यूपी: फिर टूटा कोरोना मरीजों का रिकॉर्ड, 15353 नए संक्रमित मिले, 67 की मौत
- यूपी में एक दिन पहले शनिवार (10 अप्रैल) को प्रदेश में 12787 मरीज मिले थे।
- प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 71241 पहुंची
- अब तक कुल रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या छह लाख 11 हजार 622 है।
- कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को 30 अप्रैल तक के लिए बंद किए जाने का निर्देश जारी कर दिया है।
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यूपी में रविवार को 15353 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। साथ ही 67 संक्रमित मरीजों की मौत भी हो गई है। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 4444 नए मरीज मिले हैं और 31 मौत हुई हैं। अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढक़र 71241 हो गई है। शनिवार को कुल 203780 नमूनों की जांच की गई।
हालांकि, अब तक कुल रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या छह लाख 11 हजार 622 है। वहीं, 85 लाख, 15 हजार, 296 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। बता दें कि एक दिन पहले शनिवार (10 अप्रैल) को प्रदेश में 12787 मरीज मिले थे। इसके पहले शुक्रवार (9 अप्रैल) को 9695 व गुरुवार (8 अप्रैल) को 8490 कोरोना मरीज मिले थे। आज यानी रविवार को चौथा दिन है जब कोरोना मरीजों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है।
मेरठ में कोरोना से एक की मौत हो गई और 219 मरीज संक्रमित मिले। वहीं, सहारनपुर में 148, मुज़फ्फरनगर में 126, शामली में 18 और बागपत में 23 संक्रमित मिले हैं। कुल 563 मरीज संक्रमित मिले।
वहीं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को 30 अप्रैल तक के लिए बंद किए जाने का निर्देश जारी कर दिया है। रविवार को टीम 11 के साथ आयोजित कोविड समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि स्कूलों के साथ कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे। हालांकि इस अवधि के दौरान स्कूल पूर्व निर्धारित परीक्षाएं करा सकते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि रविवार से टीका उत्सव की शुरूआत हुई है। प्रदेश में 6 हजार केन्द्रों पर टीकाकरण कार्य जारी है। 85 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती से बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती तक आयोजित टीका उत्सव के इस महत्वपूर्ण अभियान में सभी की सहभागिता आवश्यक है।
इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि सभी लोग टीकाकरण का लाभ उठा सकें। इसके लिए सभी विभागों के कार्मिकों को आवश्यकतानुसार कोविड प्रबंधन के कार्य से जोड़ा जाना जरूरी है। साथ ही जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मानव संसाधन लगाया जा सकता है। टीकाकरण कार्य में एनएसएस, एनसीसी तथा सिविल डिफेंस की सेवाएं ली जाएं।
लेवल दो व तीन के बेड बढ़ाए जाएं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में चिकित्सा कर्मियों, औषधियों, मेडिकल उपकरणों तथा बैकअप सहित ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए। लेवल-2 और लेवल-3 के बेड्स बढ़ाए जाएं। शासन हर तरह से सहयोग करेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि लखनऊ में एरा मेडिकल कॉलेज, डीएस मिश्र मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज सहित बलरामपुर हॉस्पिटल को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में कोरोना के इलाज के लिए समर्पित किया जाए। प्रत्येक कोविड हॉस्पिटल में न्यूनतम 700 बेड की उपलब्धता जरूर रहे। यहां सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
कोरोना रोकथाम के लिए टेस्ट, ट्रेस व ट्रीट जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के मंत्र को आत्मसात कर कार्य किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोजाना प्रदेश में न्यूनतम एक लाख आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएं। सभी सरकारी तथा निजी टेस्टिंग लैब पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। टेस्टिंग में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
100 केस मिलने पर लगाए नाइट कर्फ्यू
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में रोजाना 100 से अधिक कोरोना संक्रमण के केस मिल रहे हैं या फिर जहां पर कुल एक्टिव केस की संख्या 500 से अधिक है, वहां रात्रि नौ बजे से सुबह 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लगाया जाए।
कैंटोनमेंट जोन की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। सभी जनपदों में पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थरमामीटर, सैनिटाइजर, एंटीजन किट सहित सभी आवश्यक लॉजिस्टिक की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। किसी भी जनपद से लॉजिस्टिक के अभाव की शिकायत नहीं आनी चाहिए। प्रदेश में एचएफएनसी और वेंटिलेटर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके बाद भी आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त प्रबंध किए जाएं।