फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   मखौड़ा को रवाना हुई चौरासी कोसी परिक्रमा

मखौड़ा को रवाना हुई चौरासी कोसी परिक्रमा

Sat, 31 Mar 2018 10:48 PM IST
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
मखौड़ा को रवाना हुई चौरासी कोसी परिक्रमा
अयोध्या। विहिप के हनुमान मंडल के संयोजन में मखभूमि मखौड़ा से आरंभ होने वाली परिक्रमा के लिए शनिवार को संतों व श्रद्धालुओं का जत्था जय श्रीराम, सरयू मैया की जय, भारत माता की जय के उद्घोष के साथ सरयू पूजन कर मखभूमि के लिए रवाना हो गया।
विज्ञापन

एक से 21 अप्रैल तक चलने वाली चौरासी कोसी परिक्रमा को रवाना करते हुए विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने कहा कि पंचकोसी, चौदहकोसी या फिर चौरासी कोसी परिक्रमा सभी भक्ताें के उद्धार तथा भगवद् प्राप्ति का माध्यम है। साथ ही सामाजिक समन्वय भी स्थापित करती है। अयोध्या के चौरासी कोस में स्थापित कई धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थ हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हैं। इस परंपरागत परिक्रमा और तीर्थ का संरक्षण व संवर्धन आवश्यक है।
विज्ञापन

इससे पूर्व कारसेवकपुरम में श्रद्धालुआें के दर्शनार्थ रखे गए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मॉडल तथा हनुमान जी की महाआरती की गई। चंपत राय ने कहा कि अयोध्या चौदहकोस में ही सीमित नहीं है, इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक सीमा तो चौरासी कोस में है। उन्हाेंने कहा कि अयोध्या की चौरासी कोस की परिक्रमा भी होती है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से मांग की कि कामदगिरी की तरह ही अयोध्या के इस चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले ऐतिहासिक पौराणिक स्थलाें का जीर्णोद्धार कर इसे तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। परिक्रमा के प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यह परिक्रमा आज अयोध्या से मखोड़ा मखभूमि प्रस्थान करेगी। रात्रि विश्राम के बाद प्रात:काल दर्शन-पूजन करके पूज्य संत आगे बढ़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिक्रमा चार जिलों फैजाबाद, बस्ती, बाराबंकी एवं गोंडा होते हुए 19 अप्रैल को मखोड़ा पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को सायंकाल तक अयोध्या पहुंचकर दूसरे दिन 21 अप्रैल को सरयू स्नान के बाद रामकोट की परिक्रमा व सीताकुंड पर हवन-पूजन करके परिक्रमा समाप्त होगी। परिक्रमा प्रस्थान के मौके पर महंत कृृष्णाचार्य, कृपालु रामदास, संत जानकी दास, विहिप सलाहकार सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह, सांसद लल्लू सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, विधायक वेद गुप्त, अवधेश पांडेय बादल सहित कई संत धर्माचार्य शामिल हुए।
उधर, श्री अयोध्या धाम धर्मार्थ सेवा संस्थान के तत्वावधान में महंत गयादास के नेतृत्व में नरोत्तम भवन रायगंज से निकले परिक्रमार्थियों के जत्थे को पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महंत गयादास ने बताया कि परिक्रमा बस्ती, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, गोंडा व बाराबंकी होते हुए 23 अप्रैल को वापस अयोध्या पहुंचेगी। 24 अप्रैल को परिक्रमार्थी रामकोट की परिक्रमा करेंगे। 25 अप्रैल को सीताकुंड पर धार्मिक आयोजनों के मध्य परिक्रमा का समापन होगा।


लोक कल्याण करने का महा अनुष्ठान है परिक्रमा : नृत्यगोपाल दास
कारसेवकपुरम से रवाना हुए परिक्रमार्थियों ने मणिरामदास की छावनी पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवद् चिंतन और राष्ट्र समाज का उद्धार ही हम सभी भक्तों का संकल्प है। परिक्रमा ईश्वर प्राप्ति का साधन मात्र नहीं है, यह लोक कल्याण करने का महा अनुष्ठान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed