{"_id":"5ac3b79e4f1c1b051d8b45e5","slug":"11522775966-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़ित परेशान, 10 साल में भी नहीं समस्या का समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीड़ित परेशान, 10 साल में भी नहीं समस्या का समाधान
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। न्याय के लिए दौड़ते-दौड़ते लोगों की एड़ियां घिसी जा रही हैं, लेकिन न्याय नहीं मिल पा रहा है। तहसील दिवस का नाम बदलकर शासन ने भले ही संपूर्ण समाधान दिवस कर दिया हो, लेकिन स्थितियां जस की तस हैं। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक का रवैया वैसा ही है, जैसे पहले था। नतीजा यह कि दूरदराज के क्षेत्रों से पीड़ित न्याय की उम्मीद लिए पहले तहसील दिवस और अब संपूर्ण समाधान दिवस तक पहुंचते हैं, लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो पा रहीं। हालांकि शासन ने मामलों के निस्तारण को प्रभावी बनाने के लिए कई स्तरों पर प्रबंध किए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी तादाद में लोगों को अभी भी वास्तविक न्याय का इंतजार है। कोई बंटवारे में हिस्सा न मिल पाने के चलते दस वर्ष से संघर्ष कर रहा है, तो कोई विद्युत समस्या का निस्तारण कराने को भटक रहा है। किसी को अवैध कब्जे से निजात मिलने की उम्मीद पूरी नहीं हो रही, तो कोई धोखाधड़ी के मामले में न्याय पाने के लिए भटक रहा है। अमर उजाला ने मंगलवार को ऐसे कई पीड़ितों से बात की, तो इस तरह का दर्द उभरकर सामने आया।डीएम अखिलेश सिंह ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण को प्रभावी बनाया जा रहा है। निस्तारण रिपोर्ट की क्रॉस चेकिंग कराई जा रही है। पहले भी इसमें गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की गई और इस मंगलवार को भी एक कर्मचारी निलंबित किया गया।
10 बार दिया प्रार्थनापत्र, मगर हुआ बेकार
अकबरपुर विकास खंड के अखईपुर निवासी छोटेलाल ने अमर उजाला प्रतिनिधि से अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वह विगत पांच वर्ष से अब तक 10 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र दे चुका है, लेकिन शिकायत का निस्तारण नहीं हो रहा है। कहा कि गांव में विद्युत खंभे के लिए धन की स्वीकृति भी हो चुकी है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन अधिकारी व कर्मचारी लापरवाह बने हुए हैं। बांस बल्ली व पेड़ के सहारे तार खींचा गया है। इससे एक वर्ष पहले जहां बगल स्थित गांव निवासी एक युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी, वहीं विगत वर्ष शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल में आग भी लग गई थी। कहा कि आज वह 11वीं बार प्रार्थनापत्र दे रहा है।
12 वर्ष से नहीं हट पाया कब्जा
बेवाना थाना अन्तर्गत अहेथा निवासी रामलखन जायसवाल ने कहा कि गांव के कुछ लोगों ने उसके एक भूखंड पर लगभग 12 साल से कब्जा जमा रखा है। मामला न्यायालय में लंबित है। लगभग छह माह पूर्व न्यायालय ने संबंधित एसडीएम को सीमांकन कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। इसे लेकर वह छह बार संपूर्ण दिवस में शिकायतीपत्र दे चुका है, लेकिन उनकी समस्या का निस्तारण कराने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
विज्ञापन
धोखाधड़ी मामले में न्याय का इंतजार
हाशिमपुर छितौनी निवासी लतीफ ने कहा कि वर्ष 2016 में उसे लोहिया आवासीय योजना के तहत चयनित किया गया। प्रथम किस्त की धनराशि उसे उपलब्ध कराई गई, जिससे उसने कुछ निर्माण कराया। इसके बाद द्वितीय किस्त की धनराशि 1 लाख 37 हजार रुपये चांदपुर भटपुरा ग्राम पंचायत के तिघरा निवासी एक व्यक्ति के खाते में चली गई। जानकारी होने पर उससे धनराशि देने को कहा, तो कई बार में थोड़ा थोड़ा कर 35 हजार रुपये दिया। इसके बाद उसने पैसा देने से मना कर दिया। इसकी शिकायत पहले एसडीएम, फिर संपूर्ण समाधान दिवस में की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। अब तक वह 5 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतीपत्र दे चुका है।
कई प्रार्थनापत्र के बाद भी नहीं हुई पैमाइश
अकबरपुर संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार को अमर उजाला प्रतिनिधि ने जब राजेपुर निवासी फरियाद अली से आने का कारण पूछा, तो उसका दर्द छलक उठा। कहा कि वर्ष 1992 में संपत्ति का बंटवारा हुआ था। लगभग तीन वर्ष पहले उसके छोटे भाई का निधन हो गया। उसकी पत्नी ने एक भूखड्डड पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया। मामला न्यायालय में लंबित है। लगभग 7 माह पूर्व न्यायालय ने पैमाइश कराने का निर्देश राजस्व विभाग को दिया था, लेकिन अब तक नहीं हो सका है। पैमाइश कराने के की मांग को लेकर वह इस बीच 6 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतीपत्र दे चुका है, लेकिन उसकी सुध नहीं ली जा रही है। आज सातवीं बार उसने फिर से शिकायतीपत्र दिया है। आश्वासन दिया गया है।
विज्ञापन
10 बार दिया प्रार्थनापत्र, मगर हुआ बेकार
अकबरपुर विकास खंड के अखईपुर निवासी छोटेलाल ने अमर उजाला प्रतिनिधि से अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वह विगत पांच वर्ष से अब तक 10 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र दे चुका है, लेकिन शिकायत का निस्तारण नहीं हो रहा है। कहा कि गांव में विद्युत खंभे के लिए धन की स्वीकृति भी हो चुकी है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन अधिकारी व कर्मचारी लापरवाह बने हुए हैं। बांस बल्ली व पेड़ के सहारे तार खींचा गया है। इससे एक वर्ष पहले जहां बगल स्थित गांव निवासी एक युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी, वहीं विगत वर्ष शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल में आग भी लग गई थी। कहा कि आज वह 11वीं बार प्रार्थनापत्र दे रहा है।
विज्ञापन
12 वर्ष से नहीं हट पाया कब्जा
बेवाना थाना अन्तर्गत अहेथा निवासी रामलखन जायसवाल ने कहा कि गांव के कुछ लोगों ने उसके एक भूखंड पर लगभग 12 साल से कब्जा जमा रखा है। मामला न्यायालय में लंबित है। लगभग छह माह पूर्व न्यायालय ने संबंधित एसडीएम को सीमांकन कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। इसे लेकर वह छह बार संपूर्ण दिवस में शिकायतीपत्र दे चुका है, लेकिन उनकी समस्या का निस्तारण कराने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
विज्ञापन
धोखाधड़ी मामले में न्याय का इंतजार
हाशिमपुर छितौनी निवासी लतीफ ने कहा कि वर्ष 2016 में उसे लोहिया आवासीय योजना के तहत चयनित किया गया। प्रथम किस्त की धनराशि उसे उपलब्ध कराई गई, जिससे उसने कुछ निर्माण कराया। इसके बाद द्वितीय किस्त की धनराशि 1 लाख 37 हजार रुपये चांदपुर भटपुरा ग्राम पंचायत के तिघरा निवासी एक व्यक्ति के खाते में चली गई। जानकारी होने पर उससे धनराशि देने को कहा, तो कई बार में थोड़ा थोड़ा कर 35 हजार रुपये दिया। इसके बाद उसने पैसा देने से मना कर दिया। इसकी शिकायत पहले एसडीएम, फिर संपूर्ण समाधान दिवस में की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। अब तक वह 5 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतीपत्र दे चुका है।
कई प्रार्थनापत्र के बाद भी नहीं हुई पैमाइश
अकबरपुर संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार को अमर उजाला प्रतिनिधि ने जब राजेपुर निवासी फरियाद अली से आने का कारण पूछा, तो उसका दर्द छलक उठा। कहा कि वर्ष 1992 में संपत्ति का बंटवारा हुआ था। लगभग तीन वर्ष पहले उसके छोटे भाई का निधन हो गया। उसकी पत्नी ने एक भूखड्डड पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया। मामला न्यायालय में लंबित है। लगभग 7 माह पूर्व न्यायालय ने पैमाइश कराने का निर्देश राजस्व विभाग को दिया था, लेकिन अब तक नहीं हो सका है। पैमाइश कराने के की मांग को लेकर वह इस बीच 6 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतीपत्र दे चुका है, लेकिन उसकी सुध नहीं ली जा रही है। आज सातवीं बार उसने फिर से शिकायतीपत्र दिया है। आश्वासन दिया गया है।