{"_id":"5a5f7a3f4f1c1ba5268b5002","slug":"131516206655-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर आधे घंटे टहलता रहा बाघ, आवागमन ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर आधे घंटे टहलता रहा बाघ, आवागमन ठप
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:16 PM IST
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बिछिया/उर्रा। जंगल से निकलकर आया बाघ खेत में आराम फरमा रहा था। तभी गांव के लोग पहुंच गए। बाघ की दहाड़ पर सभी ने भागकर जान बचाई। इस दौरान बाघ निकलकर सेमरी-सुजौली मार्ग पर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ आधा घंटा सड़क पर खड़ा रहा।
लोगों के हांका लगाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। आधे घंटे तक मार्ग पर आवागमन थमा रहा। सूचना पर वन विभाग ने हथिनी जयमाला और चंपाकली को कांबिंग के लिए भेजा है। गांव के लोग दहशत में हैं।
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र के सुजौली रेंज में स्थित सुजौली गांव में बीते सप्ताह वन्यजीव के हमले में एक किशोर निवाला बना चुका है। मुर्तिहा, धर्मापुर और मोतीपुर रेंज में बाघ और तेंदुओं के हमले हुए हैं।
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इसके कारण वन विभाग ने पिंजरा लगाकर टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को सजग जरूर किया है लेकिन बाघ और तेंदुए के हमले थम नहीं रहे हैं। बुधवार देर शाम को कोतवाली मुर्तिहा के महाराजसिंह नगर गांव निवासी तीरथराम, मस्तराम, गणेश, विजय आदि खेतों की निगरानी करने के लिए घर से समूह में निकले थे।
ग्रामीण जब खेत के निकट पहुंचे, तभी उन्हें बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ी। इस पर सभी उल्टे पांव शोर मचाते हुए गांव की ओर भागे। गांव के लोग भी हांका लगाते हुए निकले। घटना के कुछ देर बाद बाघ गन्ने के खेत से निकलकर सेमरी-सुजौली मार्ग पर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ 32 मिनट तक सड़क पर मौजूद रहा।
बाघ के जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सूचना रेंज कार्यालय को दी गई। इसके बाद देर शाम हथिनी जयमाला और चंपाकली को गश्त के लिए क्षेत्र में भेजा गया है। प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि दोनों हथिनियों के साथ टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं। बाघ निकलने की सूचना मिली थी। कांबिंग की जा रही है।
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लोगों के हांका लगाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। आधे घंटे तक मार्ग पर आवागमन थमा रहा। सूचना पर वन विभाग ने हथिनी जयमाला और चंपाकली को कांबिंग के लिए भेजा है। गांव के लोग दहशत में हैं।
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कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र के सुजौली रेंज में स्थित सुजौली गांव में बीते सप्ताह वन्यजीव के हमले में एक किशोर निवाला बना चुका है। मुर्तिहा, धर्मापुर और मोतीपुर रेंज में बाघ और तेंदुओं के हमले हुए हैं।
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इसके कारण वन विभाग ने पिंजरा लगाकर टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को सजग जरूर किया है लेकिन बाघ और तेंदुए के हमले थम नहीं रहे हैं। बुधवार देर शाम को कोतवाली मुर्तिहा के महाराजसिंह नगर गांव निवासी तीरथराम, मस्तराम, गणेश, विजय आदि खेतों की निगरानी करने के लिए घर से समूह में निकले थे।
ग्रामीण जब खेत के निकट पहुंचे, तभी उन्हें बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ी। इस पर सभी उल्टे पांव शोर मचाते हुए गांव की ओर भागे। गांव के लोग भी हांका लगाते हुए निकले। घटना के कुछ देर बाद बाघ गन्ने के खेत से निकलकर सेमरी-सुजौली मार्ग पर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ 32 मिनट तक सड़क पर मौजूद रहा।
बाघ के जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सूचना रेंज कार्यालय को दी गई। इसके बाद देर शाम हथिनी जयमाला और चंपाकली को गश्त के लिए क्षेत्र में भेजा गया है। प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि दोनों हथिनियों के साथ टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं। बाघ निकलने की सूचना मिली थी। कांबिंग की जा रही है।