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172 करोड़ खर्च के बाद सिर्फ 501 गांव ही ओडीएफ
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:04 AM IST
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172 करोड़ खर्च के बाद सिर्फ 501 गांव ही ओडीएफ
बाराबंकी। जिले को खुले से शौच मुक्त करने के लिए अब तक एक अरब 72 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है और इससे 501 गांवों को ओडीएफ करने का दावा किया जा रहा है।
जिले के दो अक्टूबर तक ओडीएफ घोषित करना है। इसके लिए केंद्र ने प्रदेश सरकार के साथ मिलकर शौचालय विहिन गरीब परिवारों को प्रति शौचालय 12 हजार की धनराशि दिए जाने का निर्णय लिया था।
सर्वे के अनुसार जिले में चार लाख 62 हजार 814 परिवारों के पास शौचालय नहीं थे। पिछले चार वर्षो में मिले एक अरब 72 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर तीन लाख 58 हजार 15 शौचालयों का निर्माण कराने का दावा किया जा रहा है लेकिन जिस प्रकार से इतना बजट खर्च किया गया है।
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उसके सापेक्ष जिले के आधे गांव भी ओडीएफ नहीं हो सके हैं। 1169 ग्राम पंचायतों में सिर्फ 501 गांवों को ओडीएफ किया गया है।
विभाग की मानें तो तीन लाख 56 हजार 999 शौचालयों के निर्माण पर अब तक एक अरब 72 करोड़ 84 लाख 58 हजार की धनराशि खर्च की जा चुकी है। प्रति शौचालय पर 12 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इस हिसाब से देखें तो अब तक खर्च हुए बजट से एक लाख 44 हजार शौचालयों का निर्माण होना था लेकिन विभाग ने कैसे इतनी भारी संख्या में इनका निर्माण करा दिया। यह बात चौंकाने वाली है।
डीपीआरओ अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि, शौचालय निर्माण के लिए एक अरब 72 करोड़ 84 लाख से अधिक का बजट मिल चुुका है।
जिससे साढ़े तीन लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कराकर 501 गांवों को ओडीएफ किया गया है। प्रयास है कि दो अक्टूबर तक जिले को ओडीएफ घोषित किया जा सके।
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बाराबंकी। जिले को खुले से शौच मुक्त करने के लिए अब तक एक अरब 72 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है और इससे 501 गांवों को ओडीएफ करने का दावा किया जा रहा है।
जिले के दो अक्टूबर तक ओडीएफ घोषित करना है। इसके लिए केंद्र ने प्रदेश सरकार के साथ मिलकर शौचालय विहिन गरीब परिवारों को प्रति शौचालय 12 हजार की धनराशि दिए जाने का निर्णय लिया था।
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सर्वे के अनुसार जिले में चार लाख 62 हजार 814 परिवारों के पास शौचालय नहीं थे। पिछले चार वर्षो में मिले एक अरब 72 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर तीन लाख 58 हजार 15 शौचालयों का निर्माण कराने का दावा किया जा रहा है लेकिन जिस प्रकार से इतना बजट खर्च किया गया है।
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उसके सापेक्ष जिले के आधे गांव भी ओडीएफ नहीं हो सके हैं। 1169 ग्राम पंचायतों में सिर्फ 501 गांवों को ओडीएफ किया गया है।
विभाग की मानें तो तीन लाख 56 हजार 999 शौचालयों के निर्माण पर अब तक एक अरब 72 करोड़ 84 लाख 58 हजार की धनराशि खर्च की जा चुकी है। प्रति शौचालय पर 12 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इस हिसाब से देखें तो अब तक खर्च हुए बजट से एक लाख 44 हजार शौचालयों का निर्माण होना था लेकिन विभाग ने कैसे इतनी भारी संख्या में इनका निर्माण करा दिया। यह बात चौंकाने वाली है।
डीपीआरओ अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि, शौचालय निर्माण के लिए एक अरब 72 करोड़ 84 लाख से अधिक का बजट मिल चुुका है।
जिससे साढ़े तीन लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कराकर 501 गांवों को ओडीएफ किया गया है। प्रयास है कि दो अक्टूबर तक जिले को ओडीएफ घोषित किया जा सके।