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सिपाही ने बचाई जान
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:03 AM IST
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सिपाही ने बचाई महिला की जान
रामनगर (बाराबंकी)। रक्तश्राव के कारण सड़क किनारे एक गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही। सूचना के एक घंटे बाद न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही उसे किसी ने हाथ तक लगाया। मौके पर पहुंचे एक सिपाही ने महिला को निजी वाहन से सीएचसी पहुंचाकर उसकी जान बचाई। चिकित्सकों ने महिला का प्राथमिक उपचार कर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कंधई तारापुर निवासी आरती देवी (25) पत्नी दीना नाथ मिश्रा गुरुवार को जिला अस्पताल इलाज कराने अपने बेटे आयुष (8) के साथ घर से निकली थी। रामनगर चौराहे पर टाटा मैजिक में बैठी ही थी कि उसे अचानक रक्तस्त्राव होने लगा। महिला वाहन में ही बेहोश गई। यात्रियों ने उसे अस्पताल पहुंचाने के बजाए उसे उतार कर सड़क किनारे लेटा दिया।
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना डॉयल 100 व एंबुलेंस को दी। एक घंटे तक किसी के न पहुंचने पर महिला सड़क किनारे तड़पती रही। मौके पर पहुंचे रामनगर थाने के सिपाही सुशील यादव ने महिला को निजी वाहन से सीएचसी रामनगर पहुंचाया।
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अस्पताल में मौजूद डॉ. आशूपति राय ने बताया कि महिला तीन माह की गर्भवती है। अचानक ब्लीडिंग होने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अगर उसे पुलिस सही समय पर अस्पताल न पहुंचाती तो महिला की जान जा सकती थी।
रामनगर (बाराबंकी)। रक्तश्राव के कारण सड़क किनारे एक गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही। सूचना के एक घंटे बाद न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही उसे किसी ने हाथ तक लगाया। मौके पर पहुंचे एक सिपाही ने महिला को निजी वाहन से सीएचसी पहुंचाकर उसकी जान बचाई। चिकित्सकों ने महिला का प्राथमिक उपचार कर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कंधई तारापुर निवासी आरती देवी (25) पत्नी दीना नाथ मिश्रा गुरुवार को जिला अस्पताल इलाज कराने अपने बेटे आयुष (8) के साथ घर से निकली थी। रामनगर चौराहे पर टाटा मैजिक में बैठी ही थी कि उसे अचानक रक्तस्त्राव होने लगा। महिला वाहन में ही बेहोश गई। यात्रियों ने उसे अस्पताल पहुंचाने के बजाए उसे उतार कर सड़क किनारे लेटा दिया।
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स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना डॉयल 100 व एंबुलेंस को दी। एक घंटे तक किसी के न पहुंचने पर महिला सड़क किनारे तड़पती रही। मौके पर पहुंचे रामनगर थाने के सिपाही सुशील यादव ने महिला को निजी वाहन से सीएचसी रामनगर पहुंचाया।
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अस्पताल में मौजूद डॉ. आशूपति राय ने बताया कि महिला तीन माह की गर्भवती है। अचानक ब्लीडिंग होने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अगर उसे पुलिस सही समय पर अस्पताल न पहुंचाती तो महिला की जान जा सकती थी।