{"_id":"5ce5923cbdec2207114c01e5","slug":"155854910412-lucknow-news120","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन का पट्टा निरस्त, प्रतिभूति की ढाई करोड़ धनराशि जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन का पट्टा निरस्त, प्रतिभूति की ढाई करोड़ धनराशि जब्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खनन का पट्टा निरस्त, प्रतिभूति की ढाई करोड़ धनराशि जब्त
बाराबंकी। खनन विभाग ने पट्टा धारक द्वारा खनन की शर्तें न पूरी करने पर घाघरा के उधिया खंड तीन का पट्टा निरस्त कर दिया है। वहीं पट्टा धारक द्वारा जमा की गई प्रतिभूति की ढाई करोड़ की धनराशि भी जब्त की गई है।
घाघरा नदी के किनारे उधिया तीन खंडों के अलग-अलग पांच साल की अवधि के बालू खनन के पट्टों की नीलामी मार्च 2018 में हुई थी। इसमें से उधिया खंड तीन का पट्टा नीलामी में दरियाबाद क्षेत्र के आशीष सिंह को मिला।
घाघरा के 11 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष (10 प्रतिशत वृद्धि) की शर्त पर आशीष सिंह ने ढाई करोड़ की प्रतिभूति की धनराशि सरकारी कोष में जमा कराई थी। खनन विभाग की शर्तों के मुताबिक जनवरी में पर्यावरण स्वच्छता का प्रमाणपत्र भी लाकर जमा कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद खनन विभाग की शर्तों के तहत 65 लाख रुपये कीमत का स्टांप व जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में 25 लाख रुपये की धनराशि जमा करनी थी। मगर, पट्टा धारक ने इसे नहीं जमा किया।
इस पर विभाग ने आशीष को नोटिस भेजकर पट्टे की शर्तें पूरी करने को कहा था। नोटिस अवधि में भी शर्तें पूरी नहीं करने पर खनन विभाग ने उधिया खंड तीन का पट्टा निरस्त कर प्रतिभूति की ढाई करोड़ रुपये की धनराशि जब्त कर ली है।
जिला खनन अधिकारी लालता प्रसाद ने बताया कि घाघरा के उधिया खंड तीन का पांच वर्षीय बालू खनन का पट्टा आशीष कुमार सिंह के नाम पर हुआ था। इनके द्वारा जनवरी में पर्यावरण का स्वच्छता प्रमाणपत्र जमा किया गया था।
मगर, कई बार नोटिस देने के बाद भी 65 लाख रुपये का स्टांप और जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में 25 लाख रुपये नहीं जमा किए गए। ऐसे में पट्टा निरस्त कर प्रतिभूति की जमा ढाई करोड़ रुपये की धनराशि जब्त कर ली गई है।
विज्ञापन
बाराबंकी। खनन विभाग ने पट्टा धारक द्वारा खनन की शर्तें न पूरी करने पर घाघरा के उधिया खंड तीन का पट्टा निरस्त कर दिया है। वहीं पट्टा धारक द्वारा जमा की गई प्रतिभूति की ढाई करोड़ की धनराशि भी जब्त की गई है।
घाघरा नदी के किनारे उधिया तीन खंडों के अलग-अलग पांच साल की अवधि के बालू खनन के पट्टों की नीलामी मार्च 2018 में हुई थी। इसमें से उधिया खंड तीन का पट्टा नीलामी में दरियाबाद क्षेत्र के आशीष सिंह को मिला।
विज्ञापन
घाघरा के 11 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष (10 प्रतिशत वृद्धि) की शर्त पर आशीष सिंह ने ढाई करोड़ की प्रतिभूति की धनराशि सरकारी कोष में जमा कराई थी। खनन विभाग की शर्तों के मुताबिक जनवरी में पर्यावरण स्वच्छता का प्रमाणपत्र भी लाकर जमा कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद खनन विभाग की शर्तों के तहत 65 लाख रुपये कीमत का स्टांप व जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में 25 लाख रुपये की धनराशि जमा करनी थी। मगर, पट्टा धारक ने इसे नहीं जमा किया।
इस पर विभाग ने आशीष को नोटिस भेजकर पट्टे की शर्तें पूरी करने को कहा था। नोटिस अवधि में भी शर्तें पूरी नहीं करने पर खनन विभाग ने उधिया खंड तीन का पट्टा निरस्त कर प्रतिभूति की ढाई करोड़ रुपये की धनराशि जब्त कर ली है।
जिला खनन अधिकारी लालता प्रसाद ने बताया कि घाघरा के उधिया खंड तीन का पांच वर्षीय बालू खनन का पट्टा आशीष कुमार सिंह के नाम पर हुआ था। इनके द्वारा जनवरी में पर्यावरण का स्वच्छता प्रमाणपत्र जमा किया गया था।
मगर, कई बार नोटिस देने के बाद भी 65 लाख रुपये का स्टांप और जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में 25 लाख रुपये नहीं जमा किए गए। ऐसे में पट्टा निरस्त कर प्रतिभूति की जमा ढाई करोड़ रुपये की धनराशि जब्त कर ली गई है।