केजीएमयू: आठ छात्रों से रैगिंग में 13 आरोपी हॉस्टल से निलंबित, परिसर में घुसने पर भी लगाई रोक
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केजीएमयू में फिर आठ छात्रों से रैगिंग का मामला सामने आया है। एमबीबीएस 2017 बैच के एक छात्र की मां की शिकायत पर केजीएमयू प्रशासन ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। जांच चलने तक आरोपी 13 एमबीबीएस छात्रों को हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया है।
इनमें से दो 2015 और 11 आरोपी 2016 बैच के हैं। इन सभी के परिसर में घुसने पर भी रोक लगाते हुए बुधवार देर शाम सभी से कमरों की चाबी ले ली गई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा को भेजे शिकायती पत्र में छात्र की मां ने आरोप लगाया कि 2016 बैच के छात्रों ने उनके बेटे की रैगिंग की।
इस पर सभी आरोपियों के साथ अन्य छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इस बीच वर्ष 2017 बैच के आठ छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को लिखित में दिया कि उनके साथ रैगिंग हुई है। इसके बाद पांच सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई।
इसका नेतृत्व डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. जीपी सिंह करेंगे। फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप वर्मा, रेस्पेरेटरी विभाग के डॉ. आनंद श्रीवास्तव, क्वीन मेरी की डॉ. सुजाता देव और डेंटल से डॉ. नंदलाल को कमेटी में शामिल किया गया है।
आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई
पिछले साल भी कई छात्रों पर लगा था जुर्माना, बनाई गई जांच कमेटी
केजीएमयू में पिछले साल भी रैगिंग की शिकायतें मिली थीं। इस मामले में जांच कमेटी बनाई गई थी। कुछ छात्रों पर जुर्माना लगाया गया तो कुछ को छह माह के लिए निलंबित किया दिया गया था। वहीं कुछ शिकायतों को जांच कमेटी ने गलत पाया था। इस पर आरोपी छात्रों को क्लीन चिट दे दी गई थी।
शिकायत के आधार पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। तब तक आरोपी छात्रों को हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया है। आरोप सही पाए गए तो सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो. आरएएस कुशवाहा, चीफ प्रॉक्टर, केजीएमयू