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अस्पताल का हस्तांतरण अटका

Sun, 01 Jul 2018 12:04 AM IST
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:04 AM IST
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अस्पताल का हस्तांतरण अटका
बहराइच। जिला अस्पताल के उच्चीकरण के तहत 30 करोड़ की लागत से 100 बेड का अस्पताल भवन अग्रिशमन विभाग ने एनओसी नहीं मिलने से हस्तांतरित नहीं हो सका। इस भवन को शनिवार को जिला अस्पताल प्रशासन के हवाले किया जाना था। अब तक यहां जेनरेटर और मैन पॉवर को भी इंतजाम नहीं किया जा सका। अस्पताल प्रशासन की मानें तो अभी सप्ताह भर का समय लग सकता है। इसके बाद ही नए भवन में मरीजों का इलाज शुरू हो सकेगा।
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बहराइच का जिला अस्पताल देवीपाटन मंडल का आदर्श जिला अस्पताल है। यहां पर प्रतिदिन ओपीडी में औसतन ढाई हजार से अधिक मरीज परीक्षण के लिए आते हैं। इन मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में महज 201 बेड हैं। बहराइच जिला अस्पताल पर गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर एवं नेपाल के मरीज भी आते हैं।
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ओपीडी में आने वाले मरीजों में 08 से 10 फीसदी मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें भर्ती करने की आवश्यकता होती है। लेकिन कम बेड के चलते मरीजों को बेड का इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या के चलते अस्पताल प्रशासन की संस्तुति पर शासन ने जिला अस्पताल के उच्चीकरण को हरी झंडी दी थी। इसी के तहत 30 करोड़ की लागत से 100 बेड का चार मंजिला अस्पताल भवन जिला अस्पताल परिसर में दो वर्ष से बनकर तैयार है।
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शनिवार को इस नए अस्पताल भवन को जिला अस्पताल प्रशासन को सौंपा जाना था। लेकिन अग्निशमन विभाग की ओर से एनओसी जारी नहीं की गई है। शनिवार दोपहर में सीएमओ डॉ. एके पांडेय, सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय की अध्यक्षता में बैठक हुई। सीएमएस ने बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के भवन को हस्तगत करने से इंकार कर दिया।
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