{"_id":"5accf86c4f1c1b473d8b4614","slug":"11523382380-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद निलेश के घर पहुंची डीएम, परिवार को बंधाया ढांढस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद निलेश के घर पहुंची डीएम, परिवार को बंधाया ढांढस
Updated Tue, 10 Apr 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखंडनगर (सुल्तानपुर)। जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए ग्रेनेडियर निलेश के गांव नगरी मंगलवार को अचानक जिलाधिकारी संगीता सिंह पहुंच गईं। डीएम ने शहीद की मां को ढांढस बंधाया। पत्नी के स्थानांतरण समेत अन्य मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया।
अखंडनगर थाने के नगरी निवासी राम प्रसाद के सैनिक पुत्र निलेश सिंह (31) की तैनाती जम्मू-कश्मीर के शोपियां में थी। पिछली एक अप्रैल को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में निलेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में सेना के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। शहीद के अंतिम संस्कार में जिले के प्रभारी मंत्री से लेकर जिलाधिकारी व एसपी शामिल हुए थे।
जिलाधिकारी संगीता सिंह मंगलवार को दोपहर बाद करीब एक बजे अचानक शहीद निलेश के घर पहुंच गई। डीएम ने शहीद निलेश की मां ऊषा सिंह का हाल पूछा और उन्हें ढांढस बंधाया। डीएम ने शहीद की पत्नी अर्चना सिंह से भी बात की। डीएम ने अर्चना को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनका गोंडा से स्थानांतरण करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके लिए डीएम ने अर्चना से स्थानांतरण के लिए प्रार्थना पत्र भी लिया। शहीद की पत्नी अर्चना गोंडा के खरगपुर घाट, नवाबगंज में सहायक अध्यापक हैं। डीएम ने शहीद के बड़े बेटे अंश के साथ काफी समय बिताया। परिवारीजनों से बोलीं कि किसी भी तरह की दिक्कत पर उन्हें फोन करें।
डीएम ने शहीद के भाई मुकेश को नौकरी दिलाने के लिए जल्द ही शासन को पत्र लिखने की बात कही। डीएम ने शहीद के नाम से स्मृति द्वार, शहीद की प्रतिमा लगाने के लिए जमीन का चयन, स्टेडियम व श्मशान घाट की मांग को भी पूरा करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
अखंडनगर थाने के नगरी निवासी राम प्रसाद के सैनिक पुत्र निलेश सिंह (31) की तैनाती जम्मू-कश्मीर के शोपियां में थी। पिछली एक अप्रैल को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में निलेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में सेना के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। शहीद के अंतिम संस्कार में जिले के प्रभारी मंत्री से लेकर जिलाधिकारी व एसपी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
जिलाधिकारी संगीता सिंह मंगलवार को दोपहर बाद करीब एक बजे अचानक शहीद निलेश के घर पहुंच गई। डीएम ने शहीद निलेश की मां ऊषा सिंह का हाल पूछा और उन्हें ढांढस बंधाया। डीएम ने शहीद की पत्नी अर्चना सिंह से भी बात की। डीएम ने अर्चना को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनका गोंडा से स्थानांतरण करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके लिए डीएम ने अर्चना से स्थानांतरण के लिए प्रार्थना पत्र भी लिया। शहीद की पत्नी अर्चना गोंडा के खरगपुर घाट, नवाबगंज में सहायक अध्यापक हैं। डीएम ने शहीद के बड़े बेटे अंश के साथ काफी समय बिताया। परिवारीजनों से बोलीं कि किसी भी तरह की दिक्कत पर उन्हें फोन करें।
डीएम ने शहीद के भाई मुकेश को नौकरी दिलाने के लिए जल्द ही शासन को पत्र लिखने की बात कही। डीएम ने शहीद के नाम से स्मृति द्वार, शहीद की प्रतिमा लगाने के लिए जमीन का चयन, स्टेडियम व श्मशान घाट की मांग को भी पूरा करने का आश्वासन दिया।