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जिला महिला अस्पताल का होगा उच्चीकरण
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:49 PM IST
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फैजाबाद। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना लक्ष्य के तहत जिला महिला अस्पताल के लेबर रूम और ओटी का उच्चीकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से 18 माह का समय दिया गया है। अभियान की प्रगति, निगरानी व रिपोर्टिंग के लिए गुणक नामक एप भी विकसित किया गया है।
सरकार ने मातृ और नवजात मृत्यु दर घटाने के लिए एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रदेश के 40 अस्पतालों के साथ जिला महिला अस्पताल का भी चयन हुआ है। लक्ष्य नामक इस महत्वपूर्ण पहल के जरिए हॉस्पिटल के लेबर रूम व ओटी को 18 माह के भीतर उच्चीकृत करने का लक्ष्य दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, सचिव भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देश पर शुरू हुई इस महत्वपूर्ण पहल के तहत मां बनने वाली महिला की प्राइवेसी सुनिश्चित करने, डिलीवरी के दौरान आरामदायक स्थिति और महिला के किसी भी मौखिक या शारीरिक शोषण आदि पर लगाम लगाते हुए तमाम उच्चीकृत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल प्रबंधक संजीव पांडेय ने बताया कि प्रसूताओं की प्राइवेसी और बेहतर देखभाल सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला महिला अस्पताल का चयन लक्ष्य योजना के तहत किया गया है। प्रतिमाह व त्रैमासिक रिपोर्टिंग के लिए गुणक नामक एप विकसित किया गया है। योजना के तहत कुल 18 माह में लेबर रूम और ओटी का उच्चीकरण किया जाना है। इसके तहत अस्पताल की ओर से गठित की गई पांच सदस्यीय टीम की ओर से तैयारी की जा रही है। अस्पताल के वर्तमान संसाधनों और मिल रहीं सुविधाओं का प्रथम चरण में स्वत: आकलन कर उनका समुचित सुधार किया जाएगा और प्रत्येक माह गुणक एप पर इसकी स्कोरिंग करते हुए रिपोर्ट की जाएगी। स्वत: मूल्यांकन करते हुए मिलने वाली कमियों को दूर करने के लिए अस्पताल में मौजूद किसी भी मद से आवश्यक संसाधनों का इंतजाम किया जाएगा। इसके बाद राज्य स्तरीय टीम द्वारा प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें पास होने के बाद भारत सरकार की ओर से मूल्यांकन होगा। जिसमें किसी भी दशा में 75 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बाद प्रमाण पत्र निर्गत करते हुए लेबर रूम के लिए तीन लाख व ओटी के विकास के लिए तीन लाख रुपये दो वर्षों तक सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार संसाधनों और सेवाएं प्रदान करने के लिए लक्ष्य नामक पुस्तक भी जारी की गई है, जिससे प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्य किया जाना है। बताया कि यह कार्य कुल तीन चरणों में पूर्ण किया जाएगा। प्रथम चरण चार माह, दूसरा चरण आठ माह और तीसरा चरण छह माह का होगा। अस्पताल में मानक के अनुरूप संसाधन मुहैया कराने, मरीजों के बेहतर इलाज के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर समन्वय स्थापित करने आदि के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा। अस्पताल के सभी संविदाकर्मियों के मोबाइल में गुणक एप विकसित किया गया है। योजना की मॉनिटरिंग करने के लिए सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला, अस्पताल प्रबंधक, डीपीएम आदि को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीते शुक्रवार से ही योजना के तहत कार्य शुरू हो गया है। इस तरह आशानुरूप कार्य होने से अस्पताल के साथ-साथ प्रसूताओं के दिन भी बहुरने की उम्मीद है।
मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन ने अस्पताल को लक्ष्य योजना के तहत चयनित किया है। इसके तहत 18 माह में लेबर रूम और ओटी का उच्चीकरण किया जाना है। इसके बाद 12 लाख रुपये अनुदान स्वरूप शासन से प्राप्त होंगे। इसकी कवायद शुरू हो गई है।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमएस जिला महिला अस्पताल फैजाबाद
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सरकार ने मातृ और नवजात मृत्यु दर घटाने के लिए एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रदेश के 40 अस्पतालों के साथ जिला महिला अस्पताल का भी चयन हुआ है। लक्ष्य नामक इस महत्वपूर्ण पहल के जरिए हॉस्पिटल के लेबर रूम व ओटी को 18 माह के भीतर उच्चीकृत करने का लक्ष्य दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, सचिव भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देश पर शुरू हुई इस महत्वपूर्ण पहल के तहत मां बनने वाली महिला की प्राइवेसी सुनिश्चित करने, डिलीवरी के दौरान आरामदायक स्थिति और महिला के किसी भी मौखिक या शारीरिक शोषण आदि पर लगाम लगाते हुए तमाम उच्चीकृत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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अस्पताल प्रबंधक संजीव पांडेय ने बताया कि प्रसूताओं की प्राइवेसी और बेहतर देखभाल सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला महिला अस्पताल का चयन लक्ष्य योजना के तहत किया गया है। प्रतिमाह व त्रैमासिक रिपोर्टिंग के लिए गुणक नामक एप विकसित किया गया है। योजना के तहत कुल 18 माह में लेबर रूम और ओटी का उच्चीकरण किया जाना है। इसके तहत अस्पताल की ओर से गठित की गई पांच सदस्यीय टीम की ओर से तैयारी की जा रही है। अस्पताल के वर्तमान संसाधनों और मिल रहीं सुविधाओं का प्रथम चरण में स्वत: आकलन कर उनका समुचित सुधार किया जाएगा और प्रत्येक माह गुणक एप पर इसकी स्कोरिंग करते हुए रिपोर्ट की जाएगी। स्वत: मूल्यांकन करते हुए मिलने वाली कमियों को दूर करने के लिए अस्पताल में मौजूद किसी भी मद से आवश्यक संसाधनों का इंतजाम किया जाएगा। इसके बाद राज्य स्तरीय टीम द्वारा प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें पास होने के बाद भारत सरकार की ओर से मूल्यांकन होगा। जिसमें किसी भी दशा में 75 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बाद प्रमाण पत्र निर्गत करते हुए लेबर रूम के लिए तीन लाख व ओटी के विकास के लिए तीन लाख रुपये दो वर्षों तक सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार संसाधनों और सेवाएं प्रदान करने के लिए लक्ष्य नामक पुस्तक भी जारी की गई है, जिससे प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्य किया जाना है। बताया कि यह कार्य कुल तीन चरणों में पूर्ण किया जाएगा। प्रथम चरण चार माह, दूसरा चरण आठ माह और तीसरा चरण छह माह का होगा। अस्पताल में मानक के अनुरूप संसाधन मुहैया कराने, मरीजों के बेहतर इलाज के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर समन्वय स्थापित करने आदि के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा। अस्पताल के सभी संविदाकर्मियों के मोबाइल में गुणक एप विकसित किया गया है। योजना की मॉनिटरिंग करने के लिए सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला, अस्पताल प्रबंधक, डीपीएम आदि को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीते शुक्रवार से ही योजना के तहत कार्य शुरू हो गया है। इस तरह आशानुरूप कार्य होने से अस्पताल के साथ-साथ प्रसूताओं के दिन भी बहुरने की उम्मीद है।
मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन ने अस्पताल को लक्ष्य योजना के तहत चयनित किया है। इसके तहत 18 माह में लेबर रूम और ओटी का उच्चीकरण किया जाना है। इसके बाद 12 लाख रुपये अनुदान स्वरूप शासन से प्राप्त होंगे। इसकी कवायद शुरू हो गई है।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमएस जिला महिला अस्पताल फैजाबाद