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डेढ़ साल बाद आज अपनों के बीच होंगी सोनिया

Tue, 17 Apr 2018 12:04 AM IST
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:04 AM IST
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डेढ़ साल बाद आज अपनों के बीच होंगी सोनिया
रायबरेली। कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के लगभग डेढ़ साल बाद सांसद सोनिया गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र पहुंच रही हैं। दो दिवसीय दौरे में सोनिया न सिर्फ करोड़ों रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर आम जनता को सौगात देंगी, बल्कि जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में भाग लेकर विकास कार्यों की हकीकत भी जानेंगी। साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक करेंगी। इस बार सांसद सोनिया गांधी के साथ उनके बेटे राहुल गांधी भी होंगे। सोमवार को एसपीजी ने पुलिस अफसरों के साथ कार्यक्रम स्थलों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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सांसद प्रतिनिधि केएल शर्मा की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक पहले दिन सोनिया गांधी 17 अप्रैल की शाम भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंचेंगी और यहीं से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भवन का उद्घाटन करेंगी। यह भवन कलेक्ट्रेट के पास नेहरू नगर में बना है। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, सदस्यों व वरिष्ठ कांग्रेसियों से मुलाकात कर संगठन के बारे में जानकारी लेंगी। यहीं पर रात्रि विश्राम करेंगी। भुएमऊ में ही राहुल गांधी रुकेंगे।
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दौरे के दूसरे दिन सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भुएमऊ गेस्ट हाउस में जनता से रूबरू होंगे और यहीं से करोड़ों की लागत से हुए विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगी। इसके बाद मुख्य डाकघर पहुंच कर पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन करेंगी। कलेक्ट्रेट के बचत भवन में 11 बजे सोनिया गांधी जिला सतर्कता और अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगी, जिसमें राहुल गांधी भी शिरकत करेंगे। एएसपी शशिशेखर सिंह ने बताया कि सोनिया गांधी के दौरे को लेकर सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं।
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मां के साथ बेटे के दौरे के मायने
कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद सोनिया गांधी के दो दिवसीय दौरे के राजनीतिक पंडित कई मायने निकाल रहे है, क्योंकि इस बार उनके साथ उनके बेटे राहुल गांधी भी बचत भवन में होने वाली बैठक के साथ यहां की जनता का दुख दर्द सुनेंगे। रायबरेली के कांग्रेसी यह मान रहे हैं कि आने वाले समय में कांग्रेस की कमान मिलने के बाद राहुल को यहां की विरासत भी मिल सकती है, जबकि प्रियंका गांधी पहले से ही लोकसभा प्रभारी की भूमिका में काफी समय से जिले में सक्रिय हैं। ऐसे में विरासत किसको मिलेगी, इसको लेकर कांग्रेसी असमंजस में हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से सोनिया अस्वस्थ चल रही हैं, उससे यहां की राजनीति में बदलाव से इन्कार नहीं किया जा सकता है।


बदला-बदला सा रहेगा माहौल
जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह का वह पत्र इस समय चर्चा में है, जिसमें लिखा गया है कि पंचवटी अब कांग्रेस की नहीं रही। यही नहीं कांग्रेस एमएलसी दिनेश सिंह जनप्रतिनिधियों के बीच जाकर कांग्रेेस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। उनके कांग्रेस छोड़ने की खबरें सोशल मीडिया में चल रही हैं। ऐसे में सोनिया और राहुल के दौरे को लेकर पंचवटी परिवार कांग्रेस के बड़े नेताओं से दूरी बनाए रखता है या फिर उनसे मिलने जा सकता है। इसको लेकर संशय बरकरार है। कांग्रेसियों का कहना है कि यह परिवार सोनिया और राहुल से नहीं मिलता है तो तय है कि वह अंदरखाने कांग्रेस छोड़ चुका है है और नए दल में जाने की तैयारी में है।
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