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दो घंटे हिरासत में रहे यदुवंशी महासभा के नेता
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:35 AM IST
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दो घंटे हिरासत में रहे यदुवंशी महासभा के नेता
रायबरेली। अप्टा मजरे नरसंहार मामला मंगलवार को एक बार फिर गरमा गया। अप्टा गांव जा रहे यदुवंशी महासभा के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के 21 सदस्यों को पुलिस-प्रशासन ने रोका तो दोनों पक्षों में तीखी तकरार हुई। प्रदर्शन कर रहे 21 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस भदोखर थाने ले गई। दो घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया।
मंगलवार को अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कपिल मुनि यादव की अगुवाई में अप्टा कांड की पड़ताल करने आए कई प्रदेशों के अध्यक्ष व प्रभारी गांव जा रहे थे। लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर दरियापुर चौराहा के पास पुलिस ने सभी को रोक दिया। इसको लेकर अफसरों से सदस्यों की तीखी तकरार होने लगी। पुलिस ने कपिल मुनि यादव, दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आरएस यादव, यूपी के अध्यक्ष प्रवीण यादव के अलावा ओपी यादव, आरपी यादव समेत 21 लोगों को हिरासत में ले लिया और सभी को भदोखर थाने ले जाया गया। यहां पर दो घंटे रखने के बाद छोड़ दिया गया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने थाने से छूटने के बाद मीडिया से बात की। सीओ ने बताया कि सभी अप्टा गांव जा रहे थे। दरियापुर चौराहा पर रोक दिया गया। इसके बाद थाने में बैठाए रखा गया और फिर छोड़ दिया गया।
सियासी खेल के आगे पीछे छूटा न्याय दिलाने का मकसद
अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड में हो रहे सियासत के खेल में न्याय दिलाने का मकसद छूट गया है। हर कोई इसे जातिवाद का रंग देकर अपना वोट बैंक मजबूत करने की फिराक में है। 26 जून को अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में पांच लोगों की हत्या के बाद अब तक नौ हत्या आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। ब्राह्मण और यादव समाज इस वारदात को लेकर आमने-सामने आ गया है। गांव का अमन चैन अब तक नहीं लौटा है। बच्चों की पढ़ाई और खेती किसानी का कार्य बर्बाद है। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन किसी को गांव जाने की इजाजत नहीं दे रहा है। यहां तक कि जिले के बुद्धिजीवी भी इस मामले को जातिवाद के चश्मे से देख रहे हैं।
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रायबरेली। अप्टा मजरे नरसंहार मामला मंगलवार को एक बार फिर गरमा गया। अप्टा गांव जा रहे यदुवंशी महासभा के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के 21 सदस्यों को पुलिस-प्रशासन ने रोका तो दोनों पक्षों में तीखी तकरार हुई। प्रदर्शन कर रहे 21 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस भदोखर थाने ले गई। दो घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया।
मंगलवार को अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कपिल मुनि यादव की अगुवाई में अप्टा कांड की पड़ताल करने आए कई प्रदेशों के अध्यक्ष व प्रभारी गांव जा रहे थे। लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर दरियापुर चौराहा के पास पुलिस ने सभी को रोक दिया। इसको लेकर अफसरों से सदस्यों की तीखी तकरार होने लगी। पुलिस ने कपिल मुनि यादव, दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आरएस यादव, यूपी के अध्यक्ष प्रवीण यादव के अलावा ओपी यादव, आरपी यादव समेत 21 लोगों को हिरासत में ले लिया और सभी को भदोखर थाने ले जाया गया। यहां पर दो घंटे रखने के बाद छोड़ दिया गया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने थाने से छूटने के बाद मीडिया से बात की। सीओ ने बताया कि सभी अप्टा गांव जा रहे थे। दरियापुर चौराहा पर रोक दिया गया। इसके बाद थाने में बैठाए रखा गया और फिर छोड़ दिया गया।
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सियासी खेल के आगे पीछे छूटा न्याय दिलाने का मकसद
अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड में हो रहे सियासत के खेल में न्याय दिलाने का मकसद छूट गया है। हर कोई इसे जातिवाद का रंग देकर अपना वोट बैंक मजबूत करने की फिराक में है। 26 जून को अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में पांच लोगों की हत्या के बाद अब तक नौ हत्या आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। ब्राह्मण और यादव समाज इस वारदात को लेकर आमने-सामने आ गया है। गांव का अमन चैन अब तक नहीं लौटा है। बच्चों की पढ़ाई और खेती किसानी का कार्य बर्बाद है। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन किसी को गांव जाने की इजाजत नहीं दे रहा है। यहां तक कि जिले के बुद्धिजीवी भी इस मामले को जातिवाद के चश्मे से देख रहे हैं।
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