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श्रावस्ती के जिला अस्पताल का नर्सिंगहोम सील
Updated Mon, 18 Jun 2018 10:49 PM IST
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बहराइच। श्रावस्ती में संयुक्त जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन द्वारा बहराइच के सिविल लाइन में नर्सिंगहोम का संचालन किया जा रहा था। सोमवार देर शाम को नगर मजिस्ट्रेट ने छापेमारी की।
नर्सिंगहोम में 14 मरीज भर्ती मिले। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। नर्सिंगहोम का लाइसेंस न मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया है। सीएमओ की तहरीर पर कोतवाली देहात में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस का सिलसिला थम नहीं रहा है। शासन की सख्ती के बावजूद सरकारी डॉक्टर चोरी-छिपे नर्सिंगहोम व क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं।
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शहर के कोतवाली देहात अंतर्गत सिविल लाइंस इलाके में श्रावस्ती के संयुक्त जिला अस्पताल में फिजीशियन के पद पर तैनात डॉ. अरविंद अरसे से नर्सिंगहोम का संचालित कर रहे थे।
यहां पर मरीजों से मनमानी उगाही की जाती थी। इसकी शिकायत अरसे से स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारियों से हो रही थी।
सोमवार को देर शाम को नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव ने कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव के साथ दबिश दी। यहां चिकित्सक डॉ. अरविंद नहीं मिले।
लेकिन क्लीनिक से सटे नर्सिंगहोम में 14 मरीज भर्ती मिले। सभी ने फिजीशियन डॉ. अरविंद से इलाज किए जाने की पुष्टि की।
मरीजों के बयान दर्ज करने के बाद नगर मजिस्ट्रेट ने डॉ. अरविंद को कई बार कॉल किया, लेकिन वे क्लीनिक नहीं आए। इस पर भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजकर भर्ती करवाया गया। डॉ. अरविंद के क्लीनिक व नर्सिंगहोम को नगर मजिस्ट्रेट ने सीज कर दिया है।
इस मामले में सीएमओ डॉ. अरुण पांडेय ने तहरीर दी है। उसी के तहत प्रतिबंध के बावजूद प्रैक्टिस करने व बिना लाइसेंस के क्लीनिक एवं नर्सिंगहोम संचालन का केस दर्ज कराया गया है।
- प्रदीप यादव, नगर मजिस्ट्रेट
बीते माह हड्डी रोग विशेषज्ञ भी पकड़े गए थे
सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस का मोह कितना सता रहा है, इसका अंदाजा निरंतर हो रहे खुलासे से हो रहा है। मई में जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके वर्मा के कानूनगोपुरा स्थित नर्सिंगहोम पर छापेमारी की गई थी। नर्सिंगहोम सीज कर दिया गया था। इसके बावजूद प्राइवेट प्रैक्टिस का सिलसिला थम नहीं रहा है।
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नर्सिंगहोम में 14 मरीज भर्ती मिले। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। नर्सिंगहोम का लाइसेंस न मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया है। सीएमओ की तहरीर पर कोतवाली देहात में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस का सिलसिला थम नहीं रहा है। शासन की सख्ती के बावजूद सरकारी डॉक्टर चोरी-छिपे नर्सिंगहोम व क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं।
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शहर के कोतवाली देहात अंतर्गत सिविल लाइंस इलाके में श्रावस्ती के संयुक्त जिला अस्पताल में फिजीशियन के पद पर तैनात डॉ. अरविंद अरसे से नर्सिंगहोम का संचालित कर रहे थे।
यहां पर मरीजों से मनमानी उगाही की जाती थी। इसकी शिकायत अरसे से स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारियों से हो रही थी।
सोमवार को देर शाम को नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव ने कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव के साथ दबिश दी। यहां चिकित्सक डॉ. अरविंद नहीं मिले।
लेकिन क्लीनिक से सटे नर्सिंगहोम में 14 मरीज भर्ती मिले। सभी ने फिजीशियन डॉ. अरविंद से इलाज किए जाने की पुष्टि की।
मरीजों के बयान दर्ज करने के बाद नगर मजिस्ट्रेट ने डॉ. अरविंद को कई बार कॉल किया, लेकिन वे क्लीनिक नहीं आए। इस पर भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजकर भर्ती करवाया गया। डॉ. अरविंद के क्लीनिक व नर्सिंगहोम को नगर मजिस्ट्रेट ने सीज कर दिया है।
इस मामले में सीएमओ डॉ. अरुण पांडेय ने तहरीर दी है। उसी के तहत प्रतिबंध के बावजूद प्रैक्टिस करने व बिना लाइसेंस के क्लीनिक एवं नर्सिंगहोम संचालन का केस दर्ज कराया गया है।
- प्रदीप यादव, नगर मजिस्ट्रेट
बीते माह हड्डी रोग विशेषज्ञ भी पकड़े गए थे
सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस का मोह कितना सता रहा है, इसका अंदाजा निरंतर हो रहे खुलासे से हो रहा है। मई में जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके वर्मा के कानूनगोपुरा स्थित नर्सिंगहोम पर छापेमारी की गई थी। नर्सिंगहोम सीज कर दिया गया था। इसके बावजूद प्राइवेट प्रैक्टिस का सिलसिला थम नहीं रहा है।