फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   परिवार और दोस्तों के साथ मनाएंगे नए साल का जश्न

परिवार और दोस्तों के साथ मनाएंगे नए साल का जश्न

Sat, 30 Dec 2017 12:05 AM IST
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:05 AM IST
विज्ञापन
परिवार और दोस्तों के साथ मनाएंगे नए साल का जश्न
बाराबंकी। नए साल का जश्न मनाने की तैयारियां लोगों ने शुरू कर दी हैं। युवक, युवतियां व अन्य लोग अपने-अपने ढंग से नए साल का जश्न मनाने की तैयारियां में जुटे हैं। इसे लेकर पार्कों को भी सजाया संवारा जा रहा है। शहर में कोई बड़ा होटल न होने की वजह से ज्यादातर लोग राजधानी के शहरी सीमा से सटे होने की वजह से दोस्तों के साथ लखनऊ निकल जाते हैं। क्योंकि वहां पर काफी ज्यादा होटल और पार्क हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की होती। वहीं, ज्यादातर लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ ही नए साल का जश्न शहर के पार्कों और अपने घरों पर मनाते हैं।
विज्ञापन


नव वर्ष की बधाई देने से होता आत्मीयता का संचार
यह अपना नववर्ष नहीं है और यह अंग्रेजी साम्राज्यवाद का प्रतीक है। अपना नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है, इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। इसलिए सभी मानवों का पूरी सृष्टि के प्रत्येक अंग प्रत्यंग से स्थूल व सूक्ष्म दोनों प्रकार का संबंध है। व्यवहार जगत में ईसवी संवत चल रहा है। इसलिए पहली जनवरी को भी हमें भारतीय दृष्टि से नववर्ष मनाना चाहिए। क्योंकि भारतीय संस्कृति सर्व समावेशी है। पहली जनवरी को प्रात: सूर्योदय के साथ ही परस्पर शुभकामना व बधाई देना समाज में समरसता, बंधुभाव और आत्मीयता का संचार करेगा। नववर्ष में अपनी दृष्टि से राष्ट्र व समाज में स्थिति एवं परिस्थिति के अनुसार जो भी कार्य उपादेय हो, उसे करने का संकल्प लेना चाहिए।
विज्ञापन

- आनंद प्रकाश मिश्र, साहित्यकार

नए साल में अधूरे कार्य का करेंगे पूरा
अंग्रेजी वाला नववर्ष हम मनाते नहीं हैं। हम अपनी भारतीय संस्कृति वाला चैत्र में नववर्ष मनाते हैं। यह पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण भारतीय संस्कृति के लिए घातक है। हमारी सामाजिक संरचना पाश्चात्य देशों से भिन्न है, इसलिए हमें पाश्चात्य संस्कृति को नहीं अपनाना चाहिए। साहित्य व सांस्कृतिक कार्य प्रारंभ किए गए हैं। हिंदी साहित्य इतिहास के आदि लेखक पं. महेश दत्त शुक्ल के कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया है। साथ ही रामजानकी मंदिर ठाकुरद्वारा मेें जो कार्य अधूरा है उसे नए साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अजय गुरुजी, साहित्यकार

साहित्यकारों के साथ मनाएंगे नया साल
हाड़ मांस का पिंजरा तामे किया अचार, एकै बरन मा सब अहै बाभन तुरक चमार.. हम उस संस्कृति का पालन करते हैं जो छुआछूत और अमीरी गरीबी के भेदभाव को दूर करता है। नववर्ष पर जनता के बीच साहित्यकारों को लाकर लोगों के साथ नववर्ष मनाएंगे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सतरिख में साहित्यकारों के साथ नववर्ष का स्वागत किए जाने की तैयारी है। साथ ही गरीब बच्चों के लिए कार्य किया जाएगा। लोगों में समरसता बढ़ाने का संकल्प है इसके लिए कार्य किया जाएगा।
- विनयदास, साहित्यकार

केक काटकर करेंगे नए साल का स्वागत
रणजी ट्रॉफी में बंगाल की टीम की ओर से क्रिकेट मैच खेलकर वापस आ गया हूं। पांच साल बाद परिवार के साथ नया साल मनाने का मौका मिला है। खूब एंजॉय करना है। दोस्तों के साथ मस्ती कर नए साल का धमाल मचाना है। केक काटकर नए साल का स्वागत करने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
- सौरभ सिंह, क्रिकेटर

खेल के प्रति लोगों को करेंगे जागरूक
नए साल का स्वागत नए खिलाड़ियों को खेल से जोड़कर व उसके प्रति जागरूक कर करेंगे। इसके साथ ही अंगदान करने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे। खेल को जीवन से दूर कर लोग बीमार हो रहे हैं, इसके प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
बलवीर सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी

छात्राओं के साथ करेंगे नए साल का स्वागत
इस बार पुरानी बुराइयों को दूर करके नई उमंग के साथ नए साल का स्वागत करना है। अपने आसपास के वातावरण को दुरुस्त रखने के लिए साफ सफाई के लिए लोगों को प्रेरित करना है। सत्यता, सहनशीलता, नई ऊर्जा के साथ जागरूकता का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। केजीबीवी की छात्राओं के साथ मिलकर नए साल का स्वागत किया जाएगा।
पूनम मिश्रा, वार्डेन केजीबीवी बंकी

दोस्तों के साथ मनाएंगे नया साल
नए साल का जश्न यार दोस्तों के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाए जाने की तैयारी की जा रही है। नए साल का जश्न किस तरह से मनाया जाएगा इसको लेकर दोस्तों के साथ रणनीति बनाई है।
-रिषी श्रीवास्तव, युवा

सहेलियों के साथ मनाती हूं जश्न
नए साल का जश्न मैं हमेशा अपने परिवार और सहेलियों के साथ मनाती आ रही हैं क्योंकि 31 दिसंबर के दिन मेरी भतीजी का जन्म दिन होता है। इसलिए परिवार के अन्य सदस्य भी आ जाते हैं। जिससे जश्न मनाने का उल्लास दोगुना हो जाता है।
स्वीटी वर्मा, शिक्षिका

परिवार के साथ करेंगे एंज्वाय
नए साल का जश्न परिवार और बच्चों के साथ मनाएंगे। क्योंकि साल का पहला दिन किसी दूसरे के यहां जाकर होटल और पार्कों में बिताया जाए, यह अच्छा नहीं है। परिवार के साथ ही जश्न मनाने का असली मजा है।
-शिल्पी, गृहणी

सीएचसी पीएचसी अधीक्षकों को किया गया अलर्ट
नये साल में धमाल मचाने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। बताया कि सभी सीएचसी व पीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट रहने को कहा गया है। वहीं सभी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ईएमओ व पैरामेडिकल स्टाफ को भी मुस्तैदी से काम करने को कहा गया है। इसके अलावा इमरजेंसी में दो, व सीएचसी व पीएचसी पर एक एक एंबुलेंस उपलब्ध रखने को कहा गया है।

रमेश चंद्र, सीएमओ

शालीनता के साथ मनांए जश्न
नए साल का जश्न मनाने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन ऐसा कुछ न करने जिससे किसी को कोई परेशानी हो। इसलिए नए साल का जश्न पारंपरिक ढंग और शालीनता के साथ मनाए तो ज्यादा बेहतर होगा। डीजे आदि बजाने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन जो मानक हैं उससे ज्यादा आवाज में न बजाए। नए साल पर जिलेवासियों को हमारी ओर से भी बधाई।
अखिलेश तिवारी, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed