{"_id":"5af5d6fe4f1c1bde408b4828","slug":"181526060798-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"62.3 करोड़ से निखरेगा सरयू नदी का स्वरूप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
62.3 करोड़ से निखरेगा सरयू नदी का स्वरूप
Updated Fri, 11 May 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। सरयू नदी को उसका पुराना स्वरूप देने और संवारने के लिए सिंचाई विभाग के सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम ने परियोजना बनाकर तैयार कर दी है। परियोजना की फाइल शासन के पास है। इस परियोजना से 153 किमी लंबी सरयू नदी को उसका पुराना अस्तित्व मिल सकेगा।
शहर से सटकर बहने वाली सरयू नदी नाले के मानिंद दिख रही है। हालत यह है कि कई स्थानों पर नदी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। नदी के संरक्षण के लिए सरयू बचाओ संरक्षण समिति का बीते गठन हुआ था।
समिति के पदाधिकारियों ने श्रमदान करते हुए नदी के जलकुंभी और सेवार को निकालने की शुरुआत की। लेकिन 153 किलोमीटर लंबी नदी जलकुंभी और सेवार के साथ ही आने वाली बरसाती मिट्टी से काफी छिछली हो गई है।
विज्ञापन
इस समस्या को देखते हुए संरक्षण समिति के अध्यक्ष राकेशचंद्र श्रीवास्तव और संरक्षक सरदार जोगेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन को मामले से अवगत कराया था। तत्कालीन जिलाधिकारी अजयदीप सिंह की पहल पर सिंचाई विभाग को सरयू नदी के दुरुस्तीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
जिला प्रशासन की पहल पर अब सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम ने 6203.21 लाख की परियोजना तैयार की है। नदी के साफ-सफाई का नक्शा भी बनाया गया है। जिसके तहत नदी को अत्याधुनिक मशीनों के द्वारा गहरा कर जलकुंभी और सेवार को निकाला जाएगा।
सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि सरयू बचाओ संरक्षण समिति एवं गंगा संरक्षण समिति की पहल पर नदी को संवारने की कार्य योजना तैयार की गई है। परियोजना की फाइल शासन को भेज दी गई है। प्रयास है कि मई के अंत तक बजट पास हो जाए।
विज्ञापन
शहर से सटकर बहने वाली सरयू नदी नाले के मानिंद दिख रही है। हालत यह है कि कई स्थानों पर नदी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। नदी के संरक्षण के लिए सरयू बचाओ संरक्षण समिति का बीते गठन हुआ था।
विज्ञापन
समिति के पदाधिकारियों ने श्रमदान करते हुए नदी के जलकुंभी और सेवार को निकालने की शुरुआत की। लेकिन 153 किलोमीटर लंबी नदी जलकुंभी और सेवार के साथ ही आने वाली बरसाती मिट्टी से काफी छिछली हो गई है।
विज्ञापन
इस समस्या को देखते हुए संरक्षण समिति के अध्यक्ष राकेशचंद्र श्रीवास्तव और संरक्षक सरदार जोगेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन को मामले से अवगत कराया था। तत्कालीन जिलाधिकारी अजयदीप सिंह की पहल पर सिंचाई विभाग को सरयू नदी के दुरुस्तीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
जिला प्रशासन की पहल पर अब सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम ने 6203.21 लाख की परियोजना तैयार की है। नदी के साफ-सफाई का नक्शा भी बनाया गया है। जिसके तहत नदी को अत्याधुनिक मशीनों के द्वारा गहरा कर जलकुंभी और सेवार को निकाला जाएगा।
सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि सरयू बचाओ संरक्षण समिति एवं गंगा संरक्षण समिति की पहल पर नदी को संवारने की कार्य योजना तैयार की गई है। परियोजना की फाइल शासन को भेज दी गई है। प्रयास है कि मई के अंत तक बजट पास हो जाए।