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राम मंदिर न बना तो करूंगा आत्मदाह : परमहंस
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:01 PM IST
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परमहंस ने दी असहयोग आंदोलन और आत्मदाह की चेतावनी
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशन करने वाले तपस्वी छावनी मंदिर के महंत परमहंस दास एसजीपीजीआई लखनऊ में पांच दिनों के इलाज के बाद शनिवार को अयोध्या पहुंचे।
यहां पहुंचते ही परमहंस ने कहा कि यदि चुनाव आचार संहिता लगने से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो असहयोग आंदोलन करूंगा। फिर भी सरकार गंभीर नहीं हुई तो आत्मदाह कर लूंगा।
मुझे विश्वास है कि चुनाव से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। एक दिसंबर तक स्थिति साफ हो जाएगी।
महंत ने राममंदिर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेरे पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने मेरी अगुवानी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राममंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का विषय है।
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उन्होंने राममंदिर के लिए अपने गुरू अवैद्यनाथ के योगदानों की भी बात कही और आश्वस्त किया कि वे हमारी मांग प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे और शीघ्र उनसे मुलाकात कराएंगे। जरूरी हुआ तो राष्ट्रपति से भी मुलाकात कराएंगे।
सरकार का रुख देखकर मन प्रसन्न है। 2019 के चुनाव से पहले राममंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा चाहे कोर्ट से या फिर काननू बनाकर। ऐसा न हुआ तो मैं असहयोग आंदोलन करूंगा। हमारा आंदोलन हिंसक नहीं होगा। राममंदिर के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होकर हाथ बढ़ाना चाहिए।
महंत परमहंस दास ने पत्रकारों से कहा कि प्रशासन ने मुझे बलपूर्वक अनशन से उठाया और लखनऊ ले जाकर भर्ती करा दिया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि मेरी हालत गंभीर है। मैंने इलाज से मना किया तो मुझे जबरन दवा पिलाई गई।
फैजाबाद नगर विधायक वेद गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी से मिलाया। उनसे मिले आश्वासन के बाद मैंने अनशन तोड़ दिया है।
महंत ने राममंदिर निर्माण व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आकर रामलला का दर्शन करने की मांग को लेकर एक अक्तूबर से अनशन शुरू किया था।
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अयोध्या। राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशन करने वाले तपस्वी छावनी मंदिर के महंत परमहंस दास एसजीपीजीआई लखनऊ में पांच दिनों के इलाज के बाद शनिवार को अयोध्या पहुंचे।
यहां पहुंचते ही परमहंस ने कहा कि यदि चुनाव आचार संहिता लगने से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो असहयोग आंदोलन करूंगा। फिर भी सरकार गंभीर नहीं हुई तो आत्मदाह कर लूंगा।
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मुझे विश्वास है कि चुनाव से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। एक दिसंबर तक स्थिति साफ हो जाएगी।
महंत ने राममंदिर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेरे पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने मेरी अगुवानी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राममंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का विषय है।
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उन्होंने राममंदिर के लिए अपने गुरू अवैद्यनाथ के योगदानों की भी बात कही और आश्वस्त किया कि वे हमारी मांग प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे और शीघ्र उनसे मुलाकात कराएंगे। जरूरी हुआ तो राष्ट्रपति से भी मुलाकात कराएंगे।
सरकार का रुख देखकर मन प्रसन्न है। 2019 के चुनाव से पहले राममंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा चाहे कोर्ट से या फिर काननू बनाकर। ऐसा न हुआ तो मैं असहयोग आंदोलन करूंगा। हमारा आंदोलन हिंसक नहीं होगा। राममंदिर के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होकर हाथ बढ़ाना चाहिए।
महंत परमहंस दास ने पत्रकारों से कहा कि प्रशासन ने मुझे बलपूर्वक अनशन से उठाया और लखनऊ ले जाकर भर्ती करा दिया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि मेरी हालत गंभीर है। मैंने इलाज से मना किया तो मुझे जबरन दवा पिलाई गई।
फैजाबाद नगर विधायक वेद गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी से मिलाया। उनसे मिले आश्वासन के बाद मैंने अनशन तोड़ दिया है।
महंत ने राममंदिर निर्माण व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आकर रामलला का दर्शन करने की मांग को लेकर एक अक्तूबर से अनशन शुरू किया था।