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पूर्व विधायक वारिस अली की डूबकर मौत
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:16 PM IST
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बहराइच/नानपारा। पूर्व विधायक वारिस अली का रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में तालाब में डूबकर निधन हो गया। उनका शव आवासीय परिसर स्थित तालाब में पाया गया।
पैर फिसलने से डूबने की आशंका जताई जा रही है। पूर्व विधायक के निधन का समाचार सुनकर घर पर शोक संवेदना जताने वालों का तांता लगा है। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
नानपारा के पूर्व विधायक वारिश अली (56) का आवास नगर के पश्चिमी हिस्से में कतर्नियाघाट मार्ग पर है। वे प्रतिदिन सुबह लगभग पांच बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते थे।
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आवासीय परिसर में ही पूर्व विधायक टहलते थे। परिवारीजनों के मुताबिक रविवार सुबह भी वह मार्निंग वॉक के लिए निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे।
काफी देर होने पर परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की तो उनका शव आवासीय परिसर स्थित तालाब में मिला। इस पर चीख पुकार मच गई।
पूर्व विधायक के मौत की खबर सुनकर घर पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। एएसपी ग्रामीण रवींद्र सिंह, सीओ विजय प्रताप सिंह और कोतवाली नानपारा के प्रभारी निरीक्षक विनोद अग्निहोत्री ने जांच शुरू की है।
2007 में बसपा के टिकट पर बने थे विधायक
वारिस अली वर्ष 2007 में नानपारा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्हें भारी बहुमत से जीत हासिल हुई थी।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वारिस अली ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर लड़े। लेकिन जीत हासिल नहीं हुई।
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पैर फिसलने से डूबने की आशंका जताई जा रही है। पूर्व विधायक के निधन का समाचार सुनकर घर पर शोक संवेदना जताने वालों का तांता लगा है। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
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नानपारा के पूर्व विधायक वारिश अली (56) का आवास नगर के पश्चिमी हिस्से में कतर्नियाघाट मार्ग पर है। वे प्रतिदिन सुबह लगभग पांच बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते थे।
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आवासीय परिसर में ही पूर्व विधायक टहलते थे। परिवारीजनों के मुताबिक रविवार सुबह भी वह मार्निंग वॉक के लिए निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे।
काफी देर होने पर परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की तो उनका शव आवासीय परिसर स्थित तालाब में मिला। इस पर चीख पुकार मच गई।
पूर्व विधायक के मौत की खबर सुनकर घर पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। एएसपी ग्रामीण रवींद्र सिंह, सीओ विजय प्रताप सिंह और कोतवाली नानपारा के प्रभारी निरीक्षक विनोद अग्निहोत्री ने जांच शुरू की है।
2007 में बसपा के टिकट पर बने थे विधायक
वारिस अली वर्ष 2007 में नानपारा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्हें भारी बहुमत से जीत हासिल हुई थी।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वारिस अली ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर लड़े। लेकिन जीत हासिल नहीं हुई।