फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   भूमिहीन किसानों से खरीदा सैकड़ों मीट्रिक टन धान

भूमिहीन किसानों से खरीदा सैकड़ों मीट्रिक टन धान

Tue, 05 Jun 2018 11:48 PM IST
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
भूमिहीन किसानों से खरीदा सैकड़ों मीट्रिक टन धान
अंबेडकरनगर। सरकार किसानों की आय दोगुना करने के प्रयास में जुटी है लेकिन अफसर इन अन्नदाताओं के हिस्से का करोड़ों डकारे जा रहे हैं। ताजा मामला जिले में धान खरीद में बरती गई धांधली का है। यहां दर्जनों ऐसे किसानों के नाम पर धान खरीद दिखा दी गई, जिनके पास कृषि योग्य भूमि ही नहीं है।
विज्ञापन



वहीं कई मामलों में किसी किसान के नाम से दिखाई खरीद उसकी कुल उपज से 100 गुना से भी ज्यादा है। पूरे खेल में बिचौलिए, आढ़तिए, राइस मिलर व क्रय केंद्र प्रभारी के साथ विभागीय अधिकारी भी मोटी रकम हजम कर गए हैं।
विज्ञापन



गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 में धान की खरीद जिले में भी बड़े पैमाने पर हुई थी। जिले को 13 लाख कुंतल धान खरीद का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 11 लाख 500 कुंतल धान की खरीद हुई। शासन ने इस पर जिला प्रशासन को जांच के निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि जिन किसान के नाम से 50 मीट्रिक टन से अधिक की खरीद हुई है, उनकी स्थलीय जांच कराई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन



इसी जांच में कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। लेखपालों ने अलग-अलग तहसीलों में संबंधित किसानों व उनकी कृषि योग्य भूमि का सत्यापन करना शुरू किया तो दर्जनों ऐसे किसान मिले जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि ही नहीं है। अहिरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत मरथुआ सरैया गांव में 26 किसान ऐसे पाए गए जिनके नाम पर जमीन नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उनके नाम से धान की बिक्री दिखा दी गई।


उधर जलालपुर टीकमपुर के लेखपाल ने 30 अप्रैल 2018 को भेजी एक रिपोर्ट में कहा है कि क्षेत्र के 8 ग्रामीण ऐसे पाए गए जिनके नाम पर कोई भूमि नहीं है। इनके पति व पिता के नाम भूमि है, हालांकि धान की खरीद संबंधित ग्रामीणों के नाम पर की गई है। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के अलावा टांडा, जलालपुर, आलापुर व भीटी तहसीलों से भी जो रिपोर्ट आई है, वह बड़े घोटाले की तरफ इशारा कर रही है।



लेखपालों ने जो रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार दर्जनों किसान ऐसे हैं जिनके नाम मामूली भूमि है, लेकिन उस पर होने वाली सामान्य पैदावार की अपेक्षा 100 गुना अधिक तक पैदावार दिखा कर खरीद की गई है। प्रशासन की जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल में आढ़तियों के अलावा कई राइसमिलर, बिचौलिए व क्रय केंद्र प्रभारी भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed