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प्रतिबंधित नालों से दिन दहाड़े हो रहा अवैध खनन
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:00 PM IST
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बलरामपुर। खनन माफिया प्रतिबंधित नालों से दिनदहाड़े बालू खोद रहे हैं। यह खेल पहले रात में चलता था अब दिन-रात चलने लगा है। खनन के खेल में माफिया पास तो अफसर फेल दिख रहे हैं। माफिया अवैध बालू का रवन्ना खनन पट्टाधारकों से लेकर इसे मुंहमांगे दाम पर बेच रहे हैं। अवैध खनन से प्राकृतिक पहाड़ी नालों का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। बरसात में कई गांवों के पास कटान का खतरा भी मंडराने लगा है। प्रशासनिक कवायद इक्का-दुक्का बालू लदी ट्रॉलियों को सीज करने तक ही सीमित है।
जिले में जमधरा, धोबेनिया, खरझार, गौरिया, हेंगहा, भांभर व नकटी पहाड़ी नालों में अवैध खनन का काम पोकलैंड मशीन से किया जा रहा है। पहले यह खेल रात में होता था लेकिन अब यह दिनदहाड़े होने लगा है। अवैध बालू का रवन्ना खनन पट्टाधारकों से लिया जा रहा है। सूत्रों की माने तो खनन पट्टाधारक भी अवैध खनन में लिप्त है क्योंकि जिस जगह का इन लोगों ने पट्टा लिया है, वहां बालू ही नहीं है। पहाड़ी नालों के बालू की बेहद मांग है। अवैध खनन कर इसी बालू को पट्टाधारक नंबर एक बनाकर बेच रहे हैं। बीते दिनों प्रशासन ने इसी तरह के एक मामला पकड़ा था। यह मामला फर्जी रवन्ने का था। इसमें पट्टाधारक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज है। प्रशासन की भूमिका यह है कि बीते दिनों प्रशासन ने दागी पट्टाधारक को ही नया खनन लाइसेंस दे दिया है। सूत्रों की माने तो जिले में हो रहे अवैध खनन की मलाई प्रशासन के कुछ अफसरों तक भी पहुंच रही है। मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच चुका है। अब देखना यह है कि दिनदहाड़े हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
पूरे जिले में लगातार छापा मारकर अवैध खनन की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सीज की जा रही है। अवैध खनन करने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है। अवैध खनन रोकने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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- रामानुज सिंह, एडीएम न्यायिक बलरामपुर
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जिले में जमधरा, धोबेनिया, खरझार, गौरिया, हेंगहा, भांभर व नकटी पहाड़ी नालों में अवैध खनन का काम पोकलैंड मशीन से किया जा रहा है। पहले यह खेल रात में होता था लेकिन अब यह दिनदहाड़े होने लगा है। अवैध बालू का रवन्ना खनन पट्टाधारकों से लिया जा रहा है। सूत्रों की माने तो खनन पट्टाधारक भी अवैध खनन में लिप्त है क्योंकि जिस जगह का इन लोगों ने पट्टा लिया है, वहां बालू ही नहीं है। पहाड़ी नालों के बालू की बेहद मांग है। अवैध खनन कर इसी बालू को पट्टाधारक नंबर एक बनाकर बेच रहे हैं। बीते दिनों प्रशासन ने इसी तरह के एक मामला पकड़ा था। यह मामला फर्जी रवन्ने का था। इसमें पट्टाधारक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज है। प्रशासन की भूमिका यह है कि बीते दिनों प्रशासन ने दागी पट्टाधारक को ही नया खनन लाइसेंस दे दिया है। सूत्रों की माने तो जिले में हो रहे अवैध खनन की मलाई प्रशासन के कुछ अफसरों तक भी पहुंच रही है। मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच चुका है। अब देखना यह है कि दिनदहाड़े हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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पूरे जिले में लगातार छापा मारकर अवैध खनन की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सीज की जा रही है। अवैध खनन करने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है। अवैध खनन रोकने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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- रामानुज सिंह, एडीएम न्यायिक बलरामपुर