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रेल कोच कारखाने में धूल फांक रही मशीनों की जांच शुरू
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:16 AM IST
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रेल कोच कारखाने में धूल खा रही मशीनों की जांच शुरू
लालगंज (रायबरेली)। मॉडर्न रेल कोच कारखाने में धूल खा रही 200 करोड़ रुपये की मशीनों के मामले की जांच शुरू हो गई है।
इरकॉन एजेंसी को जांच सौंपी गई है। इरकॉन के सीएमडी, डायरेक्टर व कार्यकारी निदेशक ने गुरुवार से ही यहां डेरा डालकर खामियों की गहन पड़ताल की।
18 मार्च को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल कोच कारखाने का दौरा किया था। इस दौरान कारखाने में करोड़ों की कीमत की मशीनें को धूल खाते देख मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे।
बताते हैं कि कारखाने की स्थापना का पूरा जिम्मा रेलवे ने अपनी ही संस्था इरकॉन को दिया था। कारखाने के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से लेकर मशीनों की खरीद और उनकी कमीशनिंग तक का काम इरकॉन ने किया था।
मंत्री की फटकार के बाद गुरुवार को ही यहां इरकॉन के सीएमडी एसके चौधरी, डायरेक्टर दीपक सबलोक व अन्य आला अधिकारियों ने धूल खा रहीं करोड़ों की मशीनों की गहन पड़ताल की।
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इरकॉन के सीएमडी ने जीएम राजेश अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान जीएम श्री अग्रवाल ने उन्हें बताया कि जो मशीनें खराब हैं अथवा लगने के बाद से उत्पादन नहीं कर सकी हैं, वे उन्हें चलाने का बंदोबस्त कराएं।
जरूरी मैन पॉवर वे उपलब्ध करा देंगे। इरकॉन के यहां तैनात जीएम आनंद स्वरूप ने सीएमडी के आने की पुष्टि तो की लेकिन उनकी यात्रा का डिटेल बताने से कतराते रहे।
रेल कोच कारखाने के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आरपी शर्मा ने बताया कि इरकॉन के सीएमडी का दौरा रेल मंत्री के निर्देशों को लेकर ही था।
इरकॉन के आला अफसरों ने कारखाने में जाकर उन मशीनों की पड़ताल की जो उत्पादन के मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं।
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लालगंज (रायबरेली)। मॉडर्न रेल कोच कारखाने में धूल खा रही 200 करोड़ रुपये की मशीनों के मामले की जांच शुरू हो गई है।
इरकॉन एजेंसी को जांच सौंपी गई है। इरकॉन के सीएमडी, डायरेक्टर व कार्यकारी निदेशक ने गुरुवार से ही यहां डेरा डालकर खामियों की गहन पड़ताल की।
18 मार्च को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल कोच कारखाने का दौरा किया था। इस दौरान कारखाने में करोड़ों की कीमत की मशीनें को धूल खाते देख मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे।
बताते हैं कि कारखाने की स्थापना का पूरा जिम्मा रेलवे ने अपनी ही संस्था इरकॉन को दिया था। कारखाने के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से लेकर मशीनों की खरीद और उनकी कमीशनिंग तक का काम इरकॉन ने किया था।
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मंत्री की फटकार के बाद गुरुवार को ही यहां इरकॉन के सीएमडी एसके चौधरी, डायरेक्टर दीपक सबलोक व अन्य आला अधिकारियों ने धूल खा रहीं करोड़ों की मशीनों की गहन पड़ताल की।
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इरकॉन के सीएमडी ने जीएम राजेश अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान जीएम श्री अग्रवाल ने उन्हें बताया कि जो मशीनें खराब हैं अथवा लगने के बाद से उत्पादन नहीं कर सकी हैं, वे उन्हें चलाने का बंदोबस्त कराएं।
जरूरी मैन पॉवर वे उपलब्ध करा देंगे। इरकॉन के यहां तैनात जीएम आनंद स्वरूप ने सीएमडी के आने की पुष्टि तो की लेकिन उनकी यात्रा का डिटेल बताने से कतराते रहे।
रेल कोच कारखाने के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आरपी शर्मा ने बताया कि इरकॉन के सीएमडी का दौरा रेल मंत्री के निर्देशों को लेकर ही था।
इरकॉन के आला अफसरों ने कारखाने में जाकर उन मशीनों की पड़ताल की जो उत्पादन के मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं।