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खेत में शव दफनाने से मना करने पर बिफरे ग्रामीण
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:48 PM IST
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मसौधा (फैजाबाद)। पूराकलंदर थाना क्षेत्र के सरियावां मजरे खैंपुर गांव में शनिवार को दोपहर उस समय हंगामा हो गया, जब एक दलित के शव को उसके के ही खेत में दफनाने से ग्राम प्रधान ने रोक दिया। इससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और पीड़ित पक्ष के समर्थन में लोगों का हुजूम मसौधा-सोहावल तहसील मार्ग पर आ गया। उन्होंने शव रोड पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीएम सोहावल, सीओ अयोध्या व पूराकलंदर पुलिस बल की मौजूदगी में मृतक के खेत में ही शव को दफनाया गया।
सरियावां मजरे खैंपुर गांव निवासी रामदुलारे (90) कीशनिवार सुबह मौत हो गई थी। शव को परिवारीजन उनके खेत में दफनाने के लिए ले गए। इसकी खबर ग्राम प्रधान राम मगन को मिली तो वह भड़क गए और यह कह कर विरोध किया कि यह खेत ग्राम समाज की संपत्ति है, यहां शव को नहीं दफनाने देंगे। वहीं, पीड़ित पक्ष का कहना था कि इस खेत को वह 30 साल से जोत-बो रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इससे गुस्साए पीड़ित पक्ष के लोगों ने शव को ले जाकर मसौधा-सोहावल तहसील मार्ग पर रख जाम लगा दिया और प्रदर्शन करने लगे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पूराकलंदर थाना प्रभारी वीर सिंह व सोहावल तहसील प्रशासन समेत सीओ अयोध्या राजू कुमार साव ने दोनों पक्षों को समझा। खेत में ही शव दफनाने की सहमति बनने पर लोग शांत हुए। थानाध्यक्ष पूराकलंदर वीर सिंह का कहना है कि दोनों पक्ष की सहमति पर रामदुलारे के शव को उसके खेत में ही दफन करा दिया गया।
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सरियावां मजरे खैंपुर गांव निवासी रामदुलारे (90) कीशनिवार सुबह मौत हो गई थी। शव को परिवारीजन उनके खेत में दफनाने के लिए ले गए। इसकी खबर ग्राम प्रधान राम मगन को मिली तो वह भड़क गए और यह कह कर विरोध किया कि यह खेत ग्राम समाज की संपत्ति है, यहां शव को नहीं दफनाने देंगे। वहीं, पीड़ित पक्ष का कहना था कि इस खेत को वह 30 साल से जोत-बो रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इससे गुस्साए पीड़ित पक्ष के लोगों ने शव को ले जाकर मसौधा-सोहावल तहसील मार्ग पर रख जाम लगा दिया और प्रदर्शन करने लगे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पूराकलंदर थाना प्रभारी वीर सिंह व सोहावल तहसील प्रशासन समेत सीओ अयोध्या राजू कुमार साव ने दोनों पक्षों को समझा। खेत में ही शव दफनाने की सहमति बनने पर लोग शांत हुए। थानाध्यक्ष पूराकलंदर वीर सिंह का कहना है कि दोनों पक्ष की सहमति पर रामदुलारे के शव को उसके खेत में ही दफन करा दिया गया।
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