{"_id":"5af87a074f1c1bd2408b5087","slug":"131526233607-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ लाख आबादी दहशत के साये में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ लाख आबादी दहशत के साये में
Updated Sun, 13 May 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आठ लाख आबादी दहशत के साये में
सीतापुर। इन दिनों सदर तहसील क्षेत्र की आठ लाख आबादी दहशत के साये में जी रही है। हालात ये हैं कि मासूमों पर किस समय, कहां आदमखोर कुत्तों का झुंड हमला बोल दे, कोई भरोसा नहीं। जिसकी वजह से मासूमों पर हर वक्त खतरा मंडरा रहा है।
लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। लोगों की चिंता बेवजह नहीं है। कारण ये है कि शहर कोतवाली, खैराबाद, तालगांव, मछरेहटा थाना क्षेत्रों में आदमखोर कुत्ते एक के बाद एक करके 13 मासूमों को अपना निवाला बना चुके हैं।
जबकि 26 लोगों को जख्मी कर चुके हैं। 500 बकरियों को ये कुत्ते अपना निवाला बना चुके हैं। नवंबर 2017 से इन आदमखोर कुत्तों के हमले जो शुरू हुए, वे अभी तक रुके नहीं हैं।
विज्ञापन
कहने को तो प्रशासन इन कुत्तों पर अंकुश लगाने के दावे कर रहा है, लेकिन मासूमों पर हमले कम नहीं हो रहे हैं। हालत ये है कि अब तो आए दिन किसी न किसी बाग, खेत, खलिहान में आदमखोर कुत्ते हमला बोलकर मासूमों को निवाला बना रहे हैं।
विज्ञापन
सीतापुर। इन दिनों सदर तहसील क्षेत्र की आठ लाख आबादी दहशत के साये में जी रही है। हालात ये हैं कि मासूमों पर किस समय, कहां आदमखोर कुत्तों का झुंड हमला बोल दे, कोई भरोसा नहीं। जिसकी वजह से मासूमों पर हर वक्त खतरा मंडरा रहा है।
लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। लोगों की चिंता बेवजह नहीं है। कारण ये है कि शहर कोतवाली, खैराबाद, तालगांव, मछरेहटा थाना क्षेत्रों में आदमखोर कुत्ते एक के बाद एक करके 13 मासूमों को अपना निवाला बना चुके हैं।
विज्ञापन
जबकि 26 लोगों को जख्मी कर चुके हैं। 500 बकरियों को ये कुत्ते अपना निवाला बना चुके हैं। नवंबर 2017 से इन आदमखोर कुत्तों के हमले जो शुरू हुए, वे अभी तक रुके नहीं हैं।
विज्ञापन
कहने को तो प्रशासन इन कुत्तों पर अंकुश लगाने के दावे कर रहा है, लेकिन मासूमों पर हमले कम नहीं हो रहे हैं। हालत ये है कि अब तो आए दिन किसी न किसी बाग, खेत, खलिहान में आदमखोर कुत्ते हमला बोलकर मासूमों को निवाला बना रहे हैं।