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अपराधियों पर अंकुश लगाने को किराएदारों का होगा सत्यापन

Fri, 29 Dec 2017 12:49 AM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:49 AM IST
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अपराधियों पर अंकुश लगाने को किराएदारों का होगा सत्यापन
बाराबंकी। बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने शहर व गांवों में किराए के घरों में रहने वाले लोगों का सत्यापन शुरू कराया है। एसपी ने आदेश जारी कर सभी थाना प्रभारियों को गंभीरता से काम करने की हिदायत दी है। इसमें सहयोग न करने पर मकान मालिकों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। खासकर लखनऊ बार्डर के गांव व कस्बों पर पुलिस की विशेष नजर बनी हुई है। एसपी अनिल कुमार सिंह ने शहर समेत जिले के समस्त कस्बा व गांवों में किराए के घर में रहने वाले लोगों का सत्यापन कराने का आदेश दिया है। इस काम के लिए सभी सीओ व एएसपी को जिम्मेदारी देते हुए मानीटरिंग करने की बात कही है। इसमें यदि किसी थाना प्रभारी द्वारा लापरवाही की गई या मकान मालिक द्वारा किराएदार के बारे में सही जानकारी न दिए जाने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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डकैती की वारदातें बनीं चुनौती
प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के ललपुरवा गांव के होमगार्ड राजकुमार सिंह व सतरिख थाना क्षेत्र के संदौली उमरपुर व शहर क्षेत्र के जिन्हौली गांव में हुई डकैती की वारदात पुलिस के लिए एक चुनौती बनी हुई है। इसके साथ ही बदोसराय कोतवाली क्षेत्र में शराब दुकान सेल्समैन से भी एक लाख की लूट हुई है। एसपी ने इन मामलों का खुलासा करने के लिए जहां क्राइम ब्रांच के साथ ही विशेष पुलिस टीम का गठन किया है, वहीं गांवों में लोगों से पहरेदारी भी शुरू कराई गई है। इसके बावजूद पुलिस अभी मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे घटनाओं का खुलासा नहीं हो पा रहा है।
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हिस्ट्रीशीटरों की हो रही पड़ताल
आपराधिक वारदातों का खुलासा करने के लिए पुलिस शातिर अपराधियों के बारे में भी पता लगाने में जुटी है। लखनऊ के भी बदमाशों के बारे में ब्योरा जुटाया जा रहा है। जो अपराधी जेल में बंद है या कुछ दिन पहले रिहा हुए है उनके बारे में भी पुलिस पूरी जानकारी एकत्र करने में लगी है। इसके साथ ही ईंट भट्ठो, व डेरा लगाकर रहने वाले लोगों का भी सत्यापन कराने का काम शुरू किया गया है।
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देवा के गेस्ट हाउस पर नहीं जाती पुलिस की नजर
एसपी ने जहां किराएदारों का सत्यापन कराने की बात कही है वहीं देवा कस्बे में पुलिस कभी किसी भी गेस्ट हाउस में जांच नहीं करती है। यहां कई साल पहले शातिर अपराधी भी पकड़े जा चुके है। जबकि बांग्लादेश व अन्य जगहों से आने वाले जायरीन भी यहां रहते हैं। देवा के गेस्ट हाउस अपराधियों की शरणस्थली के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन इस पर पुलिस ध्यान नहीं देती है।
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