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विकास कार्य का 160 करोड़ रुपये नहीं हुआ खर्च
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:48 PM IST
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बहराइच। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दो दिन बचे हैं। सरकारी महकमों में बजट को लेकर माथापच्ची की जा रही है। विभागों से अचानक भेजे जा रहे बजट को आहरित करने से लेकर उसका उपभोग प्रमाण पत्र जारी कराने की होड़ लगी हुई है।
जबकि लगभग 160 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों के खातों में डंप है। इस पैसे के खर्च नहीं होने पर सरेंडर करने की मजबूरी होगी। लोक निर्माण विभाग, डीआरडीए समेत अन्य विभागों में बजट खर्च करने को लेकर कर्मचारी जुटे नजर आए। अवकाश के बाद भी कर्मचारी गुरुवार को कार्यालयों में पसीना-पसीना दिखे।
स्वास्थ्य विभाग में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 41 सौ महिलाओं को छह हजार रुपये की दर से भुगतान किया जाना है। इसमें अभी तक करीब एक हजार महिलाओं को पैसे का भुगतान नहीं हो सका है। 310 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए भेजे गए अनटाइड फंड को समाप्त करने को लेकर भी माथापच्ची जारी है।
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मनरेगा के बजट को खत्म करना भी चुनौती बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में नौसर गुमटिया संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए गुरुवार को अचानक 70 लाख रुपये भेज दिए गए। इसे खर्च करने को लेकर विभागीय कर्मचारी व अधिकारी चक्कर काटने को मजबूर रहे।
जिला व महिला अस्पताल का बजट भी नहीं हुआ खर्च
स्वास्थ्य विभाग में जिला चिकित्सालय में 27.73 करोड़ की लागत से 300 बेड का हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। इसमें अभी तक करीब 26 करोड़ ही खर्च हो सके हैं। महिला चिकित्सालय में 100 बेड के निर्माण कार्य पर भी 16 करोड़ ही खर्च हो सके हैं, जबकि 17.17 करोड़ रुपये विभाग को जारी किए जा चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज पर 50 फीसदी भी नहीं हुआ खर्च
शहर के कृषि फार्म में 10.5 एकड़ भूमि में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। शासन ने दो चरण में यहां के लिए 62.75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मगर अभी तक 50 फीसदी धन भी नहीं खर्च हो सका है। अवर अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि बजट को उपभोग किए जाने के साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जा रहा है, जिससे कुछ समस्या आ रही है।
सरकारी विभागों में बजट आने का दौर चल रहा है। वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। अगर किसी विभाग का बजट लैप्स होता है, तो उस विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी दो दिन का समय है। ट्रेजरी व बैंक भी खुले रहेंगे।
-रामचंद्र, सीडीओ
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जबकि लगभग 160 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों के खातों में डंप है। इस पैसे के खर्च नहीं होने पर सरेंडर करने की मजबूरी होगी। लोक निर्माण विभाग, डीआरडीए समेत अन्य विभागों में बजट खर्च करने को लेकर कर्मचारी जुटे नजर आए। अवकाश के बाद भी कर्मचारी गुरुवार को कार्यालयों में पसीना-पसीना दिखे।
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स्वास्थ्य विभाग में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 41 सौ महिलाओं को छह हजार रुपये की दर से भुगतान किया जाना है। इसमें अभी तक करीब एक हजार महिलाओं को पैसे का भुगतान नहीं हो सका है। 310 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए भेजे गए अनटाइड फंड को समाप्त करने को लेकर भी माथापच्ची जारी है।
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मनरेगा के बजट को खत्म करना भी चुनौती बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में नौसर गुमटिया संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए गुरुवार को अचानक 70 लाख रुपये भेज दिए गए। इसे खर्च करने को लेकर विभागीय कर्मचारी व अधिकारी चक्कर काटने को मजबूर रहे।
जिला व महिला अस्पताल का बजट भी नहीं हुआ खर्च
स्वास्थ्य विभाग में जिला चिकित्सालय में 27.73 करोड़ की लागत से 300 बेड का हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। इसमें अभी तक करीब 26 करोड़ ही खर्च हो सके हैं। महिला चिकित्सालय में 100 बेड के निर्माण कार्य पर भी 16 करोड़ ही खर्च हो सके हैं, जबकि 17.17 करोड़ रुपये विभाग को जारी किए जा चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज पर 50 फीसदी भी नहीं हुआ खर्च
शहर के कृषि फार्म में 10.5 एकड़ भूमि में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। शासन ने दो चरण में यहां के लिए 62.75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मगर अभी तक 50 फीसदी धन भी नहीं खर्च हो सका है। अवर अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि बजट को उपभोग किए जाने के साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जा रहा है, जिससे कुछ समस्या आ रही है।
सरकारी विभागों में बजट आने का दौर चल रहा है। वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। अगर किसी विभाग का बजट लैप्स होता है, तो उस विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी दो दिन का समय है। ट्रेजरी व बैंक भी खुले रहेंगे।
-रामचंद्र, सीडीओ