में चार-चार महीने से वेतन न मिलने से सामान्य जीवन यापन मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार का आदेश है कि प्रत्येक माह की एक तारीख तक वेतन का भुगतान कर दिया जाए। लेकिन, बजट जारी न होने से वेतन व मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। अधीनस्थ कर्मियों का मानदेय जारी न होने से काम लेना कठिन हो रहा है। इससे संवर्ग के समस्त कार्मिकों में जबर्दस्त नाराजगी है।
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बकाया भुगतान करने की मांग की
पांडेय ने अपर मुख्य सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा निदेशक को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए एक सप्ताह में होली से पूर्व पूरे चार महीने का बकाया वेतन का भुगतान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उच्चाधिकारियों की होगी।