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60 किमी दूर बना दिया परीक्षा केंद्र
Updated Sat, 24 Mar 2018 10:03 PM IST
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मटेरा (बहराइच)। मटेराकला में महाराजदीन शुक्ला शिक्षण संस्थान की 333 छात्राओं का सेंटर गांव से 60 किलोमीटर दूर रिसिया डिग्री कॉलेज में बना दिया गया है।
इससे छात्राओं ने परीक्षा देने में असमर्थता जताई है। छात्राओं ने परीक्षा बहिष्कार की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। छात्राओं की चेतावनी से डिग्री कॉलेज के प्राचार्य भी पशोपेश में हैं।
शिवपुर विकासखंड अंतर्गत मटेराकला में महाराजदीन शुक्ल शिक्षण संस्थान स्थित है। इस डिग्री कॉलेज में क्षेत्र की 333 छात्राएं व 429 छात्र स्नातक संवर्ग में अध्ययनरत हैं।
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प्रबंधक अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए कॉलेज में जनरेटर, सीसीटीवी कैमरा आदि लगवाए गए।
कुलपति मनोज दीक्षित ने नामित अधिकारी चीफ प्रॉक्टर एमपी सिंह को डिग्री कॉलेज भेजकर जांच कराई। उन्होंने सीसीटीवी कैमरा, जनरेटर न होने की गलत रिपोर्ट लगा दी, जिससे महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है।
महाविद्यालय की 333 छात्राओं का सेंटर मटेराकला से 60 किलोमीटर दूर रिसिया में स्थित गायत्री विद्यापीठ को बना दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर छात्राएं भड़क उठीं।
सभी ने इतनी दूर परीक्षा देने से इन्कार कर दिया है। छात्रा दीपिका, दिव्या, गींताजली, गुड़िया, गुलनांश, कल्पना, आरती, हेमा, लक्ष्मी आदि का कहना है कि 60 किलोमीटर दूर सेंटर होने से किराए पर कमरा लेना होगा।
परिवारीजनों को भी परीक्षा के दौरान रहना पड़ेगा। इससे परेशानी बढ़ेगी। रिसिया पिछड़ा क्षेत्र होने से वहां किराए पर मकान भी आसानी से नहीं मिलते। ऐसे में सभी ने दो दिन में स्थिति स्पष्ट न होने पर परीक्षा बहिष्कार की चेतावनी दी है।
150 से अधिक छात्राओं की संख्या पर स्थायी सेंटर का नियम
प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि डिग्री कॉलेज परीक्षा का नियम है कि जिस विद्यालय में 150 से अधिक छात्राएं हैं, वहां की छात्राओं का सेंटर स्वकेंद्र होना चाहिए।
लेकिन कुलपति को भेजी गलत रिपोर्ट से इस बार महाविद्यालय की छात्राओं को 60 किलोमीटर दूर परीक्षा देने जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष से महाविद्यालय को सेंटर बनाया जा रहा था लेकिन इस बार अनदेखी की गई, जिससे छात्राओं की परेशानी बढ़ी है।
नियम के तहत बनाए गए है सेंटर
शासन ने इस बार स्पष्ट निर्देश दिया था कि जिस कॉलेज में पिछले वर्ष परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए थे, उन्हें इस बार सेंटर नहीं बनाया जाएगा। उसी नियम के तहत काम हुआ है।
कुछ महाविद्यालय में जानकारी के अभाव में छात्राओं का सेंटर दूर गया था। आपत्ति 16 मार्च तक मांगी गई थी, जिन्होंने आपत्ति लगाई, उनका निस्तारण कर दिया गया। शेष महाविद्यालय परीक्षा संपन्न कराकर विश्वविद्यालय प्रशासन का सहयोग करें।
-मनोज दीक्षित, कुलपति, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय
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इससे छात्राओं ने परीक्षा देने में असमर्थता जताई है। छात्राओं ने परीक्षा बहिष्कार की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। छात्राओं की चेतावनी से डिग्री कॉलेज के प्राचार्य भी पशोपेश में हैं।
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शिवपुर विकासखंड अंतर्गत मटेराकला में महाराजदीन शुक्ल शिक्षण संस्थान स्थित है। इस डिग्री कॉलेज में क्षेत्र की 333 छात्राएं व 429 छात्र स्नातक संवर्ग में अध्ययनरत हैं।
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प्रबंधक अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए कॉलेज में जनरेटर, सीसीटीवी कैमरा आदि लगवाए गए।
कुलपति मनोज दीक्षित ने नामित अधिकारी चीफ प्रॉक्टर एमपी सिंह को डिग्री कॉलेज भेजकर जांच कराई। उन्होंने सीसीटीवी कैमरा, जनरेटर न होने की गलत रिपोर्ट लगा दी, जिससे महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है।
महाविद्यालय की 333 छात्राओं का सेंटर मटेराकला से 60 किलोमीटर दूर रिसिया में स्थित गायत्री विद्यापीठ को बना दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर छात्राएं भड़क उठीं।
सभी ने इतनी दूर परीक्षा देने से इन्कार कर दिया है। छात्रा दीपिका, दिव्या, गींताजली, गुड़िया, गुलनांश, कल्पना, आरती, हेमा, लक्ष्मी आदि का कहना है कि 60 किलोमीटर दूर सेंटर होने से किराए पर कमरा लेना होगा।
परिवारीजनों को भी परीक्षा के दौरान रहना पड़ेगा। इससे परेशानी बढ़ेगी। रिसिया पिछड़ा क्षेत्र होने से वहां किराए पर मकान भी आसानी से नहीं मिलते। ऐसे में सभी ने दो दिन में स्थिति स्पष्ट न होने पर परीक्षा बहिष्कार की चेतावनी दी है।
150 से अधिक छात्राओं की संख्या पर स्थायी सेंटर का नियम
प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि डिग्री कॉलेज परीक्षा का नियम है कि जिस विद्यालय में 150 से अधिक छात्राएं हैं, वहां की छात्राओं का सेंटर स्वकेंद्र होना चाहिए।
लेकिन कुलपति को भेजी गलत रिपोर्ट से इस बार महाविद्यालय की छात्राओं को 60 किलोमीटर दूर परीक्षा देने जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष से महाविद्यालय को सेंटर बनाया जा रहा था लेकिन इस बार अनदेखी की गई, जिससे छात्राओं की परेशानी बढ़ी है।
नियम के तहत बनाए गए है सेंटर
शासन ने इस बार स्पष्ट निर्देश दिया था कि जिस कॉलेज में पिछले वर्ष परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए थे, उन्हें इस बार सेंटर नहीं बनाया जाएगा। उसी नियम के तहत काम हुआ है।
कुछ महाविद्यालय में जानकारी के अभाव में छात्राओं का सेंटर दूर गया था। आपत्ति 16 मार्च तक मांगी गई थी, जिन्होंने आपत्ति लगाई, उनका निस्तारण कर दिया गया। शेष महाविद्यालय परीक्षा संपन्न कराकर विश्वविद्यालय प्रशासन का सहयोग करें।
-मनोज दीक्षित, कुलपति, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय