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जरवल में 8500 बच्चे अति कुपोषित
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:32 AM IST
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बहराइच। जरवल विकास खंड के 196 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 8500 बच्चे अति कुपोषित मिले हैं। इसका खुलासा आंगनबाड़ी केद्रों की रिपोर्ट में हुआ है। इसके बाद भी इन बच्चों के परिवारों की फीडिंग नहीं हो सकी है।
जरवल विकास खंड में 196 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 171 बड़े व 25 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है। इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग 12 हजार बच्चों की तौल, सेहत जांच व अन्य कार्य किए गए।
इसके बाद रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को भेजा गया। डीपीओ को भेजे गए रिपोर्ट में विकास खंड के 8500 बच्चे अति कुपोषित मिले। बच्चों की सेहत सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सेहत, शारीरिक विकास के लिए सबरी योजना की घोषणा की गई।
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लेकिन इसका लाभ परिवारों को नहीं मिल रहा है। यह समस्या कर्मचारियों की कमी से भी है। ब्लॉक में सात सुपरवाइजर में सिर्फ नीलम सिंह व रिंकू जायसवाल ही हैं।
कार्यालय में तैनात दो बाबू में राहुल खरे को जिले पर संबद्ध किया गया है। इससे सारे कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं सीडीपीओ रूपाली सिंह कब आती हैं, कब नहीं आती, इसका किसी को पता नहीं है।
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जरवल विकास खंड में 196 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 171 बड़े व 25 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है। इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग 12 हजार बच्चों की तौल, सेहत जांच व अन्य कार्य किए गए।
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इसके बाद रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को भेजा गया। डीपीओ को भेजे गए रिपोर्ट में विकास खंड के 8500 बच्चे अति कुपोषित मिले। बच्चों की सेहत सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सेहत, शारीरिक विकास के लिए सबरी योजना की घोषणा की गई।
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लेकिन इसका लाभ परिवारों को नहीं मिल रहा है। यह समस्या कर्मचारियों की कमी से भी है। ब्लॉक में सात सुपरवाइजर में सिर्फ नीलम सिंह व रिंकू जायसवाल ही हैं।
कार्यालय में तैनात दो बाबू में राहुल खरे को जिले पर संबद्ध किया गया है। इससे सारे कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं सीडीपीओ रूपाली सिंह कब आती हैं, कब नहीं आती, इसका किसी को पता नहीं है।