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आदमखोर कुतों के कई ठिकाने चिन्हित
Updated Mon, 28 May 2018 12:05 AM IST
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सीतापुर/खैराबाद। सदर तहसील क्षेत्र में बीते तीन दिन से आदमखोर कुत्तों के हमले की कोई घटना नहीं होने से क्षेत्र के बाशिंदों ने राहत की सांस ली है। मगर आदमखोर कुत्तों का खौफ अभी भी कम नहीं हुआ है। लोग दहशत में हैं कि अभी हमले हो सकते हैं। वहीं, आदमखोर कुत्तों पर अंकुश लगाने में जुटी टीमें तलाश में जुटी हैं। कुत्ते नहीं मिल रहे हैं, तो टीमें उनके ठिकानों को चिह्नित कर रही हैं।
मालूम हो कि सदर तहसील क्षेत्र में नवंबर 2017 से आदमखोर कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। अब तक ये कुत्ते 14 बच्चों की जान ले चुके हैं, जबकि 40 से अधिक लोगों को हमला कर घायल कर चुके हैं। इन कुत्तों को काबू में करने के लिए लखनऊ नगर निगम की चार टीमों ने खैराबाद क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। बीते तीन दिन से ये टीमें आदमखोर कुत्तों की तलाश में जुटी हैं। मगर आदमखोर कुत्ते इस टीम के हाथ नहीं लगे। वहीं, सीओ योगेंद्र सिंह भी खैराबाद थाने का पुलिस बल लेकर कुत्तों की तलाश में जुटे हैं। इस दौरान न तो नगर निगम की टीम को और न ही प्रशासन, पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम को आदमखोर कुत्ते मिल सके हैं। ऐसे में अब टीमों ने ऐसे स्थानों का चिह्नित करना शुरू किया है। जहां आदमखोर कुत्ते रात गुजारते हैं। सूत्रों की मानें तो जमैयतपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे, खैराबाद की मोतीझील, कर्बला पुरवा, ढेड़ूराई की बाग, जैनापुर के पास बागों में इन कुत्तों का ठिकाना है। मगर ठिकाने की जानकारी के बाद भी कुत्ते टीमों के हाथ नहीं लग रहे हैं। बीते तीन दिन में आदमखोर कुत्तों का कोई हमला नहीं होने से माना जा रहा है कि इन पर अंकुश लगाने में जुटी टीमें प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं।
सीओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि, आदमखोर कुत्तों को दबोचने के लिए उनके ठिकानों की तलाश जारी है। कई ठिकानों को चिह्नित किया गया है, उन पर नजर रखी जा रही है। अगर कहीं कुत्ते नजर आएंगे तो उन्हें पकड़ा जाएगा।
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जारी रहेगा अभियान
सिटी मजिस्ट्रेट हर्षदेव पांडेय ने बताया कि, आदमखोर कुत्तों के हमले नहीं होना राहत देने वाली बात है, मगर प्रशासन अभी नजर रख रहा है। नगर निगम की टीमें सक्रिय हैं, अभियान आगे भी चलता रहेगा।
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मालूम हो कि सदर तहसील क्षेत्र में नवंबर 2017 से आदमखोर कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। अब तक ये कुत्ते 14 बच्चों की जान ले चुके हैं, जबकि 40 से अधिक लोगों को हमला कर घायल कर चुके हैं। इन कुत्तों को काबू में करने के लिए लखनऊ नगर निगम की चार टीमों ने खैराबाद क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। बीते तीन दिन से ये टीमें आदमखोर कुत्तों की तलाश में जुटी हैं। मगर आदमखोर कुत्ते इस टीम के हाथ नहीं लगे। वहीं, सीओ योगेंद्र सिंह भी खैराबाद थाने का पुलिस बल लेकर कुत्तों की तलाश में जुटे हैं। इस दौरान न तो नगर निगम की टीम को और न ही प्रशासन, पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम को आदमखोर कुत्ते मिल सके हैं। ऐसे में अब टीमों ने ऐसे स्थानों का चिह्नित करना शुरू किया है। जहां आदमखोर कुत्ते रात गुजारते हैं। सूत्रों की मानें तो जमैयतपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे, खैराबाद की मोतीझील, कर्बला पुरवा, ढेड़ूराई की बाग, जैनापुर के पास बागों में इन कुत्तों का ठिकाना है। मगर ठिकाने की जानकारी के बाद भी कुत्ते टीमों के हाथ नहीं लग रहे हैं। बीते तीन दिन में आदमखोर कुत्तों का कोई हमला नहीं होने से माना जा रहा है कि इन पर अंकुश लगाने में जुटी टीमें प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं।
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सीओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि, आदमखोर कुत्तों को दबोचने के लिए उनके ठिकानों की तलाश जारी है। कई ठिकानों को चिह्नित किया गया है, उन पर नजर रखी जा रही है। अगर कहीं कुत्ते नजर आएंगे तो उन्हें पकड़ा जाएगा।
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सिटी मजिस्ट्रेट हर्षदेव पांडेय ने बताया कि, आदमखोर कुत्तों के हमले नहीं होना राहत देने वाली बात है, मगर प्रशासन अभी नजर रख रहा है। नगर निगम की टीमें सक्रिय हैं, अभियान आगे भी चलता रहेगा।