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उतम संस्कारों से निकली शिक्षा से होगा राष्ट्र का निर्माण : प्रो दीक्षित
Updated Tue, 28 Nov 2017 11:02 PM IST
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गोंडा। शिक्षा से संस्कार नहीं बल्कि संस्कारों से शिक्षा निकलती है और उत्तम संस्कारों से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। यह बात डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मनोज दीक्षित ने सालपुर के बिशुनपुर बैरिया स्थित अवधराज सिंह स्मारक महाविद्यालय में मंगलवार को आयोजित महिला जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इसके लिए सांस्कारिक मूल्यों की रक्षा करना परम आवश्यक है। क्योंकि सांस्कारिक मूल्यों से ही देश में सुरक्षा व समृद्धि आयेगी।
सालपुर के बिशुनपुर बैरिया गांव स्थित अवधराज सिंह स्मारक महाविद्यालय में मंगलवार को भारत सरकार के राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली की तरफ से महिलाओं के विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विषय पर महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने किया। इस जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो दीक्षित ने कहा कि जिस तरह से संदर्भ के बगैर किसी विषय की व्याख्या नहीं की जा सकती उसी तरह से सांस्कारिक मूल्यों के बगैर परिवार, समाज व राष्ट्र का विकास संभव नही हो सकता। प्रो दीक्षित ने कहा कि संस्कारों से ही शिक्षा निकलती है। शिक्षा और संस्कार का समावेश कर्तव्यों व अधिकारों के सामंजस्य से ही संभव है। मैत्रीपूर्ण संबंधों के साथ रहना हमें परिवार व समाज ही सिखाता है। महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना के विकास के लिए उन्होंने समस्त शिक्षण संस्थाओं में एनसीसी को लागू करने की वकालत की। डॉ रेखा शर्मा ने शोषण के लिए काफी हद तक महिलाओ को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि महिला के सम्मान के लिए चिंतन करने व सोच बदलने की जरूरत है। सहायक डाक अधीक्षक किरन सिंह ने कहा कि जो महिला सृजन कर सकती है वह कमजोर नही हो सकती। डॉ एसके राय ने कहा कि उत्तर वैदिक काल में बालिकाओं की शिक्षा बंद कर दी गई थी। जिससे महिलाएं पिछड़ गई थी। मगर वर्तमान समय में महिलाएं पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल कर चुकी हैं। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ नागेंद्र सिंह व अध्यक्ष सुरेंद्र वीर सिंह ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, अक्षय कुमार सिंह, सुब्हान खां समेत अन्य मौजूद रहे।
छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
गोंडा। महिला जागरूकता कार्यक्रम के तहत महिलाओं के विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले अवधराज सिंह महाविद्यालय की सात छात्र छात्राओं को पुरस्कार के लिए चुना गया। प्रतियोगिता में 80 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान हासिल करने वाली बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा नेहा सिंह को कुलपति प्रो मनोज दीक्षित ने दो हजार रुपये नकद व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा द्वितीय स्थान पर रही अनामिका कसौधन को डा रेखा शर्मा ने 15 सौ रुपये का नकद पुरस्कार दिया। तीसरे स्थान पर संयुक्त रुप से रानू वर्मा, जूली वर्मा, बबिता वर्मा, उपेंद्र शुक्ल व रिया सिंह को चुना गया। इन छात्र छात्राओं को एक एक हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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सालपुर के बिशुनपुर बैरिया गांव स्थित अवधराज सिंह स्मारक महाविद्यालय में मंगलवार को भारत सरकार के राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली की तरफ से महिलाओं के विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विषय पर महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने किया। इस जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो दीक्षित ने कहा कि जिस तरह से संदर्भ के बगैर किसी विषय की व्याख्या नहीं की जा सकती उसी तरह से सांस्कारिक मूल्यों के बगैर परिवार, समाज व राष्ट्र का विकास संभव नही हो सकता। प्रो दीक्षित ने कहा कि संस्कारों से ही शिक्षा निकलती है। शिक्षा और संस्कार का समावेश कर्तव्यों व अधिकारों के सामंजस्य से ही संभव है। मैत्रीपूर्ण संबंधों के साथ रहना हमें परिवार व समाज ही सिखाता है। महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना के विकास के लिए उन्होंने समस्त शिक्षण संस्थाओं में एनसीसी को लागू करने की वकालत की। डॉ रेखा शर्मा ने शोषण के लिए काफी हद तक महिलाओ को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि महिला के सम्मान के लिए चिंतन करने व सोच बदलने की जरूरत है। सहायक डाक अधीक्षक किरन सिंह ने कहा कि जो महिला सृजन कर सकती है वह कमजोर नही हो सकती। डॉ एसके राय ने कहा कि उत्तर वैदिक काल में बालिकाओं की शिक्षा बंद कर दी गई थी। जिससे महिलाएं पिछड़ गई थी। मगर वर्तमान समय में महिलाएं पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल कर चुकी हैं। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ नागेंद्र सिंह व अध्यक्ष सुरेंद्र वीर सिंह ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, अक्षय कुमार सिंह, सुब्हान खां समेत अन्य मौजूद रहे।
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छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
गोंडा। महिला जागरूकता कार्यक्रम के तहत महिलाओं के विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले अवधराज सिंह महाविद्यालय की सात छात्र छात्राओं को पुरस्कार के लिए चुना गया। प्रतियोगिता में 80 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान हासिल करने वाली बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा नेहा सिंह को कुलपति प्रो मनोज दीक्षित ने दो हजार रुपये नकद व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा द्वितीय स्थान पर रही अनामिका कसौधन को डा रेखा शर्मा ने 15 सौ रुपये का नकद पुरस्कार दिया। तीसरे स्थान पर संयुक्त रुप से रानू वर्मा, जूली वर्मा, बबिता वर्मा, उपेंद्र शुक्ल व रिया सिंह को चुना गया। इन छात्र छात्राओं को एक एक हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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