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रोडवेज बसों में फ्री सफर करने वालों को अब दिखाना होगा स्मार्ट कार्ड
Updated Tue, 21 Nov 2017 01:02 AM IST
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सीतापुर। रोडवेज बसों में फ्री सफर करने की सुविधा पाने वालों को अब स्मार्ट कार्ड बनवाना होगा। इसके बगैर वह रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा नहीं कर पाएंगे। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद विभाग ने स्मार्ट कार्ड बनाना शुरू कर दिया है। स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए इसी माह की 30 नवंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में स्वतंत्रता सेनानी, लोक रक्षक सेनानी, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। इनके लिए बसों में सीटें भी आरक्षित रहती हैं। अभी तक इन्हें सफर के दौरान अपना पहचान पत्र दिखाना होता था। परिवहन निगम ने अब इनके लिए नए नियम बनाए हैं। रोडवेज बसों में फ्री यात्रा करने के लिए अब इन्हें स्मार्ट कार्ड दिखाना होगा। विभाग ने इनके लिए स्मार्ट कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया हैै। स्मार्ट कार्ड के बगैर स्वतंत्रता सेनानी, लोक रक्षक सेनानी, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मान्यता प्राप्त पत्रकार फ्री यात्रा नहीं कर सकेंगे। निगम के प्रबंध निदेशक पी. गुरु प्रसाद ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि फ्री यात्रा की सुविधा पाने वालों के नाम पर फर्जी लोगों के लाभ उठाने की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। फर्जी लोगों पर अंकुश लगाने की मंशा से स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू की गई है। सीतापुर डिपो के एआरएम विमल राजन ने बताया कि इस कार्ड के लिए 30 नवंबर तक ही आवेदन मान्य होंगे। निर्धारित तारीख से पहले आवेदन करने वालों का स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदन जमा करते समय नाम, पता, मोबाइल नंबर, मेल आईडी के साथ शैक्षिक दस्तावेजों की एक-एक छाया प्रति भी लगानी होगी। एआरएम ने रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा पाने वाले लोगों से कहा है कि असुविधा से बचने के लिए वह अपना स्मार्ट कार्ड बनवा लें। आवेदन के एक से डेढ़ माह बाद स्मार्ट कार्ड बनकर आता है। इसलिए 30 नवंबर से पहले आवेदन कर दें। इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को सुविधा के साथ ही विभाग को भी सहूलियत रहेगी। इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी बस स्टॉप पर एमएसटी काउंटर से ली जा सकती है।
आधारकार्ड के बिना मुफ्त सफर नहीं कर सकेंगे दिव्यांग
रोडवेज बसों में मुफ्त सफर करने के लिए दिव्यांगों को अब आधारकार्ड दिखाना होगा। एआरएम विमल राजन ने बताया कि अभी तक दिव्यांगों को निशक्तता प्रमाण पत्र दिखाने से नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिलती थी। इसमें फर्जी लोगों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने आधारकार्ड भी अनिवार्य कर दिया है।
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में स्वतंत्रता सेनानी, लोक रक्षक सेनानी, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। इनके लिए बसों में सीटें भी आरक्षित रहती हैं। अभी तक इन्हें सफर के दौरान अपना पहचान पत्र दिखाना होता था। परिवहन निगम ने अब इनके लिए नए नियम बनाए हैं। रोडवेज बसों में फ्री यात्रा करने के लिए अब इन्हें स्मार्ट कार्ड दिखाना होगा। विभाग ने इनके लिए स्मार्ट कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया हैै। स्मार्ट कार्ड के बगैर स्वतंत्रता सेनानी, लोक रक्षक सेनानी, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मान्यता प्राप्त पत्रकार फ्री यात्रा नहीं कर सकेंगे। निगम के प्रबंध निदेशक पी. गुरु प्रसाद ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि फ्री यात्रा की सुविधा पाने वालों के नाम पर फर्जी लोगों के लाभ उठाने की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। फर्जी लोगों पर अंकुश लगाने की मंशा से स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू की गई है। सीतापुर डिपो के एआरएम विमल राजन ने बताया कि इस कार्ड के लिए 30 नवंबर तक ही आवेदन मान्य होंगे। निर्धारित तारीख से पहले आवेदन करने वालों का स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदन जमा करते समय नाम, पता, मोबाइल नंबर, मेल आईडी के साथ शैक्षिक दस्तावेजों की एक-एक छाया प्रति भी लगानी होगी। एआरएम ने रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा पाने वाले लोगों से कहा है कि असुविधा से बचने के लिए वह अपना स्मार्ट कार्ड बनवा लें। आवेदन के एक से डेढ़ माह बाद स्मार्ट कार्ड बनकर आता है। इसलिए 30 नवंबर से पहले आवेदन कर दें। इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को सुविधा के साथ ही विभाग को भी सहूलियत रहेगी। इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी बस स्टॉप पर एमएसटी काउंटर से ली जा सकती है।
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आधारकार्ड के बिना मुफ्त सफर नहीं कर सकेंगे दिव्यांग
रोडवेज बसों में मुफ्त सफर करने के लिए दिव्यांगों को अब आधारकार्ड दिखाना होगा। एआरएम विमल राजन ने बताया कि अभी तक दिव्यांगों को निशक्तता प्रमाण पत्र दिखाने से नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिलती थी। इसमें फर्जी लोगों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने आधारकार्ड भी अनिवार्य कर दिया है।
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