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स्वतंत्रता सेनानी की बहू की मौत
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:04 PM IST
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नवाबगंज (बहराइच)। नवाबगंज कस्बा निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बरातीलाल पटवा की पुत्र वधू अरसे से बीमार चल रही थी। वह आर्थिक तंगी से भी जूझ रही थी। माह भर पूर्व तहसील प्रशासन ने कुछ मदद की थी।
इसके बाद किसी ने सुध नहीं ली। परिवारीजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया है। वह लिवर व निमोनिया की बीमारी से ग्रसित थी।
नवाबगंज थाना अंतर्गत कस्बा निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बराती लाल पटवा की पुत्र वधू राजकुमारी (52) पत्नी राजकुमार सात माह से लिवर, निमोनिया व अन्य संक्रामक बीमारियों से ग्रसित थी।
परिवारीजनों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा था। माह भर पूर्व जब आर्थिक तंगी से जूझ रही राजकुमारी इलाज के लिए कराह रही थी, तब अमर उजाला ने खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था।
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इस पर एसडीएम नानपारा एसपी शुक्ला ने राजस्व टीम को गांव भेजकर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। 5100 रुपये की त्वरित सहायता दी थी।
एसडीएम ने चिकित्सकों की टीम राजकुमारी की देखभाल के लिए लगायी थी। शुरुआती दौर में दो दिन टीम पहुंची। लेकिन इसके बाद कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
एसडीएम का कहना है कि उन्हें परिवार के लोगों ने सूचना नहीं दी। डॉक्टरों ने लापरवाही क्यों बरती, जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
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इसके बाद किसी ने सुध नहीं ली। परिवारीजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया है। वह लिवर व निमोनिया की बीमारी से ग्रसित थी।
नवाबगंज थाना अंतर्गत कस्बा निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बराती लाल पटवा की पुत्र वधू राजकुमारी (52) पत्नी राजकुमार सात माह से लिवर, निमोनिया व अन्य संक्रामक बीमारियों से ग्रसित थी।
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परिवारीजनों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा था। माह भर पूर्व जब आर्थिक तंगी से जूझ रही राजकुमारी इलाज के लिए कराह रही थी, तब अमर उजाला ने खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था।
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इस पर एसडीएम नानपारा एसपी शुक्ला ने राजस्व टीम को गांव भेजकर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। 5100 रुपये की त्वरित सहायता दी थी।
एसडीएम ने चिकित्सकों की टीम राजकुमारी की देखभाल के लिए लगायी थी। शुरुआती दौर में दो दिन टीम पहुंची। लेकिन इसके बाद कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
एसडीएम का कहना है कि उन्हें परिवार के लोगों ने सूचना नहीं दी। डॉक्टरों ने लापरवाही क्यों बरती, जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।