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पेड़ पर गुजारिए रात, खर्च होंगे 10 हजार
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:17 AM IST
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बहराइच/बिछिया। इको टूरिज्म के तहत विकसित कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में पर्यटकों को लुभाने के लिए ट्री हट का निर्माण किया गया है।
पेड़ों पर बने इस हट पर रात गुजारना सपनों से कम नहीं। लेकिन एक रात की कीमत 10 हजार रुपये अदा करनी होगी।
एक ट्री हट पहले से ही निर्मित हो चुका है। जबकि दूसरे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च माह से बुकिंग शुरू होगी।
बुकिंग आनलाइन करवाई जा सकती है। जमीन से 40 फुट की ऊंचाई पर सेमल के पेड़ की टहनियों और पिलर पर ट्री हट निर्मित किए गए हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। सात रेंजों में विभक्त इस संरक्षित वन क्षेत्र में दुर्लभ बाघ, तेंदुए, बारसिंघा, हिरन, नेपाली हाथी समेत अन्य दुर्लभ वन्यजीव विचरण करते हैं।
विदेशी पर्यटकों को भी यह जंगल लुभाता है। अब तक कतर्नियाघाट सेंक्चुरी पर छह डाक्यूमेंट्री फिल्में बन चुकी हैं।
पेड़ की टहनियों पर बने ट्री हट में डबल बेड, लॉन व रहन-सहन की अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया हैं। बाथरूम की सुविधा भी है।
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पेड़ों पर बने इस हट पर रात गुजारना सपनों से कम नहीं। लेकिन एक रात की कीमत 10 हजार रुपये अदा करनी होगी।
एक ट्री हट पहले से ही निर्मित हो चुका है। जबकि दूसरे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च माह से बुकिंग शुरू होगी।
बुकिंग आनलाइन करवाई जा सकती है। जमीन से 40 फुट की ऊंचाई पर सेमल के पेड़ की टहनियों और पिलर पर ट्री हट निर्मित किए गए हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। सात रेंजों में विभक्त इस संरक्षित वन क्षेत्र में दुर्लभ बाघ, तेंदुए, बारसिंघा, हिरन, नेपाली हाथी समेत अन्य दुर्लभ वन्यजीव विचरण करते हैं।
विदेशी पर्यटकों को भी यह जंगल लुभाता है। अब तक कतर्नियाघाट सेंक्चुरी पर छह डाक्यूमेंट्री फिल्में बन चुकी हैं।
पेड़ की टहनियों पर बने ट्री हट में डबल बेड, लॉन व रहन-सहन की अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया हैं। बाथरूम की सुविधा भी है।