{"_id":"679e836d8f15f3203f0beb07","slug":"175-lakh-children-studying-in-council-schools-will-benefit-lucknow-news-c-13-1-lko1110-1059850-2025-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 1.75 लाख बच्चों का होगा फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 1.75 लाख बच्चों का होगा फायदा
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। पेश बजट में देश के सभी सरकारी स्कूलों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने की घोषणा हुई है। इससे राजधानी के सरकारी स्कूलों में भी बड़े बदलाव की उम्मीद देखी जा रही है। इंटरनेट कनेक्शन से डिजिटल क्रांति की आस जगी है।
राजधानी में 1618 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 1150 प्राथमिक विद्यालय और 468 जूनियर विद्यालय हैं। 200 कंपोजिट स्कूल भी हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक करीब करीब 1.75 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। इसके अलावा 55 राजकीय व 101 एडेड माध्यमिक कॉलेज भी संचालित हैं। इंटरनेट की व्यवस्था होने से ऑनलाइन एजुकेशन का रास्ता सरल हो जाएगा। मौजूदा समय में राजकीय कॉलेजों में कॉलेज स्तर पर ही बजट खर्च होता है, जबकि परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट से इंटरनेट की व्यवस्था की जाती है।
इंटरनेट से आसान होंगी सुविधाएं
बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में दो टैबलेट व दो सिम की सुविधा दी गई है। इसमें इंटरनेट के लिए कंपोजिट बजट से भुगतान किया जाता है, लेकिन अब अलग से बजट आएगा तो ऑनलाइन स्कूलों की मॉनीटरिंग सहित ई लर्निंग की सुविधा हो जाएगी। दीक्षा व दूरदर्शन जैसे शैक्षिक चैनलों का लाभ भी बच्चे उठा सकेंगे। राजकीय व परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास को भी रफ्तार मिलेगी। शहर में अभी 400 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा दी गई है। 200 स्कूलों में स्मार्ट डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बजट में स्कूलों का भी ध्यान रखा गया है। ये सराहनीय कदम है। स्कूलों में अब डिजिटल एजुकेशन की राह आसान होगी।
- अनुराग सिंह, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
राजधानी में 1618 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 1150 प्राथमिक विद्यालय और 468 जूनियर विद्यालय हैं। 200 कंपोजिट स्कूल भी हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक करीब करीब 1.75 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। इसके अलावा 55 राजकीय व 101 एडेड माध्यमिक कॉलेज भी संचालित हैं। इंटरनेट की व्यवस्था होने से ऑनलाइन एजुकेशन का रास्ता सरल हो जाएगा। मौजूदा समय में राजकीय कॉलेजों में कॉलेज स्तर पर ही बजट खर्च होता है, जबकि परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट से इंटरनेट की व्यवस्था की जाती है।
विज्ञापन
इंटरनेट से आसान होंगी सुविधाएं
बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में दो टैबलेट व दो सिम की सुविधा दी गई है। इसमें इंटरनेट के लिए कंपोजिट बजट से भुगतान किया जाता है, लेकिन अब अलग से बजट आएगा तो ऑनलाइन स्कूलों की मॉनीटरिंग सहित ई लर्निंग की सुविधा हो जाएगी। दीक्षा व दूरदर्शन जैसे शैक्षिक चैनलों का लाभ भी बच्चे उठा सकेंगे। राजकीय व परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास को भी रफ्तार मिलेगी। शहर में अभी 400 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा दी गई है। 200 स्कूलों में स्मार्ट डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बजट में स्कूलों का भी ध्यान रखा गया है। ये सराहनीय कदम है। स्कूलों में अब डिजिटल एजुकेशन की राह आसान होगी।
- अनुराग सिंह, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ