फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   20 pregnant women are living in sanrakshan grah

यूपीः संरक्षण गृहों में रह रही हैं 20 गर्भवती महिलाएं

Wed, 24 Jun 2020 11:08 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 24 Jun 2020 11:08 AM IST
विज्ञापन
20 pregnant women are living in sanrakshan grah
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कानपुर स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह में संवासिनियों के गर्भवती होने का प्रकरण सामने आने के बाद महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में चल रहे संरक्षण गृहों में 20 महिलाएं व बालिकाएं गर्भवती हैं। सभी संरक्षण गृहों में आने के समय से ही गर्भवती हैं। 

विज्ञापन


वर्तमान में प्रदेश में 17 राजकीय बाल गृह (बालिका) व राजकीय महिला शरणालयों में पॉक्सो अधिनियम से संबंधित अपराधों से पीड़ित 257 बालिकाएं व महिलाएं रह रही हैं। महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने मंगलवार को सभी जिला प्रोबोशन अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की, जिसमें यह तथ्य सामने आए हैं। विभाग ने कहा है कि जिन आश्रय गृहों में महिलाएं व बालिकाएं रहती हैं, उनमें सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। 
विज्ञापन


दरअसल, कानपुर में कुछ नाबालिगों के गर्भवती होने की बात सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं। इस पर सोमवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बॉथम ने डीएम कानपुर नगर से फोन पर बात की थी और उनसे पूरी जांच आख्या मांगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बालिकाओं के संरक्षण केंद्र की क्षमता में इजाफे की आवश्यकता है। मंत्री ने डीपीओ कानपुर को निर्देशित किया है कि जिस तरह की भ्रामक स्थिति कानपुर को लेकर आई है, वह दोबारा न हो, इसके लिए बातचीत का माहौल तैयार किया जाए और वास्तविकता सामने रखी जाए। 

कानपुर प्रकरण की रिपोर्ट सीएम को देगा आयोग

कानपुर के एक संरक्षण गृह में कई किशोरियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने और एक किशोरी के एचआईवी पॉजिटिव होने की गलत सूचना को लेकर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रेषित करेगा। आयोग ने इस मामले में कानपुर जिले के संबंधित अधिकारियों से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।

इस मामले में आयोग की सदस्य डॉ शुचिता ने मंगलवार को कानपुर जाकर हालात का जायजा लिया। आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता ने कहा कि यह पता किया जा रहा कि कैसे एक किशोरी के एचआईवी पॉजिटिव होने कि भ्रामक सूचना प्रसारित हुई। इसके लिए जिम्मेदारी तय की जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed