मैं अपनी मर्जी से फांसी लगाने जा रहा हूं, आई लव यू मां
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कानपुर के काकादेव के मतैयापुरवा शास्त्रीनगर में सातवीं कक्षा के छात्र 12 साल के ईशू प्रजापति ने फांसी लगाकर जान दे दी। ईशू के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें उसने लिखा है कि मैं अपनी मर्जी से फांसी लगाकर मरने जा रहा हूं, आई लव यू मां। पता चला कि दो लड़कों ने दो दिन पहले उसे किसी बात पर धमकाया था।
मतैयापुरवा निवासी मरियमपुर अस्पताल में मिडवाइफ सुनीता देवी के पति विष्णु प्रजापति ने 2006 में आत्महत्या कर ली थी। उसकी एक बेटी गुड़िया (17) और बेटा ईशू था।
शुक्रवार को नाइट ड्यूटी से लौटीं सुनीता अपने कमरे मे सो रहीं थी। दोपहर तीन बजे गुड़िया कोचिंग से लौटी तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। ईशू का शव छत पर बने जाल के सहारे फंदे से लटक रहा था।
फिर सुनीता ने मोहल्ले वालों की मदद से ईशू को नीचे उतारा और हैलट ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। काकादेव एसओ उदय यादव ने बताया कि ईशू मोहल्ले के शक्ति सेवा इंटर कालेज में पढ़ता था। धमकी देने वाले लड़कों की शिनाख्त बहन से कराई जाएगी।
13 फीट ऊंचाई पर कैसे लगाई फांसी
12 साल के बच्चे ईशू ने बहन के दुपट्टे और अपनी बेल्ट को जोड़कर फंदा बनाया। जिस जाल से उसका शव लटका मिला वह फर्श से करीब 13 फीट ऊंचा है। इतने छोटे बच्चे ने इतनी ऊंचाई पर फंदा कैसे डाला, फांसी पर कैसे झूल गया? यह सवाल अनुत्तरित है।
बहन गुड़िया ने बताया कि दोपहर एक बजे दो लड़के घर पर आए थे। गुड़िया ने दरवाजा खोला तो दोनों लड़कों ने ईशू को समझा लेने की बात कहते हुए सबक सिखाने की धमकी दी थी।
इसका पता चलने पर ही ईशू ने फांसी लगाई। गुड़िया ने बताया कि वह धमकी देने वालों दोनों लड़कों को देखकर पहचान सकती है। वहीं ईशू के ताऊ हरि बाबू ने बताया कि ईशू बहुत अनुशासित बच्चा था। रोज आरएसएस की शाखा में जाता था।
मौके पर पुलिस की फील्ड यूनिट नही पहुंची। फील्ड यूनिट आती तो तमाम साक्ष्य जुटा सकती थी। जैसे हैंड राइटिंग, फंदे की लंबाई, मेज की ऊंचाई जैसे कई बिदु हैं जिनके आधार पर जांच हो सकती थी।