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आगरा पुलिस गोलीकांड की सीबी सीआईडी जांच होगी
Thu, 20 Dec 2018 08:47 PM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Thu, 20 Dec 2018 08:47 PM IST
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आगरा की एकता पुलिस चौकी गोलीकांड की जांच सीबी सीआईडी से कराई जाएगी। विधान परिषद में बृहस्पतिवार को कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, शतरुद्र प्रकाश, सपा के असीम यादव, अरविंद सिंह ने आगरा के ताजगंज थाना की एकता पुलिस चौकी के सिपाही द्वारा रिश्वत नहीं देने पर एक युवक को गोली मारने का मुद्दा उठाया।
अहमद हसन ने कहा कि पुलिस नाबालिग और बेगुनाहों को टारगेट कर झूठे मुकदमे में फंसा रही है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। दीपावली की पूर्व संध्या पर 19 अक्तूबर 2017 को कुछ युवक ताश खेल रहे थे। एकता पुलिस चौकी के सिपाहियों ने युवकों को ताश खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया और फिर पांच-पांच हजार रुपये रिश्वत लेकर जमानत पर रिहा कर दिया। कुछ युवकों द्वारा रिश्वत नहीं देने पर 20 अक्तूबर 2017 को एकता पुलिस चौकी के सिपाही सीपी 953 ने मोटरसाइकिल पर जा रहे रॉकी की गर्दन पर दाईं तरफ गोली मारी। आरोपी सिपाही ने ही ताजगंज थाने में 16 बेगुनाह युवकों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। मामले में रॉकी को भी आरोपी बनाया गया जबकि वह अस्पताल में भर्ती था।
नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि किसी सिपाही ने रिश्वत नहीं ली। जुआ खेलते पकड़े गए आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये के मुचलके पर नियमानुसार जमानत पर रिहा किया गया। आरोपियों में कोई भी नाबालिग नहीं है। पुलिस ने नियमानुसार ही कार्रवाई की। विपक्ष ने सभापति से मामले की सीबी सीआईडी से जांच कराने की मांग की। इस पर सभापति रमेश यादव ने सरकार को सीबी सीआईडी से जांच कराने के आदेश दिए।
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अहमद हसन ने कहा कि पुलिस नाबालिग और बेगुनाहों को टारगेट कर झूठे मुकदमे में फंसा रही है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। दीपावली की पूर्व संध्या पर 19 अक्तूबर 2017 को कुछ युवक ताश खेल रहे थे। एकता पुलिस चौकी के सिपाहियों ने युवकों को ताश खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया और फिर पांच-पांच हजार रुपये रिश्वत लेकर जमानत पर रिहा कर दिया। कुछ युवकों द्वारा रिश्वत नहीं देने पर 20 अक्तूबर 2017 को एकता पुलिस चौकी के सिपाही सीपी 953 ने मोटरसाइकिल पर जा रहे रॉकी की गर्दन पर दाईं तरफ गोली मारी। आरोपी सिपाही ने ही ताजगंज थाने में 16 बेगुनाह युवकों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। मामले में रॉकी को भी आरोपी बनाया गया जबकि वह अस्पताल में भर्ती था।
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नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि किसी सिपाही ने रिश्वत नहीं ली। जुआ खेलते पकड़े गए आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये के मुचलके पर नियमानुसार जमानत पर रिहा किया गया। आरोपियों में कोई भी नाबालिग नहीं है। पुलिस ने नियमानुसार ही कार्रवाई की। विपक्ष ने सभापति से मामले की सीबी सीआईडी से जांच कराने की मांग की। इस पर सभापति रमेश यादव ने सरकार को सीबी सीआईडी से जांच कराने के आदेश दिए।
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