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हेरिटेज रेल लाइन से कतर्निया में बढ़ेंगे पर्यटक
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:49 PM IST
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बहराइच। लखनऊ में चल रहे इन्वेस्टर्स समिट में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कतर्निया से मैलानी मीटर गेज लाइन को हेरिटेज रेल लाइन में बदले का एलान किया।
इससे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के दिन बहुरने की संभावना बढ़ गई है। इको टूरिज्म के रूप में न सिर्फ कतर्नियाघाट को विस्तार मिल सकेगा, बल्कि नई ट्रेनों के मिलने से सुविधाएं बढ़ेंगी। रोजगार भी मुहैया होंगे। खासकर विदेशी पर्यटकों को कतर्निया पहुंचने में काफी सुविधाएं मिल सकेंगी।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस सेंक्चुरी में सात रेंज हैं, जिनमें कतर्नियाघाट, सुजौली, धर्मापुर, मोतीपुर, ककरहा, मुर्तिहा और निशानगाड़ा रेंज शामिल हैं।
नेपाली हाथियों का झुंड भी आए दिन नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से निकलकर कतर्नियाघाट पहुंच जाता है, जिससे पर्यटक काफी रोमांचित होते हैं।
लेकिन कतर्नियाघाट पहुंचने के लिए आवागमन की विशेष व्यवस्था नहीं है। इस कारण ईको टूरिज्म के रूप में विकसित हो रहा कतर्नियाघाट अब भी प्रदेश व देश के नक्शे में विशेष पहचान नहीं बना सका है।
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ऐसे में रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से लखनऊ में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के समापन अवसर पर कतर्नियाघाट को हेरिटेज रेल लाइन से जोड़ने की घोषणा ने उम्मीदें जगाई हैं। हेरिटेज रेल लाइन के कारण पर्यटक सुविधाएं बढ़ेंगी।
कतर्नियाघाट को नई पहचान मिलेगी। नई ट्रेनों से पर्यटकों के साथ आम नागरिकों को भी लाभ मिलेगा। होटल खुलेंगे व रोजगार बढ़ेगा। इससे विकास का दायरा भी व्यापक होने की संभावना है।
80 किलोमीटर बिछेगी रेल लाइन
रेल मंत्री ने कतर्नियाघाट से मैलानी तक हेरिटेज रेल लाइन की घोषणा की है। मैलानी लखीमपुर जिले में है। कतर्नियाघाट से दूरी 80 किलोमीटर है।
इन सुविधाओं के मिलने की उम्मीद
-नई ट्रेनों के मिलनेे की संभावना
-वर्तमान ट्रेनों में कोच बढ़ने की उम्मीद
-कतर्नियाघाट के बिछिया, निशानगाड़ा और ककरहा में होटल निर्माण की संभावना
कतर्नियाघाट की है पहचान
बाघ- 36
तेंदुआ- 80 से अधिक
हिरन की विभिन्न प्रजातियां- 8500
गैंडे- 3
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इससे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के दिन बहुरने की संभावना बढ़ गई है। इको टूरिज्म के रूप में न सिर्फ कतर्नियाघाट को विस्तार मिल सकेगा, बल्कि नई ट्रेनों के मिलने से सुविधाएं बढ़ेंगी। रोजगार भी मुहैया होंगे। खासकर विदेशी पर्यटकों को कतर्निया पहुंचने में काफी सुविधाएं मिल सकेंगी।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस सेंक्चुरी में सात रेंज हैं, जिनमें कतर्नियाघाट, सुजौली, धर्मापुर, मोतीपुर, ककरहा, मुर्तिहा और निशानगाड़ा रेंज शामिल हैं।
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नेपाली हाथियों का झुंड भी आए दिन नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से निकलकर कतर्नियाघाट पहुंच जाता है, जिससे पर्यटक काफी रोमांचित होते हैं।
लेकिन कतर्नियाघाट पहुंचने के लिए आवागमन की विशेष व्यवस्था नहीं है। इस कारण ईको टूरिज्म के रूप में विकसित हो रहा कतर्नियाघाट अब भी प्रदेश व देश के नक्शे में विशेष पहचान नहीं बना सका है।
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ऐसे में रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से लखनऊ में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के समापन अवसर पर कतर्नियाघाट को हेरिटेज रेल लाइन से जोड़ने की घोषणा ने उम्मीदें जगाई हैं। हेरिटेज रेल लाइन के कारण पर्यटक सुविधाएं बढ़ेंगी।
कतर्नियाघाट को नई पहचान मिलेगी। नई ट्रेनों से पर्यटकों के साथ आम नागरिकों को भी लाभ मिलेगा। होटल खुलेंगे व रोजगार बढ़ेगा। इससे विकास का दायरा भी व्यापक होने की संभावना है।
80 किलोमीटर बिछेगी रेल लाइन
रेल मंत्री ने कतर्नियाघाट से मैलानी तक हेरिटेज रेल लाइन की घोषणा की है। मैलानी लखीमपुर जिले में है। कतर्नियाघाट से दूरी 80 किलोमीटर है।
इन सुविधाओं के मिलने की उम्मीद
-नई ट्रेनों के मिलनेे की संभावना
-वर्तमान ट्रेनों में कोच बढ़ने की उम्मीद
-कतर्नियाघाट के बिछिया, निशानगाड़ा और ककरहा में होटल निर्माण की संभावना
कतर्नियाघाट की है पहचान
बाघ- 36
तेंदुआ- 80 से अधिक
हिरन की विभिन्न प्रजातियां- 8500
गैंडे- 3