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गन्ना तौलाने गए किसानों को खदेड़ा, जीएम व पूर्व विधायक पर केस
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:49 PM IST
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नानपारा (बहराइच)। नानपारा चीनी मिल में सोमवार रात गन्ना लेकर पहुंचे किसानों के गन्ने की तौल नहीं हुई। गन्ना तौल के नाम पर घूस मांगा गया। किसानों के विरोध करने पर सुरक्षाकर्मियों व अधिकारियों ने लाठी लेकर दौड़ाया।
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक से कहासुनी हुई। पुलिस पहुंची तो चीनी मिल के सिक्योरिटी अफसर ने पूर्व विधायक और उनके समर्थकों पर पीटने का आरोप लगाया।
वहीं पूर्व विधायक ने चीनी मिल के जीएम, गन्ना अधिकारी और सिक्योरिटी अफसर पर प्राणघातक हमला करने की बात कही है। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किसानों का कहना है कि रात एक बजे के आसपास अन्य ट्रैक्टर ट्रॉलियां पास की जा रही थीं। जैसे ही उनकी ट्रॉली गेट पर पहुंची। सिक्योरिटी अफसर उमेश शुक्ला ने प्रति पर्ची एक हजार रुपये की डिमांड की।
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तीनों किसानों के विरोध करने पर रुपया मांगने को जीएम का आदेश बताया। इस पर किसान भड़क उठे। इसी दौरान जीएम प्रदीप त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए लाठी लेकर दौड़ा लिया।
किसानों ने रात में ही नानपारा की भाजपा विधायक माधुरी वर्मा के प्रतिनिधि व पूर्व विधायक दिलीप वर्मा को फोन कर सूचना दी। रात डेढ़ बजे के आसपास दिलीप वर्मा अपने समर्थकों के साथ चीनी मिल पहुंचे तो यहां विवाद की स्थिति बन गई। तीखी नोंकझोंक हुई।
चीनी मिल के सिक्योरिटी अफसर उमेश का कहना है कि पूर्व विधायक और उनके साथियों ने उनकी पिटाई कर दी। वहीं पूर्व विधायक दिलीप वर्मा का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से वार्ता कर रहे थे। तभी सिक्योरिटी आफिसर उमेश ने गमछे से गला कस दिया।
जीएम प्रदीप त्रिपाठी, केन अफसर संजय कुमार सिंह ने गमछा खींच लिया। जिससे वह बेहोश हो गए। साथियों ने उन्हें डॉक्टर के यहां पहुंचाया। तब होश का सका। घटना की सूचना पाकर सीओ एसके यादव, प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सूरज प्रसाद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
रात में बयान लेने के बाद चीनी मिल के सिक्योरिटी आफसर उमेश कुमार शुक्ला की तहरीर पर पूर्व विधायक के खिलाफ मारने-पीटने व हंगामा करने का केस दर्ज कर लिया गया है। केस दर्ज होने की सूचना पाकर पूर्व विधायक दिलीप वर्मा मंगलवार सुबह फिर कोतवाली पहुंच गए।
यहां पुलिस अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक हुई। पूर्व विधायक ने पीड़ित किसानों की ओर से केस न दर्ज होने पर आंदोलन की बात कही। इसके बाद पूर्व विधायक व तीन अन्य किसानों ने अलग-अलग तहरीर दी है।
पूर्व विधायक की तहरीर पर चीनी मिल के सुरक्षा अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला, जीएम प्रदीप त्रिपाठी और केन अफसर संजय सिंह के खिलाफ धारा 323, 504, 307, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 7 व 13 के तहत केस दर्ज किया है।
क्रास केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक और चीनी मिल के सुरक्षा अधिकारी को मेडिकल के लिए सीएचसी नानपारा भेजा। यहां पर चिकित्सकों ने मुआयना रिपोर्ट बनाकर दोनों पीड़ितों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
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मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक से कहासुनी हुई। पुलिस पहुंची तो चीनी मिल के सिक्योरिटी अफसर ने पूर्व विधायक और उनके समर्थकों पर पीटने का आरोप लगाया।
वहीं पूर्व विधायक ने चीनी मिल के जीएम, गन्ना अधिकारी और सिक्योरिटी अफसर पर प्राणघातक हमला करने की बात कही है। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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किसानों का कहना है कि रात एक बजे के आसपास अन्य ट्रैक्टर ट्रॉलियां पास की जा रही थीं। जैसे ही उनकी ट्रॉली गेट पर पहुंची। सिक्योरिटी अफसर उमेश शुक्ला ने प्रति पर्ची एक हजार रुपये की डिमांड की।
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तीनों किसानों के विरोध करने पर रुपया मांगने को जीएम का आदेश बताया। इस पर किसान भड़क उठे। इसी दौरान जीएम प्रदीप त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए लाठी लेकर दौड़ा लिया।
किसानों ने रात में ही नानपारा की भाजपा विधायक माधुरी वर्मा के प्रतिनिधि व पूर्व विधायक दिलीप वर्मा को फोन कर सूचना दी। रात डेढ़ बजे के आसपास दिलीप वर्मा अपने समर्थकों के साथ चीनी मिल पहुंचे तो यहां विवाद की स्थिति बन गई। तीखी नोंकझोंक हुई।
चीनी मिल के सिक्योरिटी अफसर उमेश का कहना है कि पूर्व विधायक और उनके साथियों ने उनकी पिटाई कर दी। वहीं पूर्व विधायक दिलीप वर्मा का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से वार्ता कर रहे थे। तभी सिक्योरिटी आफिसर उमेश ने गमछे से गला कस दिया।
जीएम प्रदीप त्रिपाठी, केन अफसर संजय कुमार सिंह ने गमछा खींच लिया। जिससे वह बेहोश हो गए। साथियों ने उन्हें डॉक्टर के यहां पहुंचाया। तब होश का सका। घटना की सूचना पाकर सीओ एसके यादव, प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सूरज प्रसाद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
रात में बयान लेने के बाद चीनी मिल के सिक्योरिटी आफसर उमेश कुमार शुक्ला की तहरीर पर पूर्व विधायक के खिलाफ मारने-पीटने व हंगामा करने का केस दर्ज कर लिया गया है। केस दर्ज होने की सूचना पाकर पूर्व विधायक दिलीप वर्मा मंगलवार सुबह फिर कोतवाली पहुंच गए।
यहां पुलिस अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक हुई। पूर्व विधायक ने पीड़ित किसानों की ओर से केस न दर्ज होने पर आंदोलन की बात कही। इसके बाद पूर्व विधायक व तीन अन्य किसानों ने अलग-अलग तहरीर दी है।
पूर्व विधायक की तहरीर पर चीनी मिल के सुरक्षा अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला, जीएम प्रदीप त्रिपाठी और केन अफसर संजय सिंह के खिलाफ धारा 323, 504, 307, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 7 व 13 के तहत केस दर्ज किया है।
क्रास केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक और चीनी मिल के सुरक्षा अधिकारी को मेडिकल के लिए सीएचसी नानपारा भेजा। यहां पर चिकित्सकों ने मुआयना रिपोर्ट बनाकर दोनों पीड़ितों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।