UP: चपरासी के पद के लिए 23 लाख आवेदन
उत्तर प्रदेश में रोजगार को लेकर क्या हालात हैं, इसे इस बात से समझा जा सकता है कि प्रदेश सचिवालय के 368 पदों के लिए 23 लाख लोगों ने आवेदन किया है। आवेदको में 255 पीएचडी होल्डर भी हैं।
प्रदेश सचिवालय ने 368 चपरासी के पदों के लिए आवेदन मांगे थे जिसके लिए 23 लाख आवदेन आए। सचिवालय के एक प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि आवेदकों में बड़ी संख्या में स्नातक व परास्नतक हैं।
गौरतलब है कि इस पद के लिए आवेदकों को पांचवी पास होने के साथ ही बाइक चलाना आना जरूरी है। इतनी बड़ी संख्या में आए आवेदनों ने प्रशासन को भी मुश्किल में डाल दिया है। इतने आवेदकों के लिए परीक्षा कराना प्रशासन के लिए एक टेढी खीर बन गया है।
368 पदों में 268 सामान्य वर्ग के लिए जबकि बाकी के पद एससी, एसटी व अन्य वर्गों के लिए है।
विपक्ष को मिला मौका
प्रदेश की सत्तारूढ पार्टी के खिलाफ विपक्षियों को एक मौका मिल गया है। विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर रोजगार पैदा करने में असफल रहने का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, इसने प्रदेश सरकार के विकास के दावों की पोल खोल दी है। चपरासी के पद के लिए उच्च शिक्षितों ने आवेदन किया है, जिससे पता चलता है कि प्रदेश में बेरोगारों का प्रतिशत कितना ज्यादा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, इसने भर्तियों में सपा सरकार की भ्रष्टाचार व भाई-भतीजावाद की नीति का खुलासा कर दिया है। वहीं, इससे यह भी पता चल गया है कि सरकार बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता व नौकरियां देने में असफल रही हैं।