{"_id":"5a467fb14f1c1b0d698c4e9d","slug":"11514569649-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्दी के सितम से कांप रही तराई, जनजीवन अस्तव्यस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्दी के सितम से कांप रही तराई, जनजीवन अस्तव्यस्त
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन बाद घने बादल और बूंदाबांदी के भी आसार
बहराइच। तराई कड़ाके की ठंड से कांप रही है। जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। शीतलहरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को भी जिला पूरे दिन धुंध की चपेट में रहा। दोपहर बाद एक घंटे के लिए सूरज चमका तो जरूर, लेकिन ठिठुरन और गलन से तनिक भी राहत नहीं मिली। तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
शीतलहरी का प्रकोप जनपदवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। शुक्रवार सुबह तेज पछुवा हवा ने लोगों का स्वागत किया। घना कोहरा भी छाया रहा। हालांकि 11 बजे के आसपास काफी हद तक कोहरा छंट गया लेकिन धुंध पूरे दिन बरकरार रही। सुबह घर से निकलने वाले लोग कांपते दिखे। नौकरी और मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दोपहर में सूरज चमका। लेकिन ठिठुरन और गलन से बेहाल तराई के लोगों को राहत नहीं मिल सकी। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते पछुवा हवा अपने साथ नमी ला रही हैं। जिस कारण तराई शीतलहरी की चपेट में है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री व न्यूनतम 4.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद घने बादल और बूंदाबांदी के भी संकेत मिल रहे हैं।
विज्ञापन
बहराइच। तराई कड़ाके की ठंड से कांप रही है। जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। शीतलहरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को भी जिला पूरे दिन धुंध की चपेट में रहा। दोपहर बाद एक घंटे के लिए सूरज चमका तो जरूर, लेकिन ठिठुरन और गलन से तनिक भी राहत नहीं मिली। तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
शीतलहरी का प्रकोप जनपदवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। शुक्रवार सुबह तेज पछुवा हवा ने लोगों का स्वागत किया। घना कोहरा भी छाया रहा। हालांकि 11 बजे के आसपास काफी हद तक कोहरा छंट गया लेकिन धुंध पूरे दिन बरकरार रही। सुबह घर से निकलने वाले लोग कांपते दिखे। नौकरी और मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
दोपहर में सूरज चमका। लेकिन ठिठुरन और गलन से बेहाल तराई के लोगों को राहत नहीं मिल सकी। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते पछुवा हवा अपने साथ नमी ला रही हैं। जिस कारण तराई शीतलहरी की चपेट में है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री व न्यूनतम 4.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद घने बादल और बूंदाबांदी के भी संकेत मिल रहे हैं।