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राप्ती उफनाई, संपर्क मार्ग कटने से आवागमन ठप
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:52 PM IST
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श्रावस्ती। मानसून की पहली बरसात के साथ ही राप्ती का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। सोमवार शाम चार बजे राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 127.50 मीटर पर पहुंच गया।
नेपाल सरकार ने भी अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार रात में राप्ती खतरे के निशान 127.70 मीटर से ऊपर पहुंच सकती है। राप्ती के उफनाने से जमुनहा-बहराइच मार्ग पर परसोहना संपर्क मार्ग कट गया।
इससे आवागमन पूर्ण रूप से ठप हो गया। तेंदुआ रतनपुर व लक्ष्मनपुर जाने वाले रास्ते पर पुल व डिप के ऊपर पानी बहने से आवागमन बाधित है।
राप्ती नदी सुबह आठ बजे 126.92 मीटर पर थी। शाम चार बजे राप्ती बैराज पर जलस्तर 127.50 मीटर पहुंच गया। राप्ती नदी में अचानक बढ़ रहे जलस्तर के कारण आसपास के ग्रामीण दहशत में है।
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नदी ने जमुनहा-बहराइच मार्ग से सटे परसोहना संपर्क मार्ग को भट्ठा कुटि के पास काट दिया। लगभग 25 मीटर सड़क कटने से आवागमन ठप हो गया।
कटान से मनकौरा, परसोहना, मध्यनगर, परसोहनी, अकालपुरवा, कुंडा, भगवानपुर व दमोदरा गांव के लगभग 15 हजार लोग प्रभावित हैं।
वहीं, दूसरी ओर राप्ती के बढ़े जलस्तर के कारण केन नाला भी उफान पर है। तेंदुआ रतनपुर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। भिनगा के पूरे जंगल में जलभराव की स्थिति है।
तेंदुआ पुल के ऊपर से पानी निकलने के कारण बसों का आवागमन रोक दिया गया है। कुछ लोग जोखिम लेकर पुल को पार कर रहे हैं।
लक्ष्मनपुर भिनगा मार्ग पर बीते साल बाढ़ के दौरान सड़क धसने से गड्ढा हो गया था। अब इसमें पानी भरने से तेज बहाव के कारण लोगों को आवागमन में मुश्किल हो रही है।
भकला पुल फिर बन सकता मुसीबत
भिनगा-बहराइच मार्ग पर बना भकला पुल छोटा है। इसके बगल में ही लगभग दोगुने लंबाई में नए पुल का निर्माण हो चुका है। इस पर आवागमन भी बहाल है।
छोटे पुल के कारण राप्ती का पानी यहां ठीक से डिस्चार्ज नहीं हो पा रहा है। जिसका भार लक्ष्मननगर से पहले पुल पर पड़ता है।
विगत वर्ष तो पानी के दबाव के कारण लक्ष्मननगर के पहले बना पुल टूट गया था। अब जब नया पुल बन चुका है तो पुराने पुल के दोनों अप्रोच को ग्रामीण काटने की मांग कर रहे हैं।
नदी के मुहाने पर बसे लोग रहें सतर्क
नेपाल क्षेत्र कुसुम में बरसात ज्यादा हुई है। इसलिए राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा है। नेपाल सरकार की ओर से मिल रही सूचना के अनुसार रात तक नदी जिले में खतरे का निशान पार कर जाएगी। घबराने की जरूरत नहीं है। दो तीन घंटे के बाद जलस्तर घटेगा। नदी के मुहाने पर बसे लोग फिलहाल सतर्क रहें।
-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड छह
जिले में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई एक सड़क कटने की सूचना मिली है। वहां इंजीनियर को भेजा गया है। नदी के जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। हर स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।
-दीपक मीणा, डीएम
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नेपाल सरकार ने भी अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार रात में राप्ती खतरे के निशान 127.70 मीटर से ऊपर पहुंच सकती है। राप्ती के उफनाने से जमुनहा-बहराइच मार्ग पर परसोहना संपर्क मार्ग कट गया।
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इससे आवागमन पूर्ण रूप से ठप हो गया। तेंदुआ रतनपुर व लक्ष्मनपुर जाने वाले रास्ते पर पुल व डिप के ऊपर पानी बहने से आवागमन बाधित है।
राप्ती नदी सुबह आठ बजे 126.92 मीटर पर थी। शाम चार बजे राप्ती बैराज पर जलस्तर 127.50 मीटर पहुंच गया। राप्ती नदी में अचानक बढ़ रहे जलस्तर के कारण आसपास के ग्रामीण दहशत में है।
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नदी ने जमुनहा-बहराइच मार्ग से सटे परसोहना संपर्क मार्ग को भट्ठा कुटि के पास काट दिया। लगभग 25 मीटर सड़क कटने से आवागमन ठप हो गया।
कटान से मनकौरा, परसोहना, मध्यनगर, परसोहनी, अकालपुरवा, कुंडा, भगवानपुर व दमोदरा गांव के लगभग 15 हजार लोग प्रभावित हैं।
वहीं, दूसरी ओर राप्ती के बढ़े जलस्तर के कारण केन नाला भी उफान पर है। तेंदुआ रतनपुर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। भिनगा के पूरे जंगल में जलभराव की स्थिति है।
तेंदुआ पुल के ऊपर से पानी निकलने के कारण बसों का आवागमन रोक दिया गया है। कुछ लोग जोखिम लेकर पुल को पार कर रहे हैं।
लक्ष्मनपुर भिनगा मार्ग पर बीते साल बाढ़ के दौरान सड़क धसने से गड्ढा हो गया था। अब इसमें पानी भरने से तेज बहाव के कारण लोगों को आवागमन में मुश्किल हो रही है।
भकला पुल फिर बन सकता मुसीबत
भिनगा-बहराइच मार्ग पर बना भकला पुल छोटा है। इसके बगल में ही लगभग दोगुने लंबाई में नए पुल का निर्माण हो चुका है। इस पर आवागमन भी बहाल है।
छोटे पुल के कारण राप्ती का पानी यहां ठीक से डिस्चार्ज नहीं हो पा रहा है। जिसका भार लक्ष्मननगर से पहले पुल पर पड़ता है।
विगत वर्ष तो पानी के दबाव के कारण लक्ष्मननगर के पहले बना पुल टूट गया था। अब जब नया पुल बन चुका है तो पुराने पुल के दोनों अप्रोच को ग्रामीण काटने की मांग कर रहे हैं।
नदी के मुहाने पर बसे लोग रहें सतर्क
नेपाल क्षेत्र कुसुम में बरसात ज्यादा हुई है। इसलिए राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा है। नेपाल सरकार की ओर से मिल रही सूचना के अनुसार रात तक नदी जिले में खतरे का निशान पार कर जाएगी। घबराने की जरूरत नहीं है। दो तीन घंटे के बाद जलस्तर घटेगा। नदी के मुहाने पर बसे लोग फिलहाल सतर्क रहें।
-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड छह
जिले में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई एक सड़क कटने की सूचना मिली है। वहां इंजीनियर को भेजा गया है। नदी के जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। हर स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।
-दीपक मीणा, डीएम