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ड्रोन व सेटेलाइट कैमरों से होगी बाढ़ की निगरानी
Updated Fri, 15 Jun 2018 11:32 PM IST
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बहराइच। बाढ़ के दौरान होने वाली तबाही से बचाव के लिए इस बार ड्रोन व सेटेलाइट कैमरों से निगरानी की जाएगी। जिले मेें हर साल घाघरा नदी के आसपास के इलाके बाढ़ की चपेट में आने से हजारों लोग बेघर हो जाते हैं।
इस परेशानी से बचने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। महसी, कैसरगंज और नानपारा तहसील क्षेत्रों की हाईटेक निगरानी के लिए शासन से संसाधन की मांग की गई है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण के तत्वावधान में प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जनपदों में आयोजित होने वाले मॉक ड्रिल का जिलाधिकारी (कमांडर) माला श्रीवास्तव ने पुलिस अधीक्षक (सेफ्टी आफिसर) सभाराज के साथ जिला मुख्यालय स्थित आपदा प्रबंध केंद्र (इमरजेन्सी कंट्रोल रूम) में स्थापित लाजिस्टिक सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन व ऑपरेशन सेक्शन का निरीक्षण कर शुभारंभ किया।
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जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में संभावित बाढ़ के दौरान ड्रोन व सेटेलाइट कैमरों की व्यवस्था के लिए शासन से मांग की गई है। डीएम व एसपी शुक्रवार को सुबह 9 बजे जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम पहुंच कर मॉक ड्रिल के लिए स्थापित किए गए लाजिस्टिक सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन तथा ऑपरेशन सेक्शन का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में संभावित बाढ़ के दृष्टिगत नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी, वार्निंग की सूचना पहुंचाने, प्रभावित व्यक्तियों तक राहत पहुंचान, क्षति का आंकलन आदि समस्त कार्यों के लिए लॉजिस्टिक सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन व ऑपरेशन सेक्शन स्थापित किया गया है।
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इस परेशानी से बचने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। महसी, कैसरगंज और नानपारा तहसील क्षेत्रों की हाईटेक निगरानी के लिए शासन से संसाधन की मांग की गई है।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण के तत्वावधान में प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जनपदों में आयोजित होने वाले मॉक ड्रिल का जिलाधिकारी (कमांडर) माला श्रीवास्तव ने पुलिस अधीक्षक (सेफ्टी आफिसर) सभाराज के साथ जिला मुख्यालय स्थित आपदा प्रबंध केंद्र (इमरजेन्सी कंट्रोल रूम) में स्थापित लाजिस्टिक सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन व ऑपरेशन सेक्शन का निरीक्षण कर शुभारंभ किया।
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जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में संभावित बाढ़ के दौरान ड्रोन व सेटेलाइट कैमरों की व्यवस्था के लिए शासन से मांग की गई है। डीएम व एसपी शुक्रवार को सुबह 9 बजे जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम पहुंच कर मॉक ड्रिल के लिए स्थापित किए गए लाजिस्टिक सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन तथा ऑपरेशन सेक्शन का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में संभावित बाढ़ के दृष्टिगत नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी, वार्निंग की सूचना पहुंचाने, प्रभावित व्यक्तियों तक राहत पहुंचान, क्षति का आंकलन आदि समस्त कार्यों के लिए लॉजिस्टिक सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन व ऑपरेशन सेक्शन स्थापित किया गया है।