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आंधी ने उड़ाई कई इलाकों की बिजली
Updated Sat, 07 Apr 2018 11:48 PM IST
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कई जगह तारों पर पेड़ गिरने व तार टूटने से बाधित रही आपूर्ति
सीतापुर। जिले में शुक्रवार की देर रात आई तेज आंधी से भारी नुकसान हुआ है। बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने और तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। मरम्मत के बाद शहर में शनिवार की सुबह जबकि ग्रामीण इलाकों में दोपहर बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
शुक्रवार रात मौसम ने अचानक करवट बदली। देर रात करीब एक बजे पहले तेज आंधी आई फिर बारिश हुई। आंधी-पानी से जिले भर में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। शहर के भवानीपुर फीडर की लाइन पर पेड़ गिरने से कोट, कजियारा उपकेन्द्र की आपूर्ति ठप हो गई।
जिससे पुराने सीतापुर की बिजली गुल हो गई। रामलीला मैदान उपकेन्द्र की लाइन का तार भी आंधी में टूटकर गिर गए। इसके अलावा कई जगहों पर तार टूटने से शहर समेत जिले भर की बिजली गुल हो गई। पावर कॉर्पोरेशन के अफसर व कर्मी मरम्मत के बाद पुराने सीतापुर की विद्युत आपूर्ति शनिवार की सुबह 6 बजे बहाल कर सके।
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रामलीला मैदान उपकेन्द्र सहित शहर की आपूर्ति सुबह 10 बजे जबकि मिश्रिख व देवगवां की दोपहर 12 बजे बहाल हो पाई। इसके अलावा तंबौर, रेउसा, रामपुर मथुररा, अटरिया, सिधौली, कमलापुर आदि क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति दोपहर बाद बहाल हुई।
पानी फायदेमंद जबकि आंधी से आम को हुआ नुकसान
आम की फसल के लिए पानी तो फायदेमंद रहा। लेकिन आंधी ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। बागबान भगत व विश्वनाथ ने बताया कि आंधी से बौर के साथ पेड़ों में दाने भी गिर गए हैं। बागबान रामरतन ने बताया कि आंधी से करीब 20 फीसदी आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। बागबान अब ईश्वर से आंधी नहीं आने की प्रार्थना कर रहे हैं।
आंधी से गिर गया गेहूं, बारिश ने बाधित की कटाई-मड़ाई
तेज आंधी से गेहूं की फसल खेतों में गिरने व बारिश में भीगने से कटाई-मड़ाई बाधित हो गई है। किसान भूरेलाल व गुड्डू बताते हैं कि फसल भीगने से न कटाई कर सकते हैं और न मड़ाई। किसान तेजपाल व मथुरा ने बताया कि अब फसल सूखने तक इंतजार करना पड़ेगा। कटाई-मड़ाई से पहले अगर फिर बारिश हुई तो भारी नुकसान होगा। फसलों की मड़ाई कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने तक किसान आंधी-पानी न आने की ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
गन्ने को फायदा अन्य फसलों को नुकसान
आंधी-पानी से आम, गेहूं, सरसों, मसूर व मटर को नुकसान पहुंचा है। आंधी ने आम का बौर तथा गेहूं गिरा दिया है। वहीं, गेंहू, सरसों, मसूर व मटर की फसल बारिश में भीगने से नम हो गई। जिससे अब कुछ दिन कटाई-मड़ाई नही हो सकेगी। इसके लिए फसल को सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा गन्ने की फसल को पानी से फायदा पहुंचा है।
-डॉ. वीके सिंह, कृषि वैज्ञानिक
बारिश से जलमग्न हुए कई मोहल्ले
शनिवार रात हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। शहर के कई मोहल्ले कुछ ही देर में जलमग्न हो गए। नालियां कूड़ा करकट से भरी होने के कारण चोक हो गईं। इसकी वजह से सड़कों के ऊपर से पानी बहने लगा।
इसकी चपेट में खूबपुर, विकासनगर, मुंशीगंज, तरीनपुर, आजाद नगर, आदर्श नगर, भार्गव कॉलोनी सहित दो दर्जन से अधिक मोहल्ले आ गए। जब लोग सुबह उठे तो घर के सामने पानी भरा मिला। इसको निकालने के लिए खुद ही नालियां साफ कीं।
वहीं सुबह लोग इस गंदे पानी की बीच से होकर निकलने को मजबूर रहे। सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कुछ ऐसे ही हालात जिले के महोली, महमूदाबाद, मिश्रिख, तंबौर, रामपुर मथुरा, लहरपुर, पिसावां आदि में भी रहे।
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सीतापुर। जिले में शुक्रवार की देर रात आई तेज आंधी से भारी नुकसान हुआ है। बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने और तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। मरम्मत के बाद शहर में शनिवार की सुबह जबकि ग्रामीण इलाकों में दोपहर बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
शुक्रवार रात मौसम ने अचानक करवट बदली। देर रात करीब एक बजे पहले तेज आंधी आई फिर बारिश हुई। आंधी-पानी से जिले भर में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। शहर के भवानीपुर फीडर की लाइन पर पेड़ गिरने से कोट, कजियारा उपकेन्द्र की आपूर्ति ठप हो गई।
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जिससे पुराने सीतापुर की बिजली गुल हो गई। रामलीला मैदान उपकेन्द्र की लाइन का तार भी आंधी में टूटकर गिर गए। इसके अलावा कई जगहों पर तार टूटने से शहर समेत जिले भर की बिजली गुल हो गई। पावर कॉर्पोरेशन के अफसर व कर्मी मरम्मत के बाद पुराने सीतापुर की विद्युत आपूर्ति शनिवार की सुबह 6 बजे बहाल कर सके।
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रामलीला मैदान उपकेन्द्र सहित शहर की आपूर्ति सुबह 10 बजे जबकि मिश्रिख व देवगवां की दोपहर 12 बजे बहाल हो पाई। इसके अलावा तंबौर, रेउसा, रामपुर मथुररा, अटरिया, सिधौली, कमलापुर आदि क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति दोपहर बाद बहाल हुई।
पानी फायदेमंद जबकि आंधी से आम को हुआ नुकसान
आम की फसल के लिए पानी तो फायदेमंद रहा। लेकिन आंधी ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। बागबान भगत व विश्वनाथ ने बताया कि आंधी से बौर के साथ पेड़ों में दाने भी गिर गए हैं। बागबान रामरतन ने बताया कि आंधी से करीब 20 फीसदी आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। बागबान अब ईश्वर से आंधी नहीं आने की प्रार्थना कर रहे हैं।
आंधी से गिर गया गेहूं, बारिश ने बाधित की कटाई-मड़ाई
तेज आंधी से गेहूं की फसल खेतों में गिरने व बारिश में भीगने से कटाई-मड़ाई बाधित हो गई है। किसान भूरेलाल व गुड्डू बताते हैं कि फसल भीगने से न कटाई कर सकते हैं और न मड़ाई। किसान तेजपाल व मथुरा ने बताया कि अब फसल सूखने तक इंतजार करना पड़ेगा। कटाई-मड़ाई से पहले अगर फिर बारिश हुई तो भारी नुकसान होगा। फसलों की मड़ाई कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने तक किसान आंधी-पानी न आने की ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
गन्ने को फायदा अन्य फसलों को नुकसान
आंधी-पानी से आम, गेहूं, सरसों, मसूर व मटर को नुकसान पहुंचा है। आंधी ने आम का बौर तथा गेहूं गिरा दिया है। वहीं, गेंहू, सरसों, मसूर व मटर की फसल बारिश में भीगने से नम हो गई। जिससे अब कुछ दिन कटाई-मड़ाई नही हो सकेगी। इसके लिए फसल को सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा गन्ने की फसल को पानी से फायदा पहुंचा है।
-डॉ. वीके सिंह, कृषि वैज्ञानिक
बारिश से जलमग्न हुए कई मोहल्ले
शनिवार रात हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। शहर के कई मोहल्ले कुछ ही देर में जलमग्न हो गए। नालियां कूड़ा करकट से भरी होने के कारण चोक हो गईं। इसकी वजह से सड़कों के ऊपर से पानी बहने लगा।
इसकी चपेट में खूबपुर, विकासनगर, मुंशीगंज, तरीनपुर, आजाद नगर, आदर्श नगर, भार्गव कॉलोनी सहित दो दर्जन से अधिक मोहल्ले आ गए। जब लोग सुबह उठे तो घर के सामने पानी भरा मिला। इसको निकालने के लिए खुद ही नालियां साफ कीं।
वहीं सुबह लोग इस गंदे पानी की बीच से होकर निकलने को मजबूर रहे। सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कुछ ऐसे ही हालात जिले के महोली, महमूदाबाद, मिश्रिख, तंबौर, रामपुर मथुरा, लहरपुर, पिसावां आदि में भी रहे।