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ब्रिटेन से लखनऊ लौटे 264 यात्रियों को ढूंढना चुनौती
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ब्रिटेन से लखनऊ लौटे 264 यात्रियों को ढूंढना चुनौती
राजधानी में बीते एक महीने में ब्रिटेन से 264 यात्री लखनऊ लौटे हैं। अब इन यात्रियों और इनके संपर्क में आए लोगों को ढूंढना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
क्योंकि अधिकांश यात्रियों के मोबाइल बंद हैं। अब अफसरों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से ऐसे यात्रियों के ई-मेल आईडी पता करवाएं हैं ताकि उनसे संपर्क किया जा सके।
लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा डर यह है कि इन यात्रियों के मिलने तक कहीं संक्रमण की नई चेन न तैयार हो जाए।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एमके सिंह का कहना है कि ब्रिटेन में कोरोना के नये स्ट्रेन का पता चलने के बाद सरकार ने हाल ही में वहां से लौटे यात्रियों की निगरानी तेज कर दी है।
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केंद्र सरकार ने बुधवार को पत्र भेजकर ब्रिटेन से लखनऊ लौटे 52 यात्रियों की लिस्ट भेजकर इनकी कोविड रिपोर्ट मांगी थी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से ऐसे यात्रियों की लिस्ट निकलवाई जो 23 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच ब्रिटेन से आए हैं।
डॉ. एमके सिंह का कहना है कि 23 नवंबर से आठ दिसंबर के बीच 130 यात्री और नौ से 21 दिसंबर के बीच 134 यात्री ब्रिटेन से आए हैं।
सभी को करेंगे क्वारंटीन
डॉ. सिंह का कहना है कि आठ दिसंबर से पहले के यात्रियों को चार सप्ताह के होम आइसोलेशन की सलाह दी गई है। इस दौरान उनकी कड़ी निगरानी की जाएगी। कोविड कंट्रोल रूम के प्रतिनिधि लगातार इनके संपर्क में रहेंगे।
आरटीपीसीआर जांच शुरू
डॉ. सिंह के मुताबिक नौ दिसंबर के बाद जो यात्री भारत आए हैं उनकी आरटीपीसीआर जांच शुरू कर दी गई है। पहले चरण में ही 32 लोगों का कोविड टेस्ट किया गया। इनके संपर्क में आने वाले 58 लोगों के सैंपल लिए हैं। शुक्रवार तक इनकी कोविड रिपोर्ट आ जाएगी।
फोन बंद होने से मचा हड़कंप
ब्रिटेन से लखनऊ आकर लोगों ने अपना फोन बंद कर दिया है। यह पहला मौका नहीं है जब लोगों ने चिकित्सीय सहायता लेने के बजाय उससे भागने का प्रयास किया है। पहले भी लोग कोरोना का सैंपल देकर फोन बंद कर भाग चुके हैं।
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राजधानी में बीते एक महीने में ब्रिटेन से 264 यात्री लखनऊ लौटे हैं। अब इन यात्रियों और इनके संपर्क में आए लोगों को ढूंढना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
क्योंकि अधिकांश यात्रियों के मोबाइल बंद हैं। अब अफसरों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से ऐसे यात्रियों के ई-मेल आईडी पता करवाएं हैं ताकि उनसे संपर्क किया जा सके।
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लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा डर यह है कि इन यात्रियों के मिलने तक कहीं संक्रमण की नई चेन न तैयार हो जाए।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एमके सिंह का कहना है कि ब्रिटेन में कोरोना के नये स्ट्रेन का पता चलने के बाद सरकार ने हाल ही में वहां से लौटे यात्रियों की निगरानी तेज कर दी है।
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केंद्र सरकार ने बुधवार को पत्र भेजकर ब्रिटेन से लखनऊ लौटे 52 यात्रियों की लिस्ट भेजकर इनकी कोविड रिपोर्ट मांगी थी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से ऐसे यात्रियों की लिस्ट निकलवाई जो 23 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच ब्रिटेन से आए हैं।
डॉ. एमके सिंह का कहना है कि 23 नवंबर से आठ दिसंबर के बीच 130 यात्री और नौ से 21 दिसंबर के बीच 134 यात्री ब्रिटेन से आए हैं।
सभी को करेंगे क्वारंटीन
डॉ. सिंह का कहना है कि आठ दिसंबर से पहले के यात्रियों को चार सप्ताह के होम आइसोलेशन की सलाह दी गई है। इस दौरान उनकी कड़ी निगरानी की जाएगी। कोविड कंट्रोल रूम के प्रतिनिधि लगातार इनके संपर्क में रहेंगे।
आरटीपीसीआर जांच शुरू
डॉ. सिंह के मुताबिक नौ दिसंबर के बाद जो यात्री भारत आए हैं उनकी आरटीपीसीआर जांच शुरू कर दी गई है। पहले चरण में ही 32 लोगों का कोविड टेस्ट किया गया। इनके संपर्क में आने वाले 58 लोगों के सैंपल लिए हैं। शुक्रवार तक इनकी कोविड रिपोर्ट आ जाएगी।
फोन बंद होने से मचा हड़कंप
ब्रिटेन से लखनऊ आकर लोगों ने अपना फोन बंद कर दिया है। यह पहला मौका नहीं है जब लोगों ने चिकित्सीय सहायता लेने के बजाय उससे भागने का प्रयास किया है। पहले भी लोग कोरोना का सैंपल देकर फोन बंद कर भाग चुके हैं।