फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   2000 bullet are stole in uttar pradesh

यूपीः कुरिअर से भेजे गए 2000 कारतूस गायब, हडकंप

Thu, 19 Nov 2015 01:43 PM IST
Updated Thu, 19 Nov 2015 01:43 PM IST
विज्ञापन
2000 bullet are stole in uttar pradesh

लखनऊ से भेजे गए 315 बोर के दो हजार कारतूस गायब हो गए और बोरी में कारतूसों की जगह गिट्टी निकली। ये कारतूस कानपुर के एक गन हाउस ने लखनऊ के गन हाउस से मंगाए थे।

विज्ञापन


मेस्टन रोड स्थित गन हाउस के मालिक ने कुरिअर से आई बोरी खोलकर देखी तो उसमें कारतूस नहीं थे। नक्सली और आतंकी घटनाओं के बीच इन कारतूसों के गायब होने से प्रशासन में हड़कंप मचा है। एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को दी है।
विज्ञापन


बाला जी गन हाउस, मेस्टन रोड के मालिक जय करन सिंह ने जिला प्रशासन से एनओसी और लखनऊ जिला प्रशासन से टीएल (ट्रैवलिंग लाइसेंस) लेकर पापुलर गन हाउस लखनऊ से आठ अगस्त को दो हजार कारतूस मंगाए थे। पापुलर गन हाउस ने ये कारतूस सेफ एक्सप्रेस कुरिअर से बोरी में भरकर भिजवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुरिअर कंपनी के जरिए भेजे गए थे कारतूस

2000 bullet are stole in uttar pradesh

यह बोरी 10 अगस्त को बालाजी गन हाउस पहुंची। मालिक जय करन ने कुरिअर लाने वाले व्यक्ति के सामने ही बोरी खोली तो उसमें गिट्टियां निकलीं। उन्होंने कुरिअर लाने वाले से तुरंत लिखवाया कि बोरी में गिट्टियां हैं। इसके बाद कुरिअर कंपनी के ब्रांच मैनेजर, लखनऊ और कानपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सूचना भी दी।

डीएम को लिखे पत्र में बताया है कि पापुलर गन हाउस का कहना है वहां से कारतूस ही भेजे गए। इन सबके बीच मामले की फाइल कलक्ट्रेट में पड़ी रही। किसी व्यक्ति से यह बात बुधवार को एडीएम सिटी को पता चली तो उन्होंने असलहा विभाग के बाबुओं से पूछताछ की।

इसके बाद खोजबीन कर फाइल एडीएम सिटी को दी गई। बताया गया कि जिलाधिकारी को मामला बता दिया गया था।

गंभीर मामले में बड़ी लापरवाही

2000 bullet are stole in uttar pradesh

दो हजार कारतूस गायब होने के मामले में असलहा विभाग लापरवाह बना रहा। अगस्त में गायब हुए कारतूस की खबर का मामला एडीएम सिटी को किसी व्यक्ति के बताने पर अब एकदम से सामने आया। आखिर असलहा विभाग में अगस्त से यह फाइल कैसे दबी रही, इतने बड़े मामले पर भी रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई गई, तब किसी अफसर से जांच क्यों नहीं कराई गई जैसे सवालों के जवाब किसी के पास नहीं हैं।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा कहते हैं कि मुझे मामले के बारे में एडीएम सिटी ने बताया है। मामला काफी गंभीर है। प्रथम दृष्टया कोरियर कंपनी या कारतूस भेजने वाले लखनऊ के पापुलर गन हाउस की भूमिका संदिग्ध लग रही है। इसकी जांच एडीएम सिटी ने सिटी मजिस्ट्रेट को दी है। अब यह प्रश्न उठता है कि फाइल इतने दिनों तक कैसे दबी रही तो इसकी भी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए गए असलहा विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

वहीं एडीएम सिटी अविनाश सिंह कहते हैं कि मुझे किसी व्यक्ति से कारतूस गायब होने की बात अब पता चली। असलहा विभाग से फाइल मंगाकर देखी है। मामला गंभीर है। फाइल पर लगे कागजों से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि आखिर कारतूस गए तो कहां गए। मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को दी गई है। उनसे एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed